केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए जनवरी 2026 की महंगाई भत्ता (DA) बढ़ोतरी का इंतजार इस बार थोड़ा लंबा लग रहा है. मार्च महीना खत्म हो चुका है, जो आमतौर पर घोषणा का समय माना जाता है, लेकिन अभी तक कोई आधिकारिक अपडेट नहीं आया है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या इस बार सच में देरी हुई है या यह सिर्फ एक धारणा है.
विशेषज्ञों का मानना है कि, आमतौर पर जनवरी के DA की घोषणा मार्च में होती है, लेकिन यह पूरी तरह महंगाई के आंकड़ों और सरकारी मंजूरी पर निर्भर करता है. जब तक 12 महीनों के आंकड़े पूरे नहीं होते और सभी विभागीय प्रक्रियाएं पूरी नहीं हो जातीं, तब तक फैसला नहीं लिया जाता. इसलिए इस बार की स्थिति सामान्य प्रक्रिया का ही हिस्सा मानी जा रही है.
कैसे तय होता है DA.
DA की गणना एक तय फॉर्मूले के आधार पर होती है, जो औद्योगिक श्रमिकों के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI-IW) के 12 महीने के औसत पर आधारित होता है. इसके बाद फाइल कई चरणों से गुजरती है जैसे वित्तीय जांच, विभागीय मंजूरी और अंत में कैबिनेट की स्वीकृति. इस पूरी प्रक्रिया में समय लगना स्वाभाविक है.
कितनी हो सकती है बढ़ोतरी
DA बढ़ोतरी को लेकर अनुमान अलग-अलग हैं. कुछ विशेषज्ञों के अनुसार इसमें लगभग 2 प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है, जिससे डीए करीब 60 प्रतिशत तक पहुंच सकता है. वहीं कुछ का मानना है कि यह बढ़ोतरी 3 से 4 प्रतिशत तक हो सकती है. इसका कारण लगातार बनी हुई महंगाई, खासकर खाद्य और ईंधन की कीमतें हैं.
बता दें कि, भले ही घोषणा में देरी हो रही हो, लेकिन कर्मचारियों को नुकसान नहीं होगा. DA जनवरी 2026 से ही लागू होगा और जो भी बकाया राशि होगी, वह एरियर के रूप में दी जाएगी. यानी इंतजार भले लंबा हो, लेकिन लाभ पूरी तरह मिलेगा.
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