Planets Causing Accidents: जीवन में दुर्घटनाओं के लिए कौन से ग्रह हैं जिम्मेदार? जानिए इससे बचने के अचूक उपाय

Astrology: जीवन में होने वाली दुर्घटनाओं के लिए ग्रह जिम्मेदार होते हैं. सूर्य और चंद्रमा दुर्घटना के सबसे बड़े जिम्मेदार होते हैं. इसके बाद राहु, मंगल और शनि का दुर्घटनाओं के साथ संबंध होता है. आइए दुर्घटनाओं से बचने के अचूक उपायों के बारे में जानते हैं. 

Planets Causing Accidents
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 10 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 11:12 PM IST

दुर्घटनाओं का ग्रहों से संबंध होता है. ज्योतिषी शैलेंद्र पांडे ने विभिन्न प्रकार की दुर्घटनाओं के ज्योतिषीय कारणों और उनसे बचाव के उपायों के बारे में बताया. उन्होंने बताया कि कोई भी बुरी घटना आकस्मिक रूप से घट जाय तो वह दुर्घटना है. दुर्घटना केवल चोट-चपेट या शारीरिक ही नहीं होती, कभी-कभी अन्य तरीके से भी दुर्घटना घट सकती है. दुर्घटना आर्थिक और मानसिक भी हो सकती है. शैलेंद्र पांडे के अनुसार, सूर्य और चंद्रमा दुर्घटना के सबसे बड़े जिम्मेदार होते हैं क्योंकि आपके दैनिक जीवन पर सूर्य-चंद्र का प्रभाव सबसे ज्यादा होता है. इसके अलावा राहु, मंगल और शनि भी बड़ी दुर्घटनाओं का कारण बनते हैं.

बृहस्पति, शुक्र और बुध चंद्र दुर्घटनाओं से बचाव में सहायक होते हैं. ज्योतिष शास्त्र में शारीरिक और वाहन दुर्घटनाओं से बचने के उपाय बताए गए हैं. कुंडली में किसी भी प्रकार की दुर्घटना का योग हो तो राम रक्षा स्रोत का पाठ करें. साढ़े साती या ढैया का प्रकोप हो तो बजरंग बाण पढ़ें. मारक दशा हो तो शिव जी का रुद्राभिषेक करवाएं. यात्रा शुरू करने के पूर्व अपने गुरु या ईष्ट का ध्यान करें.

बुध खराब हो तो पन्ना कभी न पहनें. साथ ही नियमित रूप से विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें. मंगल के कारण समस्या हो तो रोज हनुमान चालीसा पढ़े. मांस-मदिरा त्याग दें. राहु का प्रभाव हो तो दारिद्रय दहन स्रोत का पाठ करें. साथ ही नियमित रूप से धन का दान करें. यदि आपको बराबर यात्रा करनी पड़ती हो तो अपने साथ एक हनुमान चालीसा की प्रति अवश्य रखें. प्रातःकाल सूर्य देव को जल अर्पित करें. इसके बाद एक बार हनुमान चालीसा का पाठ करें.

वाहन दुर्घटनाओं के लिए कौन से ग्रह हैं जिम्मेदार 
- शनि राहु या शनि मंगल के कारण वाहन दुर्घटनाएं घटती हैं.
- साढे साती या ढैया में भी वाहन दुर्घटनाएं होती हैं.
- इसमें लग्न के स्वामी के कमजोर होने पर शारीरिक क्षति होती है.
- मारक दशा होने पर प्राणांत हो जाता है.
- अन्यथा केवल वाहन की क्षति होती है.

उपाय
- कुंडली में ऐसा योग हो तो राम रक्षा स्रोत का पाठ करें.
- साढ़े साती या ढैया का प्रकोप हो तो बजरंग बाण पढ़ें.
- मारक दशा हो तो शिव जी का रुद्राभिषेक करवाएं.
- यात्रा शुरू करने के पूर्व अपने गुरु या ईष्ट का ध्यान करें.

आर्थिक दुर्घटनाओं के ग्रह और योग कौन से हैं
-
बुध खराब हो तो आर्थिक दुर्घटनाओं के योग बनते हैं.
- मंगल के कारण व्यक्ति एकदम से कर्जों में डूब जाता है.
- राहु का प्रभाव होने से व्यक्ति राजा से रंक हो जाता है.
- बृहस्पति आर्थिक दुर्घटना घट जाने के बावजूद दोबारा से मजबूत कर देता है.

उपाय
-
बुध खराब हो तो पन्ना कभी न पहनें.
- साथ ही नियमित रूप से विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें.
- मंगल के कारण समस्या हो तो रोज हनुमान चालीसा पढ़ें.
- मांस-मदिरा त्याग दें.
- राहु का प्रभाव हो तो दारिद्रय दहन स्रोत का पाठ करें.
- साथ ही नियमित रूप से धन का दान करें.

रिश्तों की दुर्घटनाओं के लिए कौन से ग्रह जिम्मेदार
-
चन्द्र और शुक्र रिश्तों में आकस्मिक समस्याएं पैदा करते हैं.
- राहु इस समस्या में बढ़ोतरी कर देता है.
- मंगल के कारण रिश्तों में विस्फोटक दुर्घटना घट जाती है.

उपाय
-
कुंडली में जो ग्रह समस्या कारक है, उसकी शांति कराएं.
- नियमित रूप से सूर्य को जल अर्पित करें.
- भगवान शिव और मां पार्वती की संयुक्त उपासना करें.
- हीरा सोच समझकर ही धारण करें.


 

 

Read more!

RECOMMENDED