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Delhi: दिल्ली में BS-3 और पुराने वाहनों पर रोक से बढ़ेगी महंगाई- ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन

ऑल इंडिया मोटर एंड गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र कपूर ने कहा है कि दिल्ली में बीएस-3 और पुराने वाहनों पर रोक से महंगाई बढ़ेगी. यह कदम सीधे तौर पर दिल्ली की जनता पर महंगाई का बोझ बढ़ाएगा.

Delhi Pollution
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 31 अक्टूबर 2025,
  • अपडेटेड 1:32 PM IST

दिल्ली में एक नवंबर से बीएस-4 और बीएस-6 गाड़ियों को ही प्रवेश की अनुमति मिलेगी, जबकि बीएस-3, बीएस-2 और बीएस-1 गाड़ियों पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है. इस फैसले को लेकर ट्रांसपोर्ट सेक्टर में नाराज़गी देखने को मिल रही है. ऑल इंडिया मोटर एंड गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र कपूर ने कहा है कि यह कदम सीधे तौर पर दिल्ली की जनता पर महंगाई का बोझ बढ़ाएगा.

प्रभावित होगा स्थानीय ट्रांसपोर्ट- एसोसिएशन
खास बातचीत में राजेंद्र कपूर ने बताया कि दिल्ली में लंबी दूरी का ट्रांसपोर्ट तो बीएस-4 और बीएस-6 गाड़ियों से होता है, लेकिन जो लोकल सप्लाई यानी दिल्ली के अंदर फल, सब्जियां और जरूरी सामान पहुंचाने का काम है, वह ज्यादातर बीएस-3, बीएस-2 और बीएस-1 वाली छोटी व्यावसायिक गाड़ियों से ही होता है. ऐसे में इन गाड़ियों पर प्रतिबंध लगने से छोटे कारोबारी और स्थानीय ट्रांसपोर्टर बुरी तरह प्रभावित होंगे.

मार्केट तक माल पहुंचाने में होगी दिक्कत- एसोसिएशन
उन्होंने कहा कि जब ये वाहन सड़क से हट जाएंगे, तो बाजार तक माल पहुंचाने में दिक्कतें आएंगी. इसका सीधा असर रोजमर्रा की चीज़ों जैसे ताज़ी सब्जियों और फलों की कीमतों पर पड़ेगा, जो महंगे हो जाएंगे. उन्होंने चेतावनी दी कि आने वाले दिनों में दिल्लीवासियों को महंगाई की मार झेलनी पड़ सकती है. 

सिर्फ गाड़ियों से बढ़ रहा प्रदूषण, कहना गलत- राजेंद्र
राजेंद्र कपूर ने यह भी कहा कि दिल्ली में प्रदूषण की असली वजह पुराने ट्रक या लोडर नहीं हैं. उनका कहना है कि त्योहारों के कारण इस समय ड्राइवरों की छुट्टियां चल रही हैं और ट्रांसपोर्ट का काम केवल 15 से 20 प्रतिशत ही हो पा रहा है. इसके बावजूद दिल्ली में प्रदूषण का स्तर बढ़ा है. इसलिए यह कहना कि सिर्फ इन गाड़ियों से प्रदूषण बढ़ रहा है, पूरी तरह गलत है.

उन्होंने सरकार से अपील की कि वह असल कारणों की जांच करे और सिर्फ पुराने वाहनों को निशाना बनाने के बजाय प्रदूषण की जड़ पर काम करे.

(सुशांत मेहरा की रिपोर्ट)

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