Lunar Eclipse of 2026
Lunar Eclipse of 2026
3 मार्च को साल का पहला पूर्ण चंद्र ग्रहण लगेगा. यह ग्रहण सिंह राशि और पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में होगा और करीब 3 घंटे 27 मिनट तक प्रभावी रहेगा. दोपहर 3:20 बजे से इसकी शुरुआत मानी जा रही है, जबकि शाम 6:46 बजे ग्रहण समाप्त होगा. खास बात यह है कि यह भारत सहित पूर्वी एशिया, ऑस्ट्रेलिया और प्रशांत क्षेत्र के कई हिस्सों में दिखाई देगा.
ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार ग्रहण से 9 घंटे पहले सूतक काल शुरू हो जाएगा. इस दौरान मांगलिक कार्य, गृह प्रवेश या नई शुरुआत टालने की सलाह दी जाती है.
इन 3 राशियों पर पड़ सकता है ज्यादा असर
सिंह राशि
सिंह राशि के जातकों के लिए यह समय थोड़ा चुनौतीपूर्ण रह सकता है. कार्यस्थल पर दबाव बढ़ सकता है और अधिकारियों से तालमेल बिगड़ने की आशंका है. आत्मविश्वास में कमी और मानसिक बेचैनी महसूस हो सकती है. अचानक खर्च बढ़ सकते हैं, इसलिए निवेश सोच-समझकर करें. परिवार और दांपत्य जीवन में भी तनाव की स्थिति बन सकती है. सेहत के लिहाज से सिरदर्द, आंखों में जलन या थकान परेशान कर सकती है.
वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि वालों को आर्थिक मामलों में सावधानी रखनी होगी. अटका हुआ पैसा देर से मिल सकता है. नौकरी और व्यापार में उतार-चढ़ाव की स्थिति बन सकती है. सहकर्मियों से मतभेद या छिपे विरोधियों से परेशानी संभव है. मानसिक तनाव बढ़ सकता है और रिश्तों में कड़वाहट आ सकती है. स्वास्थ्य की बात करें तो पेट या ब्लड प्रेशर से जुड़ी दिक्कतों को नजरअंदाज न करें.
मीन राशि
मीन राशि के लोगों के लिए यह समय उलझनों भरा हो सकता है. काम में देरी और मेहनत का अपेक्षित फल न मिलने से निराशा हो सकती है. खर्च बढ़ने से बजट बिगड़ सकता है. परिवार में मतभेद या करीबी लोगों से अनबन संभव है. नींद की कमी और मानसिक अस्थिरता महसूस हो सकती है. यात्रा करते समय सावधानी बरतें और किसी पर आंख बंद करके भरोसा न करें.
गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष सावधानी
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण काल में गर्भवती महिलाओं को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी जाती है.
बाहर निकलने से बचें: मान्यता है कि ग्रहण को सीधे देखने या उसकी छाया में आने से नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है. इसलिए गर्भवती महिलाओं को घर के अंदर रहने की सलाह दी जाती है.
खान-पान पर ध्यान: परंपरा के अनुसार ग्रहण के दौरान भोजन न करने की सलाह दी जाती है. हालांकि चिकित्सकीय जरूरत होने पर यह नियम लागू नहीं होता. बेहतर है कि ग्रहण शुरू होने से पहले हल्का और संतुलित आहार ले लिया जाए.
ग्रहण के बाद शुद्धिकरण: ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान कर घर में गंगाजल का छिड़काव करने की परंपरा है. तुलसी युक्त गंगाजल ग्रहण करने की भी मान्यता है.
नुकीली वस्तुओं से दूरी: धार्मिक मान्यता के अनुसार ग्रहण काल में धारदार या नुकीली वस्तुओं का प्रयोग करने से बचना चाहिए.