Constitution Day 2021: 'भारतीय संविधान' पर फ्री में कर सकेंगे कोर्स, ऐसे करें रजिस्ट्रेशन

ये कोर्स डिपार्टमेंट ऑफ़ लॉ और नेशनल अकेडमी ऑफ़ लीगल स्टडीज (NALSAR) गुरुवार यानि 25 नवंबर को शाम 4 बजे लॉन्च करने वाले हैं. इस कोर्स के लिए रजिस्ट्रेशन फ्री होगा, यानि आपको कोई फीस नहीं देने होगी. हालांकि, जो लोग एप्रिसिएशन और मेरिट सर्टिफिकेट चाहते हैं, उन्हें इसके लिए 100 रुपये की टोकन फीस देनी होगी. ऑनलाइन सिलेबस नालसार की ऑफिशियल वेबसाइट पर उपलब्ध होगा.

Constitution Day 2021
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 25 नवंबर 2021,
  • अपडेटेड 2:51 PM IST
  • इस कोर्स के लिए रजिस्ट्रेशन फ्री होगा, यानि आपको कोई फीस नहीं देने होगी
  • 15 वीडियोज की सीरीज से समझ सकेंगे संविधान
  • विधान पर ऑनलाइन कोर्स का उद्देश्य जागरूकता पैदा करना और देश के नागरिकों को मजबूत करना है

हर साल 26 नवंबर का दिन 'संविधान दिवस' के रूप में  मनाया जाता है. इस साल संविधान दिवस के मौके पर ‘भारतीय संविधान’ पर एक कोर्स लॉन्च किया जा रहा है. ये कोर्स डिपार्टमेंट ऑफ़ लॉ और नेशनल अकेडमी ऑफ़ लीगल स्टडीज (NALSAR) गुरुवार यानि 25 नवंबर को शाम 4 बजे लॉन्च करने वाले हैं.  

कैसे कर पाएंगे रजिस्ट्रेशन?

इस कोर्स के लिए रजिस्ट्रेशन फ्री होगा, यानि आपको कोई फीस नहीं देने होगी.  हालांकि, जो लोग एप्रिसिएशन और मेरिट सर्टिफिकेट चाहते हैं, उन्हें इसके लिए 100 रुपये की टोकन फीस देनी होगी. ऑनलाइन सिलेबस नालसार की ऑफिशियल वेबसाइट पर उपलब्ध होगा. इसके लिए आपको nalsar.ac.in पर जाना होगा. 

न्याय विभाग द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, "ऑनलाइन कोर्स के सार को ध्यान में रखते हुए, भारत के प्रमुख लॉ यूनिवर्सिटी के छात्रों, शिक्षकों और शीर्ष अधिकारियों को इसमें शामिल किया जायेगा.

15 वीडियोज की सीरीज से समझ सकेंगे संविधान 

एनरोलिंग के बाद, कैंडिडेट को संविधान से जुड़े प्रमुख मामलों के बारे में जानकारी, फंडामेंटल पॉलिसी,  संविधान का इतिहास, स्वतंत्रता के बाद की संवैधानिक यात्रा को पढ़ना होगा. ये आप वेबसाइट पर डाली गयी 15 वीडियो की एक सीरीज से आसानी से समझ सकेंगे. ये वीडियोज सभी आवेदकों के लिए रजिस्ट्रेशन की तारीख से लेकर छह महीने बाद तक देखने के लिए उपलब्ध होंगे. 

कौन-कौन होंगे शामिल?

आपको बता दें, केंद्रीय न्याय मंत्री किरेन रिजिजू इस कोर्स को वर्चुअल माध्यम से इसका उद्घाटन करेंगे. इवेंट में एसपीएस बघेल, कानून और न्याय राज्य मंत्री अनूप कुमार मेंदीरत्ता, कानूनी मामलों के विभाग सचिव, न्याय विभाग के साथ-साथ कानून और न्याय मंत्रालय के दूसरे वरिष्ठ अधिकारी और प्रोफेसर फैजान मुस्तफा भी शामिल होंगे. 

क्या है उद्देश्य?

दरअसल, कानून सामाजिक परिवर्तन का एक साधन है और किसी भी राज्य का उद्देश्य कानून के शासन को बढ़ावा देना और उसकी रक्षा करना होता है. संविधान पर ऑनलाइन कोर्स का उद्देश्य जागरूकता पैदा करना और देश के नागरिकों को मजबूत करना है. 

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