डिप्टी सीएम के सामने छात्रा का कटाक्ष, वीडियो वायरल, लड़की ने बताई वजह

जयपुर में एक प्राइवेट यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में एक लड़की ने डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा से डिग्री लेने के बाद कटाक्ष किया. इसका वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. कटाक्ष करने वाली लड़की सारा यूनिवर्सिटी में छात्रसंघ उपाध्यक्ष रह चुकी हैं.

Jaipur News
gnttv.com
  • जयपुर,
  • 26 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 2:45 PM IST

जयपुर में एक प्राइवेट यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में उस वक्त असहज स्थिति बन गई, जब एक छात्रा ने मंच पर ही डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा से डिग्री लेते हुए तंज कस दिया. छात्रा ने भरे मंच से कहा कि बेइज्जती करके इज्जत देने का बहुत-बहुत शुक्रिया. हालांकि यह डिप्टी सीएम के लिए नहीं, बल्कि मंच पर मौजूद कुलगुरु के सामने यूनिवर्सिटी प्रशासन के लिए छात्रा ने कटाक्ष किया था. इस टिप्पणी ने समारोह में मौजूद सभी लोगों को चौंका दिया और अब इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.

दीक्षांत समारोह में तनावपूर्ण माहौल-
बुधवार को राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित विश्वविद्यालय के तीसरे दीक्षांत समारोह के दौरान पहले से ही माहौल तनावपूर्ण हो गया था. कार्यक्रम में केवल 12 गोल्ड मेडलिस्ट छात्रों को मंच पर बुलाकर डिग्री दी गई, जबकि बाकी छात्र-छात्राओं को मंच पर अवसर नहीं दिया गया. इससे नाराज छात्रों ने विरोध शुरू कर दिया. हंगामा बढ़ने पर कुछ छात्रों ने कार्यक्रम स्थल पर ही कागजात फाड़ दिए और नारेबाजी की. स्थिति तब और बिगड़ गई, जब कार्यक्रम समाप्त होने के बाद उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा के बाहर निकलते समय कई छात्र उनकी गाड़ी के आगे लेट गए.

डिप्टी सीएम को फिर से मंच पर लौटना पड़ा-
हंगामा बढ़ते ही पुलिसकर्मी वहां पहुंचे और तुरंत छात्रों को पकड़ लिया. हालात को संभालने के लिए खुद उपमुख्यमंत्री को दोबारा सभागार में लौटना पड़ा. इसके बाद बाकी छात्रों को भी डिग्री वितरित की गई और प्रशासन ने छात्रों से बातचीत कर मामला शांत कराने की कोशिश की. इसी दौरान जब डिग्री वितरण दोबारा शुरू हुआ, तो छात्रा सारा इस्माइल ने मंच से ही विश्वविद्यालय प्रशासन पर कटाक्ष करते हुए कहा कि यूनिवर्सिटी का बेइज्जती करके इज्जत देने का बहुत-बहुत शुक्रिया.

विरोध करने वाली लकड़ी का क्या कहना है?
उपमुख्यमंत्री और कुलपति के सामने दिए गए इस बयान ने पूरे समारोह को अचानक चर्चा का विषय बना दिया. बता दे कि छात्रा सारा इसी यूनिवर्सिटी से छात्रसंघ चुनाव जीतकर उपाध्यक्ष भी रह चुकी हैं. घटना को लेकर छात्रा सारा इस्माइल का कहना है कि वे दीक्षांत समारोह में सम्मानपूर्वक डिग्री मिलने की उम्मीद लेकर आए थे, लेकिन सीमित छात्रों को ही मंच पर बुलाए जाने से उन्हें अपमानित महसूस हुआ. यही नहीं, स्टूडेंट्स के साथ उनके परिजन भी थे, जो अपने बच्चों को डिग्री लेते हुए देखना चाहते थे. लेकिन उन्हें भी जब निराशा हाथ लगी, तब यही नाराजगी बाद में प्रदर्शन और तीखी प्रतिक्रिया के रूप में सामने आई. लेकिन फिर भी उन्हें खैरात के तौर पर डिग्रियां बांटी गई, जिसके लिए उन्होंने 3 साल मेहनत की थी.

(विशाल शर्मा की रिपोर्ट)

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