Relationship of Office with Planets
Relationship of Office with Planets
आपके ऑफिस का सीधा संबंध शनि से है. यह ऑफिस के लोगों के बारे में बताता है. इसके अलावा कुंडली का सप्तम और दशम भाव भी महत्वपूर्ण है. इससे आप यह समझ सकते हैं कि ऑफिस का माहौल कैसा है. बुध भी यहां महत्वपूर्ण हो जाता है क्योंकि इसकी सहायता से व्यक्ति अपने ऑफिस पर एडजस्ट कर पाता है. राहु और मंगल ऑफिस में समस्याएं पैदा करते हैं. कुंडली में सप्तम भाव कमजोर होने पर वहां असहयोग मिलता है.
कैसे करें ऑफिस की स्थितियों को ठीक
1. यदि अनावश्यक काम करना पड़ता हो तो नित्य प्रातः और शाम में शनि मंत्र का जप करें. एक लोहे का छल्ला धारण करें. अपने काम करने की जगह पर एक सफेद मार्बल का टुकड़ा रखें. अपने सामने रंग-बिरंगे फूलों का चित्र लगाएं.
2. यदि सहयोगियों से समस्या हो तो नित्य प्रातः सूर्य को जल अर्पित करें. स्नान के बाद हल्की सुगंध जरूर लगाएं. ऑफिस जाते समय गुड़ खाकर जाएं. मंगलवार को हनुमान मंदिर जाकर हनुमान जी का दर्शन करें. काम के स्थान पर एक लाल रंग का फूल रखें.
3. यदि किए हुए काम की प्रशंसा न मिलती हो तो नित्य प्रातः सूर्य को जल अर्पित करें. एक तांबे का छल्ला जरूर धारण करें. काम के स्थान पर उगते हुए सूर्य का चित्र लगाएं. अपनी पेन दूसरों को न दें.
4. यदि ऑफिस की राजनीति से परेशान हों तो नित्य प्रातः सूर्य को जल अर्पित करें. इसके बाद आदित्य ह्रदय स्रोत का पाठ करें. अपने काम के स्थान पर गायत्री मंत्र लिखकर लगाएं.
5. यदि खुद एडजस्ट करने में समस्या हो रही हो तो रोज स्नान करें. नमः शिवाय का जप करें. चंदन की सुगंध का प्रयोग जरूर करें. एक पेरिडॉट या मोती सलाह लेकर धारण करें.
6. शनि ग्रह अनुशासन और कर्म का कारक है और इनकी अशुभ स्थिति के कारण कार्यक्षेत्र में देरी और आलस्य की समस्या हो सकती है. इससे छुटकारा पाने के लिए शनिवार के दिन 108 बार ॐ शं शनैश्चराय नमः मंत्र का जाप कर लें.
7. मंगलवार और शनिवार को हनुमान चालीसा का पाठ करें और हनुमान जी को गुड़-चना अर्पित करें. इससे शनि का नकारात्मक प्रभाव संतुलित होता है. शनिवार को काले तिल, कपड़े या तेल का दान करने से भी शनि की शांति होती है और कार्यक्षेत्र में अनुशासन बढ़ता है.
8. राहु ग्रह का अशुभ प्रभाव भी भ्रम और अव्यवस्था का कारण बन सकता है, इससे समय पर ऑफिस पहुंचने में कठिनाई होती है. इससे मुक्ति पाने कि लिए बुधवार को भगवान गणेश की पूजा करें और ॐ गं गणपतये नमः मंत्र का 108 बार जाप करें, क्योंकि यह राहु के अशुभ प्रभाव को कम करता है.
9. राहु की शांति के लिए दुर्गा सप्तशती का पाठ या ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुंडायै विच्चे मंत्र का जाप भी कर सकते हैं. इसके अलावा नारियल या काले कंबल का दान करने से राहु का अशुभ प्रभाव कम होता है और टाइम मैनेजमेंट में सुधार होता है.
10. बुध बुद्धि, कम्युनिकेशन और तर्कशक्ति के कारक ग्रह माने जाते हैं. इनकी अशुभ स्थिति निर्णय लेने और समय प्रबंधन में बाधा डाल सकती है.बुधवार को ॐ बुं बुद्धाय नमः मंत्र का 108 बार जाप करने से बुद्धि और समय प्रबंधन में सुधार होता है. तुलसी के पौधे को जल चढ़ाने और उसकी पूजा करने से बुध का शुभ प्रभाव प्राप्त होता है.