Brihaspati Dev
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बृहस्पति ग्रह के तीन महायोग पहला गजकेसरी योग, दूसरा हंस योग और तीसरा केंद्रगत बृहस्पति महायोग होता है. इन योगों का प्रभाव आपके जीवन को धन, मान-सम्मान और सफलता से भर सकता है. आइए इन महायोगों के बारे में विस्तार से जानते हैं.
गजकेसरी योग: शाही जीवन का वरदान
गजकेसरी योग ज्योतिष का सबसे बड़ा और शुभ योग माना जाता है. यह योग तब बनता है जब चंद्रमा और बृहस्पति केंद्र में होते हैं. ज्योतिषियों के अनुसार, यदि बृहस्पति कर्क राशि में या चंद्रमा वृष राशि में हो तो यह योग व्यक्ति को शाही जीवन प्रदान करता है लेकिन चंद्रमा या बृहस्पति के कमजोर या पाप क्रांत होने पर इसका प्रभाव कम हो जाता है. इस योग के लाभ उठाने के लिए सात्विक जीवनशैली अपनाने, माता-पिता का सम्मान करने और ईश्वर की आराधना करने की सलाह दी जाती है.
हंस योग: साधारण से असाधारण बनने का मार्ग
हंस योग पंच महापुरुष योगों में से एक है. यह योग तब बनता है जब बृहस्पति कर्क, धनु या मीन राशि में हो और केंद्र या त्रिकोण में स्थित हो. इस योग के प्रभाव से व्यक्ति को भौतिक और दैवीय कृपा प्राप्त होती है. हंस योग वाले जातक निर्भीक, न्यायप्रिय और उच्च पदों पर आसीन होते हैं. इस योग के लाभ उठाने के लिए आध्यात्मिक मार्ग पर चलने, अहंकार से बचने और दूसरों की सहायता करने की सलाह दी जाती है.
केंद्रगत बृहस्पति: कुंडली को शक्तिशाली बनाने वाला योग
केंद्रगत बृहस्पति महायोग तब बनता है जब बृहस्पति कुंडली के लग्न, चौथे, सातवें या दसवें भाव में स्थित हो. इन भावों को कुंडली का प्राण माना जाता है. इस योग के प्रभाव से कुंडली के सभी दोष समाप्त हो जाते हैं और व्यक्ति को अपार सफलता मिलती है. लेकिन यह योग तब प्रभावी होता है जब बृहस्पति मकर राशि में न हो. इस योग के लाभ उठाने के लिए ध्यान, पूजा और गायत्री मंत्र का जाप करने की सलाह दी जाती है.
साईं बाबा की उपासना: बृहस्पतिवार का महत्व
ज्योतिषियों के अनुसार, बृहस्पतिवार को साईं बाबा की पूजा करने से हर मनोकामना पूरी हो सकती है. इस दिन साईं बाबा को पीले फूल अर्पित करें, गुड़ चने का भोग लगाएं और साईं चरित्र का पाठ करें. साईं बाबा अपने भक्तों की हर छोटी-बड़ी ख्वाहिश पूरी करते हैं.