connection between handwriting and the planets
connection between handwriting and the planets
लिखावट का संबंध आपकी मानसिक स्थिति से है. यह शारीरिक स्थिति को भी बताता है. कुंडली का तृतीय भाव हाथ और अच्छी लिखावट का होता है. ज्योतिषी शैलेंद्र पांडेय ने बताया कि कुंडली में बुध और चंद्रमा अच्छी लिखावट से संबंध रखते हैं. कभी-कभी इसमें शुक्र की भूमिका भी होती है. अलग-अलग तरीके की लिखावट ग्रहों और जीवन के बारे में बता सकती है.
आप बिलकुल सीधा लिखते हों तो इसका क्या है अर्थ?
ऐसे लोगों का स्वभाव बहुत सख्त होता है. जीवन में संघर्ष की मात्रा ज्यादा होती है. ऐसे लोगों को आमतौर पर जीवन के दूसरे हिस्से में सुख मिल पाता है. ऐसी लिखावट वालों को अपनी वाणी और स्वभाव को मधुर बनाने का प्रयास करना चाहिए. ऐसे लोगों को शनि देव की उपासना करनी चाहिए, ताकि संघर्ष कम से कम हो.
यदि लिखावट एक तरफ झुकी हुई हो तो इसका क्या है अर्थ?
ऐसे लोग आम तौर पर रूढ़िवादी और पुराने विचारों के होते हैं. तकनीकी या कानून की पढ़ाई करते हैं. धन बहुत कमाते हैं और दिखावा पसंद होते हैं. ऐसे लोगों को हमेशा लोगों की भावनाओं को समझना चाहिए. इनको सूर्य देव की उपासना जरूर करनी चाहिए, ताकि जीवन में विवाद न रहें.
यदि लिखावट के अक्षर बड़े-बड़े हों तो इसका क्या है अर्थ?
ऐसे लोग किसी भी मान्यता या बंधन को स्वीकार नहीं करते हैं. हमेशा दुनिया से अलग हट कर कुछ करना चाहते हैं और करते भी हैं. अक्सर बड़बोलापन और अहंकार इनको ले डूबता है. ऐसे लोगों को हमेशा ईश्वर की भक्ति करनी चाहिए ताकि अहंकार न आए. ऐसे लोगों को भगवान शिव की उपासना करनी चाहिए.
यदि लिखावट के अक्षर छोटे-छोटे हों तो इसका क्या है अर्थ?
ऐसे लोग बड़े प्रेमी और रोमांटिक स्वभाव के होते हैं. बड़ी छोटी सी जगह से बड़ी ऊंचाइयों तक पहुंचते हैं. ऐसे लोग धन के मामले में बड़े कंजूस होते हैं. कष्ट सहकर भी धन बचाते हैं. ऐसे लोगों को नियमित रूप से दान करते रहना चाहिए, ताकि धन का मोह समाप्त हो. ऐसे लोगों को किसी भी रूप में ईश्वर की उपासना करनी चाहिए.
यदि लिखावट के ऊपर कोई आधार न हो तो इसका क्या है अर्थ?
ऐसे लोग बड़े बुद्धिमान तथा बड़े मेहनती होते हैं. प्रशासन तथा शक्ति के क्षेत्र में बड़ी सफलता प्राप्त करते हैं. ऐसे लोगों को प्रेम तथा प्रेम विवाह की सम्भावना बड़ी प्रबल होती है. इन लोगों को अपने लक्ष्य के प्रति हमेशा सतर्क रहना चाहिए, ताकि भटकाव न हो. ऐसे लोगों को नियमित रूप से हनुमान जी की उपासना करनी चाहिए.
यदि लिखावट बहुत टेढ़ी-मेढ़ी और उलझी हुई हो तो इसका क्या है अर्थ?
ऐसे लोगों की जिन्दगी बड़ी उलझी हुई होती है और काफी उतार चढ़ाव भरी हुई होती है. हालांकि ऐसे लोग बड़े भाग्यशाली होते हैं. कोई भी रुकावट इनका रास्ता नहीं रोक सकती. ऐसे लोग एक साथ कई चीज़ों में हाथ डाल देते हैं, जहां से मुश्किलें शुरू हो जाती हैं. इन लोगों को एक बार में एक ही काम करना चाहिए, ताकि चीजें स्पष्ट रहें. ऐसे लोगों को गायत्री मंत्र का नित्य प्रातः जाप करना चाहिए.