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ये कैसी नौकरी! घोड़ों की सेवा करो और न्यूजीलैंड में फ्री रहो, खाना भी मुफ्त में, बदले में करना होगा घोड़ों की देखभाल का काम

अगर घूमने का शौक है और जानवरों से प्यार भी, तो न्यूजीलैंड का ये ऑफर आपके काम का हो सकता है. यहां घोड़ों के साथ वक्त बिताने के लिए होटल का मोटा बिल चुकाने की जरूरत नहीं पड़ेगी.

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हाइलाइट्स
  • चारा खिलाने से अस्तबल साफ करने तक काम

  • घोड़ों की देखभाल के बदले न्यूजीलैंड में फ्री रहने का मौका

अगर आपको घोड़े पसंद हैं और विदेश घूमने का सपना भी है, तो न्यूजीलैंड में एक ऐसा मौका है जहां आप बिना किसी खर्च के रह सकते हैं. यहां कई हॉर्स सैंक्चुअरी और रेस्क्यू सेंटर यात्रियों को घोड़ों की देखभाल के बदले रहने की सुविधा दे रहे हैं. यानी सुबह घोड़ों को चारा खिलाइए, उनकी सफाई कीजिए और शाम को न्यूजीलैंड की खूबसूरती का मजा लीजिए. कुछ जगहों पर खाने की सुविधा भी मिल सकती है.

घोड़ों की देखभाल के बदले मिलती है रहने की जगह
न्यूजीलैंड में कई हॉर्स सैंक्चुअरी और रेस्क्यू सेंटर ऐसे हैं, जो अपने काम के लिए वॉलंटियर्स पर काफी निर्भर रहते हैं. इन सेंटरों में यात्रियों को कुछ समय के लिए रहने की सुविधा दी जाती है. इसके बदले उन्हें रोजाना कुछ घंटे घोड़ों की देखभाल और सेंटर के दूसरे काम करने होते हैं. यानी यहां फ्री स्टे का मतलब बिना कुछ किए छुट्टी मनाना नहीं है. इसके बदले मेहनत करनी पड़ती है. हालांकि, घोड़ों से प्यार करने वालों के लिए यह काम किसी एडवेंचर से कम नहीं होता.

सुबह चारा खिलाना, फिर ग्रूमिंग और अस्तबल की सफाई
वॉलंटियर्स का रोज का काम कई तरह का हो सकता है. इसमें घोड़ों को खाना और पानी देना, उनकी ग्रूमिंग करना, अस्तबल साफ करना और उनके रहने की जगह को व्यवस्थित रखना शामिल है. इसके अलावा बाड़ की मरम्मत, घास वाले मैदान यानी पैडॉक की देखभाल और सेंटर से जुड़े छोटे-मोटे काम भी करने पड़ सकते हैं. काम की जिम्मेदारी सेंटर और वहां मौजूद घोड़ों की जरूरत के हिसाब से तय होती है.

 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

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कई घोड़े रेसिंग और मुश्किल हालात से आते हैं
इन रेस्क्यू सेंटरों में आने वाले सभी घोड़े एक जैसे नहीं होते. कई घोड़े SPCA से आते हैं, जबकि कुछ का संबंध रेसिंग से रहा होता है. कुछ घोड़ों को इलाज के बाद यहां रखा जाता है और कई ऐसे होते हैं जिनके मालिक अब उनकी देखभाल करने में सक्षम नहीं हैं. सैंक्चुअरी का मकसद ऐसे घोड़ों को सुरक्षित जगह देना और उनकी बेहतर देखभाल करना होता है. वॉलंटियर्स इस काम में सेंटर की मदद करते हैं.

Workaway और HelpX से मिलते हैं ऐसे मौके
ऐसे वॉलंटियर प्रोग्राम के लिए यात्री Workaway और HelpX जैसे प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर सकते हैं. आमतौर पर वॉलंटियर्स को रोजाना कुछ घंटे काम करना होता है. बदले में रहने की जगह दी जाती है और खाना भी उपलब्ध कराया जाता है. हालांकि, हर सेंटर के नियम और सुविधाएं अलग हो सकती हैं. हॉर्स रेस्क्यू सेंटरों में जगह सीमित होती है, क्योंकि इनके पास एक समय में ज्यादा लोगों को रखने की क्षमता नहीं होती. इसलिए जल्द से जल्द अप्लाई कर सकते हैं.

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