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RBSE 10th Topper: राजस्थान में 10वीं परीक्षा में टॉपर बनी किसान की बेटी, प्रियांशी का क्या है सपना?

राजस्थान बोर्ड 10वीं परीक्षा में सीकर की बेटी प्रियांशी ने इतिहास रच दिया. प्रियांशी ने 99.83 फीसदी अंक हासिल किए. प्रियांशी सांगलिया गांव की रहने वाली हैं. उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और टीचर को दिया.

Priyanshi Sunda Priyanshi Sunda

राजस्थान बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन की 10वीं का रिजल्ट जारी हो गया है. किसान परिवार की बेटी प्रियांशी सुंडा प्रदेश की शान बन गईं. उन्होंने राजस्थान बोर्ड की 10वीं की परीक्षा में राजस्थान टॉप किया. उनके नंबर देखकर ज्यादातर लोग चौंक जाएंगे, क्योंकि उन्होंने 600 में से 599 अंक हासिल किए हैं. अंग्रेजी में सिर्फ एक नंबर कटा है.

प्रियांशी ने किया टॉप-
10वीं के नतीजों इनमें छात्रा प्रियांशी 99.83 फीसदी अंकों सहित प्रदेश में टॉपर रही. अंग्रेजी को छोड़ प्रियांशी ने सभी विषयों में शत प्रतिशत अंक हासिल किए. टॉपर देने में शिक्षा नगरी सबसे आगे रही है. प्रियांशी ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, नाना-नानी और टीचर को दिया. प्रियांशी का सपना जेई करने का है. उनका कहना है कि मैंने बिना दबाव के पढ़ाई की.

सीकर जिले को तीसरा स्थान-
सीकर की बात करें, तो जिला 97.43% रिजल्ट के साथ प्रदेश में तीसरे पायदान पर रहा. पिछले साल सीकर ने झुंझुनूं को पछाड़कर 97.56% रिजल्ट के साथ फर्स्ट रैंक हासिल की थी. इस बार झुंझुनूं ने 97.77% रिजल्ट के साथ पहले पायदान पर कब्जा जमाया है. 97.59 प्रतिशत अंक के साथ डीडवाना-कुचामन तीसरे पायदान पर रहा. 

8वीं बोर्ड में 98.25 फीसदी के साथ लगातार तीसरे साल अव्वल रहकर जिले ने अपनी शहंशाही कायम की. 5वीं के परिणाम में भी पिछले साल की तरह चौथे स्थान पर रहकर जिला टॉप-5 में जगह बनाए रहा. कुल छात्रों में 66.51 प्रतिशत छात्रों ने प्रथम श्रेणी प्राप्त की, जबकि छात्राओं में यह आंकड़ा 74.26 प्रतिशत रहा.

2022 में नागौर और 2023 व 2024 में झुंझुनूं परिणाम में प्रथम स्थान पर रहा था. इस समय सीकर दूसरे स्थान पर था. इसके बाद सीकर जिले ने पिछले साल एक पायदान छलांग लगाकर अपनी बादशाहत कायम की तो इस साल ये खिताब फिर झुंझुनूं के पास चला गया. यहां भी नागौर से अलग होकर बना डीडवाना- कुचामन जिला ही दूसरे व सीकर तीसरे स्थान पर रहा है.

66 फीसदी छात्र, 74 फीसदी छात्राओं के फर्स्ट डिवीजन-
10वीं के परिणाम में इस बार भी बेटियां बेटों से आगे रहीं. जिले में छात्रों का परिणाम 97.38 प्रतिशत रहा, जबकि छात्राओं का परिणाम 97.48 प्रतिशत दर्ज किया गया. फर्स्ट डिविजन हासिल करने में भी छात्राएं आगे रहीं.

पहली बार 12वीं से पहले आया 10वीं का रिजल्ट-
बोर्ड ने पहली बार 12वीं से पहले 10वीं का रिजल्ट जारी किया है. बोर्ड इतिहास में ये पहला मौका है, जब मार्च में रिजल्ट आया है. इस बार एक अप्रैल से नया सत्र शुरू करने की तैयारी है.

(राकेश गुर्जर की रिपोर्ट)

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