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Astrology: व्यक्ति कब लेता है सही फैसला? जानें निर्णय क्षमता को मजबूत करने के उपाय

ज्योतिष के मुताबिक व्यक्ति की निर्णय क्षमता का संबंध मुख्य रूप से चंद्रमा, बुध और बृहस्पति ग्रह से होता है. इसके अलावा कुंडली के पंचम, नवम और एकादश भाव भी निर्णय शक्ति को निर्धारित करते हैं. यहां आप जान सकते हैं निर्णय क्षमता को मजबूत करने के उपाय. 

Decision making ability is related to planets
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 22 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 5:56 PM IST

ज्योतिष में निर्णय लेने की क्षमता पंचम, नवम तथा एकादश भाव से देखी जाती है. अलग-अलग तत्वों से अलग-अलग तरह की निर्णय लेने की स्थितियां बन जाती हैं. इसी प्रकार अलग-अलग ग्रह निर्णय क्षमता पर अलग-अलग प्रभाव डालते हैं. पंडित शैलेंद्र पांडेय ने बताया चन्द्रमा मन का कारक होता है, अतः निर्णय क्षमता में इसकी विशेष भूमिका होती है. हस्तरेखा विज्ञान में अंगूठा निर्णय क्षमता को दर्शाता है. निर्णय क्षमता का संबंध मुख्य रूप से चंद्रमा, बुध और बृहस्पति ग्रह से होता है. इसके अलावा कुंडली के पंचम, नवम और एकादश भाव भी निर्णय शक्ति को निर्धारित करते हैं.

कौन से ग्रह निर्णय क्षमता को कैसे करते हैं प्रभावित? 
सूर्य प्रधान लोग तुरंत निर्णय लेते हैं, परिणाम ठीक ही रहता है. चन्द्रमा वाले लोगों निर्णय आमतौर पर भावनाओं से चलता है. मंगल प्रधान लोग जोश में निर्णय लेते हैं. बुध प्रधान लोग अक्सर निर्णय लेने में दुविधा के शिकार हो जाते हैं. बृहस्पति और शुक्र प्रधान लोग अक्सर संतुलित निर्णय ले लेते हैं. शनि प्रधान लोग सोच समझकर और बेहतरीन निर्णय लेते हैं. 

कब व्यक्ति निर्णय ठीक नहीं ले पाता और हो जाता है असफल? 
पंचम भाव के स्वामी के कमजोर होने पर या पापक्रांत होने पर, जल तत्व की मात्रा ज्यादा होने पर, अग्नि तत्व मजबूत होने पर व्यक्ति जोश में गलत निर्णय ले लेता है और कभी कभी बुरी तरह असफल होता है. अगर कुंडली में चन्द्र और बुध की प्रधानता हो तो व्यक्ति चंचल स्वभाव और भावनाओं के कारण गलत निर्णय लेता है. अगर अंगूठे का पहला पोर लचीला हो व्यक्ति बार-बार निर्णय बदलता है और असफलता का सामना करता है. 

निर्णय क्षमता मजबूत करने के सरल उपाय 
प्रातः काल नवोदित सूर्य को जल जरूर अर्पित करें. महिलाएं जल में हल्दी डाल लें और पुरुष रोली मिला लें. महीने में दो एकादशी या एक पूर्णिमा का जलीय उपवास रखें. भगवान शिव के पंचाक्षरी मंत्र नमः शिवाय का जाप करें या भगवान विष्णु के द्वादशाक्षर मंत्र ॐ नमो भगवते वासुदेवाय का जाप करें. शनिवार को प्रकाश का दान करें. पीला पुखराज या हीरा धारण करने से भी निर्णय क्षमता मजबूत होती है. 


 

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