Relation of Worship with Astrology: पूजा-उपासना का ज्योतिष और ग्रहों से क्या है संबंध, जानें कैसे कोई भिन्न-भिन्न देवी-देवाताओं की करता है आराधना?

जन्म-जन्मांतर के संस्कारों के कारण व्यक्ति का देवी-देवता के किसी खास स्वरुप की तरफ आकर्षण होता है. वैदिक ज्योतिष में ग्रह मात्र खगोलीय पिंड नहीं हैं, इन्हें ऐसे देवताओं के रूप में पूजा जाता है, जिनका हमारे जीवन पर सीधा प्रभाव पड़ता है. 

Relation of Worship with Astrology
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 25 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 4:13 PM IST

कुंडली के हिसाब से देवी-देवताओं का चुनाव नहीं होता. जन्म-जन्मांतर के संस्कारों के कारण व्यक्ति का देवी-देवता के किसी खास स्वरुप की तरफ आकर्षण होता है. कुंडली का प्रधान ग्रह भी व्यक्ति के उपासना का तरीका बताता है. कभी-कभी व्यक्ति अपने कुंडली के कमजोर ग्रह को मजबूत करने के लिए विशेष देवी-देवता की पूजा करता है.  वैदिक ज्योतिष में ग्रह मात्र खगोलीय पिंड नहीं हैं, इन्हें ऐसे देवताओं के रूप में पूजा जाता है, जिनका हमारे जीवन पर सीधा प्रभाव पड़ता है. 

ये हैं नवग्रह
1.
सूर्य
2. चंद्रमा
3. मंगल 
4. बुध 
5. बृहस्पति 
6. शुक्र 
7. शनि 
8. राहु 
9. केतु

सूर्य का प्रभाव किस तरह के देवी-देवता की करवाता है पूजा 
सूर्य का प्रभाव व्यक्ति को सूर्य की ओर ही ले जाता है. ऐसे लोग ज्यादातर सूर्य देव या हनुमान जी की पूजा करते हैं. इससे इनके जीवन में ऊर्जा बनी रही है. 

चंद्रमा का प्रभाव
चंद्रमा का प्रभाव व्यक्ति को विभिन्न देवी-देवताओं की पूजा करवाता है. ऐसे लोग स्थिरता से किसी एक स्वरुप की पूजा नहीं करते. फिर भी ज्यादातर इनका झुकाव व्रत और उपवास की ओर होता है. 

मंगल का प्रभाव
मंगल का प्रभाव व्यक्ति को देवी या हनुमान जी की पूजा करवाता है. ऐसे लोग लंबे-लंबे अनुष्ठान में लगे रहते हैं. इनको तिलक लगाने का विशेष शौक होता है.  

बुध का प्रभाव
इसका प्रभाव व्यक्ति को भगवान विष्णु या उनके अवतारों की पूजा करवाता है. ऐसे लोग पूजा उपासना में नृत्य, कीर्तन और संगीत को शामिल करते हैं. इन लोगों को तमाम पूजा स्थानों में जाकर दर्शन करना अच्छा लगता है.

बृहस्पति का प्रभाव 
इसका प्रभाव व्यक्ति को शिव जी की पूजा की ओर ले जाता है. ऐसे लोग ज्यादा दिखावे या प्रदर्शन में नहीं रहते. इनको गले में माला पहनने का काफी शौक होता है. 

शुक्र का प्रभाव 
इसका प्रभाव व्यक्ति को विभिन्न देवी-देवताओं की पूजा की ओर ले जाता है. ऐसे लोग पूजा-उपासना में खूब प्रदर्शन करते हैं. वस्त्र से लेकर अपनी पूजा पद्धति लोगों को बताने में इनको खूब गर्व होता है. 

शनि का प्रभाव
ऐसे लोग ज्यादातर सामान्य पूजा उपासना नहीं करते. इनको ज्यादातर ध्यान और रहस्य वाली उपासना में आनंद आता है. ये धर्म से ज्यादा अध्यात्म की ओर झुकाव रखते हैं.  

राहु केतु का प्रभाव
ऐसे लोग ज्यादातर छुद्र देवताओं की उपासना करते हैं. कभी-कभी ये लोग सटीक तंत्र साधना भी करते हैं. ये लोग विभिन्न धर्मस्थानों की यात्रा और स्नान का सुअवसर भी पाते हैं. 

 

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