Income Tax: ओटीपी के बगैर भी इस तरह कर सकते हैं ई-फाइलिंग का पासवर्ड रीसेट, विभाग ने दिए ITR से जुड़े सवालों के जवाब

इनकम टैक्स विभाग ने लोगों के सवालों का जवाब देते हुए वेबसाइट पर एक एफएक्यू जवाब दिया है. एफएक्यू में डिजिटल हस्ताक्षर से लेकर आईटीआर फाइलिंग की आखिरी तारीख से जुड़े कई प्रश्नों का जवाब दिया है.

INCOME TAX
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 01 अगस्त 2022,
  • अपडेटेड 5:21 PM IST
  • ई-फाइलिंग ओटीपी के बिना पासवर्ड रीसेट करें 
  • अलग अलग होती है आईटी रिटर्न दाखिल करने की तारीख

इनकम टैक्स विभाग ने आईटीआर भरने वालों के सवालों का जवाब देने के लिए एफएक्यू जारी किया है. जिसमें उन्होंने कई सारी बेसिक चीजें बताई हैं. जैसे पासवर्ड बदलना, ई-फाइलिंग, इंटरनेट बैंकिंग आदि. एफएक्यू में कहा गया है कि डिजिटल हस्ताक्षर को वेरीफाई करके भी लोग अपना पासवर्ड रीसेट कर सकते हैं. इसके अलावा, ई-फाइलिंग अकाउंट में लॉग-इन करने के लिए इंटरनेट बैंकिंग का इस्तेमाल करना होगा. 

ई-फाइलिंग ओटीपी के बिना पासवर्ड रीसेट करें 

ई-फाइलिंग ओटीपी के बिना पासवर्ड रीसेट करने के लिए, उपयोगकर्ता को एक वैध डिजिटल हस्ताक्षर प्रमाणपत्र (डीएससी) का उपयोग करना होगा. इसकी मदद से वे पासवर्ड को रीसेट कर सकते हैं,  या इंटरनेट बैंकिंग के माध्यम से सीधे ई-फाइलिंग अकाउंट में एंट्री कर सकते हैं. 

डिजिटल साइन को टैक्सपयेर्स के पैन कार्ड से जोड़ा जाना चाहिए और इसके बाद वे अपना पासवर्ड रीसेट कर सकते हैं. भले ही प्रमाणपत्र पोर्टल पर रजिस्टर हो या नहीं. 

अलग अलग होती है आईटी रिटर्न दाखिल करने की तारीख

आईटी अधिनियम के अनुसार, इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने की नियत तिथि टैक्सपेयर की कैटेगरी के आधार पर अलग-अलग होती है. वेतनभोगी व्यक्तियों को 31 जुलाई तक अपना आईटी रिटर्न दाखिल करना होता है. जबकि कॉर्पोरेट या जिन्हें अपने खातों के लेखा-जोखा की जरूरत होती है वे 31 अक्टूबर तक अपना रिटर्न दाखिल कर सकते हैं.

अपने बुक ऑफ रिकॉर्ड्स की जांच करें 

इसके अलावा, आईटी विभाग ने कहा है कि लोग अपने बुक ऑफ रिकॉर्ड्स की जांच करें और आईटी रिटर्न में जानकारी दें. बता दें, विभिन्न बैंकों को विभाग को सूचना प्रदान करने में लगभग 3-4 दिन लगते हैं. आम तौर पर, यह टैक्स-रिटर्न डेटा में अपडेट हो जाता है.

एआईएस और 26एएस में अगर दिख रहा है आय का अंतर

एआईएस और 26एएस में दिखाए गए अनुसार आय के बीच अगर अंतर दिखता है तो चिंता वाली बात नहीं है. इसे लेकर विभाग ने स्पष्ट किया कि एआईएस और 26एएस में जो आय दिख रही है वो अलग-अलग सोर्स से मिली जानकारी के अनुसार है. 


 


 
 
 
 
 

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