आज के समय में नौकरी बदलना आम बात है. बेहतर सैलरी, अच्छी पोस्ट या नए मौके की वजह से लोग एक कंपनी छोड़कर दूसरी कंपनी जॉइन करते हैं. लेकिन कई कर्मचारी जल्दबाजी में इस्तीफा देने के बाद कुछ जरूरी डॉक्यूमेंट लेना भूल जाते हैं. बाद में नई कंपनी में जॉइनिंग, बैकग्राउंड वेरिफिकेशन, PF ट्रांसफर या टैक्स से जुड़े कामों में परेशानी हो सकती है. इसलिए नौकरी छोड़ने से पहले कुछ जरूरी दस्तावेज जरूर अपने पास ले लें. चलिए बताते हैं किन डॉक्यूमेंट को कलेक्ट करना है जरूरी.
रिलीविंग लेटर यह साबित करता है कि आपने कंपनी के सभी नियम पूरे करने के बाद नौकरी छोड़ी है. इसमें आपकी आखिरी वर्किंग डे और कंपनी को ऑफिशियल रूप से छोड़ने होने की जानकारी होती है. नई कंपनी में जॉइनिंग के समय यह डॉक्यूमेंट अक्सर मांगा जाता है.
एक्सपीरियंस लेटर आपके काम का प्रमाण होता है. इसमें आपकी पोस्ट, काम करने का समय और जिम्मेदारियों का जिक्र होता है. फ्यूचर में नई नौकरी, प्रमोशन या विदेश में नौकरी के लिए आवेदन करते समय यह दस्तावेज काफी काम आता है.
कंपनी छोड़ने के बाद आपकी सैलरी, छुट्टियों का पैसा, बोनस और अन्य सेटलमेंट का पूरा हिसाब Full and Final Settlement (F&F) में दिया जाता है. इसे अच्छी तरह जांच लें और इसकी कॉपी अपने पास जरूर रखें, ताकि फ्यूचर में किसी तरह की दिक्कत न हो.
अगर आप नौकरी छोड़ रहे हैं, तो आखिरी कुछ महीनों की सैलरी स्लिप और Form 16 जरूर ले लें. इनकी जरूरत ITR भरने, बैंक से लोन लेने और नई नौकरी में सैलरी तय करने के दौरान पड़ सकती है.
नौकरी छोड़ने के बाद अपने PF खाते और UAN की जानकारी जरूर जांच लें. इससे नई कंपनी में PF ट्रांसफर कराने या जरूरत पड़ने पर PF निकालने में आसानी होती है. अगर एग्जिट डेट अपडेट नहीं है, तो उसे भी समय रहते ठीक करवा लें.
कंपनी का लैपटॉप, आईडी कार्ड या अन्य सामान वापस करने के बाद No Dues Certificate लेना भी जरूरी है. यह प्रमाण देता है कि आपकी तरफ से कंपनी का कोई सामान या भुगतान बाकी नहीं है. कई कंपनियां इसी के बाद F&F सेटलमेंट जारी करती हैं.