कुंडली में पंचम भाव और एकादश भाव मित्रता से संबंध रखता है. इसके अलावा सप्तम भाव आपके सहयोगियों का होता है. शैलेंद्र पांडे ने बताया कि चंद्रमा और बुध मित्रता के निर्णायक ग्रह हैं. चंद्रमा भावनात्मक मित्रता को बढ़ावा देता है, जबकि बुध बुद्धि और कैलकुलेशन के आधार पर मित्रता करवाता है.
चंद्रमा के खराब होने पर जीवन में नकारात्मक मित्र मिल सकते हैं, वहीं, बुध के मजबूत होने पर मित्रता में कैलकुलेशन अधिक होता है. आपकी राशि और आपका लग्न आकर्षण पैदा करते हैं. ऐसे में आप लग्न और राशि से दूसरों के प्रति आकर्षित हो जाते हैं. चंद्रमा भावनात्मक मित्रता करवाता है और बुद्ध बुद्धि से मित्रता करवाता है. जीवन में अच्छे मित्र पाने के लिए सकारात्मक सोच रखना बेहद जरूरी है. सूर्यदेव को जल अर्पित करने और भगवान श्रीकृष्ण की उपासना करने से जीवन में सकारात्मकता आती है और अच्छे मित्र मिलते हैं. शैलेंद्र पांडे ने बताया कि भगवान कृष्ण को सबसे बड़ा मित्र माना जाता है. उनकी उपासना से जीवन में अच्छे मित्र आते हैं.
कब जीवन में अच्छे मित्र नहीं मिलते
1. यदि कुंडली में चंद्रमा खराब हो या दूषित हो.
2. यदि एकादश भाव बहुत सारे ग्रह हों.
3. अगर कुंडली में लग्न खराब हो.
4. अगर कुंडली में राहु केंद्र स्थानों में हो.
5. अगर कुंडली में बुध काफी मजबूत हो.
कब जीवन में मिलते हैं अच्छे मित्र
1. कुंडली में चन्द्रमा का अच्छा होना, अच्छे मित्र देता है.
2. एकादश भाव का अच्छा होना भी अच्छे मित्र देता है.
3. सप्तम भाव अच्छा हो तो अच्छे सहयोगी मिलते हैं.
4. कुंडली में बृहस्पति मजबूत हो तो भी अच्छे मित्र मिल जाते हैं.
5. कुंडली में शुक्र अच्छा हो तो, व्यक्ति के बहुत सारे जानने वाले होते हैं.
कैसे पाएं अच्छे मित्र
1. अपने विचारों को सकारात्मक रखें.
2. बहुत ज्यादा गणनाओं का प्रयास न करें.
3. नित्य प्रातः सूर्य को जल अर्पित करें.
4. नियमित रूप से भगवान श्रीकृष्ण की उपासना करें.