Income Tax Return Filing 2026: टैक्सपेयर्स ध्यान दें! जल्दी में न भरें ITR, इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने के लिए जरूर करें 15 जून तक इंतजार, नहीं तो बढ़ सकती हैं आपकी मुश्किलें

ITR Filing 2026: इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ITR-1 और ITR-4 फॉर्म को जारी कर दिया है. यदि आप जल्दी रिटर्न का पैसा पाने के लिए इनकम टैक्स रिटर्न मई में ही फाइल करने जा रहे हैं तो रुकें. आपको आईटीआर भरने के लिए 15 जून तक इंतजार करना चाहिए. टैक्स एक्सपर्ट्स के मुताबिक कई बार जरूरी टैक्स डॉक्यूमेंट्स और डेटा 15 जून तक पूरी तरह अपडेट ही नहीं होते हैं. ऐसे में यदि आप इस तारीख से पहले ITR फाइल करेंगे तो बाद में आपको आयकर विभाग से नोटिस, गलत टैक्स कैलकुलेशन और रिवाइज्ड रिटर्न जैसी परेशानी झेलनी पड़ सकती हैं.

ITR Filing 2026
मिथिलेश कुमार सिंह
  • नई दिल्ली,
  • 25 मई 2026,
  • अपडेटेड 12:55 PM IST

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने वित्त वर्ष 2025-26 (असेसमेंट ईयर 2026-27) के लिए ITR-1 और ITR-4 फॉर्म को जारी कर दिया है. इसके साथ ही इनकम टैक्स रिटर्न (Income Tax Return) यानी आईटीआर (ITR) दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है. यदि आप जल्दी रिटर्न का पैसा पाने के लिए,  आखिरी समय की भागदौड़ से बचने और जल्द टैक्स काम निपटाने के लिए इनकम टैक्स रिटर्न मई में ही फाइल करने जा रहे हैं तो रुकें. आपको आईटीआर भरने के लिए 15 जून तक इंतजार करना चाहिए.

टैक्स एक्सपर्ट्स के मुताबिक कई बार जरूरी टैक्स डॉक्यूमेंट्स और डेटा 15 जून तक पूरी तरह अपडेट ही नहीं होते हैं. ऐसे में यदि आप इस तारीख से पहले ITR फाइल करेंगे तो बाद में आपको आयकर विभाग से नोटिस, गलत टैक्स कैलकुलेशन और रिवाइज्ड रिटर्न जैसी परेशानी झेलनी पड़ सकती हैं. फॉर्म 16, AIS और TDS डेटा पूरी तरह अपडेट होने के बाद इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने से गलतियों, नोटिस और रिफंड में देरी जैसी परेशानियां कम हो सकती हैं.

क्या ITR फॉर्म जारी होते ही भर देना चाहिए रिटर्न?
क्या ITR फॉर्म जारी होते ही रिटर्न तुरंत दाखिल कर देना चाहिए तो कई मामलों में इसका जवाब नहीं हो सकता है. आपको मालूम हो कि आयकर विभाग आईटीआर में आपके द्वारा दी गई जानकारी पर सिर्फ निर्भर नहीं होता है. इनकम टैक्स डिपार्टमेंट आपके रिटर्न का मिलान नियोक्ता, बैंक, म्यूचुअल फंड, ब्रोकर और दूसरी संस्थाओं से मिलने वाले डेटा से करता है. कुछ लोग सिर्फ अपनी सैलरी देखकर आईटीआर दाखिल कर देते हैं लेकिन बाद में पता चलता है कि बैंक ब्याज, FD इनकम, शेयर मार्केट या दूसरे निवेश की जानकारी छूट गई. यदि कोई इनकम रिपोर्ट नहीं होती और बाद में आयकर विभाग के रिकॉर्ड से मैच नहीं करती तो इनकम टैक्स डिपार्टमेंट नोटिस भेज सकता है. कई बार TDS भी पूरी तरह अपडेट नहीं होता. ऐसे में रिफंड कम मिल सकता है या टैक्स ज्यादा दिख सकता है. यही कारण है कि बहुत जल्द आईटीआर दाखिल करने से बाद में आपको परेशानी हो सकती है. 

क्यों ITR दाखिल करने के लिए करना चाहिए 15 जून तक इंतजार? 
आपको मालूम हो कि नियोक्ताओं (Employers) को मार्च 2026 तिमाही का TDS विवरण 31 मई 2026 तक जमा करना होता है. इस तिथि के बाद ही कर्मचारियों का पूरा सैलरी डेटा और TDS क्रेडिट सिस्टम में अपडेट होता है. इसी तरह बैंक और अन्य संस्थाएं भी गैर-सैलरी TDS की जानकारी मई के अंत तक जमा करती हैं. इसके अलावा फॉर्म 16 और फॉर्म 16A जारी करने की आखिरी तारीख 15 जून 2026 है. इसके बाद AIS और फॉर्म 26AS में जानकारी सही तरीके से दिखाई देने लगती है. इन दस्तावेजों से कर्मचारी अपनी सैलरी, टैक्स कटौती और TDS क्रेडिट का सही मिलान कर पाते हैं. ऐसे में 15 जून के बाद ITR दाखिल करने पर गलती की संभावना काफी कम हो जाती है.

जल्दी ITR भरने से क्या हो सकती हैं दिक्कतें?
1. TDS क्रेडिट में गड़बड़ी.
2. आयकर विभाग से टैक्स नोटिस.
3. रिफंड में देरी.
4. अतिरिक्त टैक्स डिमांड.
5. रिवाइज्ड रिटर्न भरने की जरूरत.

ITR दाखिल करते समय इन बातों का जरूर रखें ध्यान
1. फॉर्म 16 और AIS जरूर करें चेक.
2. फॉर्म 26AS में TDS जरूर करें मैच.
3. बैंक ब्याज और दूसरी इनकम शामिल करें.
4. सही टैक्स रिजीम चुनें.
5. जल्दबाजी में गलत जानकारी न भरें

ITR फाइल करने की क्या है अंतिम तिथि? 
यदि आपकी इनकम सिर्फ सैलरी, पेंशन, एक घर की प्रॉपर्टी या ब्याज से होती हो और आप कोई बिजनेस नहीं करते हैं तो आप ITR-1 या ITR-2 फॉर्म भरते हैं. इस श्रेणी यानी कैटेगरी के लोगों के लिए इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई 2026 है. यदि आप फ्रीलांसर हैं या कोई प्रोफेशन करते हैं या छोटा बिजनेस करते हैं और आपके बैंक अकाउंट्स का ऑडिट जरूरी नहीं है. ऐसे में आप आईटीआर-3 या आईटीआर-4 फॉर्म भर सकते हैं. ITR-3 और ITR-4 फॉर्म भरने की आखिरी तारीख 31 अगस्त 2026 है. जिन बिजनेस या प्रोफेशन में टैक्स कानून के तहत ऑडिट जरूरी होता है, उनके लिए इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने के लिए अधिक समय दिया जाता है. ऐसे मामलों में रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख 31 अक्टूबर 2026 है.


 

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