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नवंबर में कम हुआ भारत का व्यापार घाटा, निर्यात बढ़ा और आयात में गिरावट

भारत का व्यापार घाटा नवंबर में कम होकर 24.53 अरब डॉलर हो गया है, जो कि पिछले साल इसी महीने की अवधि में 31.92 अरब डॉलर था. यह जानकारी सरकार की ओर से सोमवार को जारी किए गए डेटा में दी गई.

नवंबर 2024 में 31.92 अरब डॉलर था व्यापार घाटा
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 16 दिसंबर 2025,
  • अपडेटेड 8:43 AM IST

अक्टूबर में झटका खाने के बाद नवंबर महीने में भारत के निर्यात ने शानदार वापसी की है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, नवंबर में देश का निर्यात 19.37 प्रतिशत की बढ़त के साथ 38.13 अरब डॉलर तक पहुंच गया. इंजीनियरिंग और इलेक्ट्रॉनिक्स सामान की मजबूत मांग ने इस उछाल में अहम भूमिका निभाई. निर्यात बढ़ने और आयात में गिरावट के चलते भारत का व्यापार घाटा भी घटकर 24.53 अरब डॉलर रह गया, जो पिछले पांच महीनों का सबसे निचला स्तर है.

सरकार द्वारा सोमवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, नवंबर में आयात 1.88 प्रतिशत घटकर 62.66 अरब डॉलर रहा. इस दौरान सोना, कच्चा तेल, कोयला और कोक जैसे उत्पादों के आयात में कमी देखने को मिली. खास तौर पर सोने का आयात 59.15 प्रतिशत घटकर 4 अरब डॉलर रह गया, जबकि कच्चे तेल का आयात 11.27 प्रतिशत घटकर 14.11 अरब डॉलर पर आ गया.

आयात में आई इस गिरावट का सीधा असर व्यापार घाटे पर पड़ा. अक्टूबर में जहां व्यापार घाटा रिकॉर्ड 41.68 अरब डॉलर तक पहुंच गया था, वहीं नवंबर में यह काफी हद तक काबू में आ गया. इससे पहले जून महीने में व्यापार घाटा 18.78 अरब डॉलर रहा था. वहीं अप्रैल की बात करें तो इस दौरान भारत का कुल निर्यात 2.62 प्रतिशत बढ़कर 292.07 अरब डॉलर हो गया, जबकि आयात 5.59 प्रतिशत की बढ़त के साथ 515.21 अरब डॉलर तक पहुंच गया. इस आठ महीने की अवधि में कुल व्यापार घाटा 223.14 अरब डॉलर रहा.

वस्तु निर्यात के लिए अच्छा रहा नवंबर
इन आंकड़ों पर मीडिया से बात करते हुए वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा कि नवंबर के निर्यात ने अक्टूबर में हुए नुकसान की भरपाई कर दी है. उन्होंने कहा, 'नवंबर का महीना निर्यात के लिए अच्छा रहा है.'  उन्होंने यह भी बताया कि अमेरिका ने भारतीय उत्पादों पर 50 प्रतिशत तक का भारी टैरिफ लगाए जाने के बावजूद भारत के निर्यात में बढ़ोतरी दर्ज की गई है. इलेक्ट्रॉनिक्स, इंजीनियरिंग, रसायन, रत्न एवं आभूषण जैसे क्षेत्रों ने निर्यात को मजबूती दी. इसके अलावा पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यात भी नवंबर में 11.65 प्रतिशत बढ़कर 3.93 अरब डॉलर हो गया. चाय, कॉफी, लौह अयस्क, काजू, तेल-खली, डेयरी उत्पाद, हस्तशिल्प, समुद्री उत्पाद और चमड़ा उद्योग के निर्यात में भी सकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई. हालांकि चावल, तिलहन, कालीन और प्लास्टिक उत्पादों के निर्यात में गिरावट रही.

वाणिज्य सचिव ने यह भी बताया कि सरकार 25,060 करोड़ रुपये के निर्यात प्रोत्साहन मिशन के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश अंतिम रूप दे रही है और इसके कुछ हिस्से इसी सप्ताह लागू किए जाएंगे. उन्होंने माना कि यह मदद अमेरिका के ऊंचे टैरिफ की पूरी भरपाई नहीं कर पाएगी, लेकिन इससे निर्यातकों को नकदी और वित्तीय राहत जरूर मिलेगी.

भारत का निर्यात आने वाले महीनों में भी मजबूत
फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशंस (FIEO) के अध्यक्ष एस सी रल्हान ने कहा कि अप्रैल-नवंबर 2025 के दौरान अमेरिका भारत का सबसे बड़ा निर्यात बाजार बना रहा, जो भारतीय निर्यातकों की मजबूती और अनुकूलन क्षमता को दिखाता है. उन्होंने बताया कि इस दौरान यूएई, नीदरलैंड, चीन, ब्रिटेन, जर्मनी, सिंगापुर, बांग्लादेश, सऊदी अरब और हांगकांग भी प्रमुख निर्यात गंतव्य रहे. कुल मिलाकर बाजारों के विविधीकरण, नीतिगत समर्थन और बेहतर लॉजिस्टिक्स के दम पर भारत का निर्यात आने वाले महीनों में भी मजबूती से आगे बढ़ने की उम्मीद दिखा रहा है.

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