जर्मनी में ट्रैफिक
जर्मनी में ट्रैफिक
जर्मनी में ट्रैफिक नियम सिर्फ सख्त नहीं, बल्कि बेहद सुव्यवस्थित माने जाते हैं. वहां सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन की सतर्कता इतनी अधिक है कि ड्राइविंग से जुड़ी छोटी-सी लापरवाही भी भारी पड़ सकती है. खासतौर पर ऑटोबान (Autobahn) हाई-स्पीड हाईवे पर, जहां वाहन बेहद तेज रफ्तार में चलते हैं, वहां नियम और भी कड़े हो जाते हैं. यही कारण है कि ड्राइवर को यात्रा से पहले हर जरूरी बात की तैयारी करना अनिवार्य माना जाता है.
क्या है अनोखा नियम
इसी सख्ती के बीच एक ऐसा नियम भी है जो पहली बार सुनने पर थोड़ा अजीब लग सकता है. अगर किसी कार का पेट्रोल या डीजल ऑटोबान हाईवे पर खत्म हो जाए और गाड़ी बीच रास्ते में रुक जाए, तो इसे ड्राइवर की सीधी लापरवाही मानी जाती है और उस पर जुर्माना लगाया जा सकता है.
ऑटोबान का पूरा ढांचा ही हाई-स्पीड ड्राइविंग के लिए बनाया गया है. वहां गाड़ियां इतनी तेज चलती हैं कि यदि कोई वाहन अचानक रुक जाए, तो पीछे आने वाले ड्राइवर को प्रतिक्रिया देने के लिए कुछ ही सेकंड मिलते हैं. ऐसे में हादसे का खतरा कई गुना बढ़ जाता है.
इसीलिए जर्मनी के ट्रैफिक कानून Straßenverkehrs-Ordnung (StVO) में साफ लिखा है कि फ्यूल खत्म होना 'इमरजेंसी' नहीं है, बल्कि तैयरी की कमी है. यानी यह एक ऐसी स्थिति है जिसे ड्राइवर पहले से रोक सकता था. इसलिए फ्यूल खत्म होने पर ड्राइवर को जिम्मेदार ठहराया जाता है कि वह पहले से गाड़ी की टैंकी फुल क्यों नहीं करवाया.
जुर्माने की राशि कितनी हो सकती है?
अगर आपकी गाड़ी ईंधन खत्म होने की वजह से ऑटोबान पर रुकती है, तो आपको कितना शुल्क देना पड़ेगा, यह इस बात पर निर्भर करता है कि स्थिति कितनी गंभीर है. सामान्य रूप से 30 से 70 यूरो का जुर्माना लग सकता है. लेकिन अगर आपकी गाड़ी से ट्रैफिक को खतरा होता है, तो राशि बढ़कर 80 यूरो भी जो सकती है. दुर्घटना होने पर जुर्माना 120 यूरो या उससे ज्यादा चला जाता है. यहां तक कि कुछ मामलों में तो लाइसेंस पर पेनल्टी पॉइंट भी जुड़ जाते हैं. लेकिन अगर स्थिति गंभीर हो जाए, तो अस्थायी ड्राइविंग बैन भी लगाया जा सकता है. इसके अलावा, सड़क पर लंबे समय तक वाहन खड़ा रहना एक अलग उल्लंघन माना जाता है, जिसके लिए ड्राइवर को भारी चालान का भुगतान करना पड़ता है.
आखिर इतना सख्त नियम क्यों?
यह नियम किसी को परेशान करने के लिए नहीं है. बल्कि इसका मकसद सड़क पर मौजूद हर इंसान की जान को सुरक्षा देना है. जर्मनी में माना जाता है कि जिम्मेदार ड्राइवर वही है जो अपनी गाड़ी के फ्यूल लेवल की नियमित जांच करता रहे और सफर से पहले टैंक खाली न होने दे. इसीलिए जब कोई व्यक्ति फ्यूल खत्म होने तक इंतजार करता है, तो इसे अनावश्यक जोखिम और स्पष्ट लापरवाही की श्रेणी में रखा जाता है. यह नियम सिर्फ स्थानीय निवासियों पर ही नहीं, बल्कि जर्मनी घूमने आने वाले सभी पर्यटकों पर भी वहां की सरकार समान रूप से लागू करती है.
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