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Waive School Fee: CM योगी ने पूरा किया वादा! छात्रा का नहीं छूटा स्कूल, मुख्यमंत्री की मदद से फीस हुई माफ

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने छात्रा से किया अपना वादा पूरा किया. छात्रा की ने जनता दर्शन में सीएम योगी आदित्यनाथ से मदद की गुहार लगाई थी. स्कूल ने पहले फीस माफ करने से मना कर दिया था लेकिन अब छात्रा फिर से स्कूल जा रहा है.

CM Yogi Adityanath (Photo Credit: PTI)
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 07 जुलाई 2025,
  • अपडेटेड 8:25 PM IST
  • CM योगी आदित्यनाथ ने पूरा किया अपना वादा
  • छात्रा से किया था फीस माफ करने का वादा
  • गोरखपुर की छात्रा का स्कूल फीस माफ हुई

इस महीने की शुरुआत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर के दौरे पर गए थे. इस दौरान जनता दर्शन में एक छात्रा ने सीएम योगी आदित्यनाथ से फीस माफ करने की गुहार लगाई थी. 1 जुलाई 2025 को गोरखपुर मंदिर में हुए जनता दर्शन में सीएम योगी आदित्यनाथ ने छात्रा से वादा किया था कि उसकी पढ़ाई नहीं छूटेगी.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने छात्रा से कहा था कि अगर स्कूल फीस माफ नहीं करेगी तो सरकार फीस माफ करेगी. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के फरमान के बाद भी स्कूल ने छात्रा की फीस माफ नहीं की थी. यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर निशाना साधा था. समाजवादी पार्टी ने छात्रा की मदद करने की बात कही थी.

अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपना वादा पूरा किया है. छात्रा को अधिकारियों ने सूचना दी कि वो अब फिर से पढ़ने के लिए स्कूल जा सकती हैं. छात्रा और उसके माता-पिता ने योगी आदित्यनाथ का आभार जताया है.

CM योगी से मदद
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से गुहार लगाने वाली पंखुड़ी त्रिपाठी गोरखपुर के सरस्वती शिशु मंदिर में 7वी क्लास में पढ़ती हैं. पंखुड़ी के पिता राजीव कुमार त्रिपाठी को एक हादसे में चोट लग गई. इस वजह से उनको नौकरी छोड़नी पड़ी. स्कूल की फीस जमा न करने की वजह से पंखुड़ी त्रिपाठी फरवरी से स्कूल नहीं जा पा रही हैं. फीस जमा न करने की वजह से पंखुड़ी एग्जाम भी नहीं दे पाईं. बीते पांच महीनों से पंखुड़ी घर पर बैठने को मजबूर थी.

यूपी तक के अनुसार, सीएम योगी आदित्यनाथ से मदद की गुहार लगाने से पहले पंखुड़ी के पिता ने स्कूल के प्रिंसिपल से भी मदद मांगी. तब प्रिंसिपल ने ये कहकर मना कर दिया कि सिर्फ 3 बच्चों की ही फीस माफ हो सकती है. इसके बाद पंखुड़ी त्रिपाठी ने जनता दर्शन में सीएम योगी से आर्थिक मदद की गुहार लगाई. सीएम योगी आदित्यनाथ ने पंखुड़ी से वादा किया कि उसकी पढ़ाई नहीं छूटेगी.

स्कूल ने की मनमानी
सीएम योगी आदित्यनाथ के आश्नवासन के बाद 5 जुलाई को पंखुड़ी त्रिपाठी अपने पिता के साथ स्कूल पहुंची. स्कूल प्रशासन ने पंखुड़ी त्रिपाठी की फीस को माफ करने से मना कर दिया. पंखुड़ी ने बताया कि स्कूल के प्रिंसिपल ने पिता के साथ बदसलूकी भी की. समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इसके लिए योगी सरकार की आलोचना की.

अखिलेश यादव ने एक्स पर लिखा कि जो जमा करने में जुटे हैं, वो किसी की फीस क्या माफ  या जमा कराएंगे. हमारा वादा है बच्ची की पढ़ाई नहीं रुकेगी. ये है भाजपा के झूठे नारे बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का सच. भाजपाइयों से आग्रह है कि बच्चों से झूठ न बोलें. पंखुड़ी ने बताया कि पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने स्थानीय नेताओं की तरफ से आर्थिक मदद की बात कही थी. पंखुड़ी ने सपा की मदद को ठुकरा दिया. पंखुड़ी त्रिपाठी ने सीएम योगी को अच्छा और अखिलेश यादव को बुरा बताया.

फीस हुई माफ
बीती 6 जुलाई को पंखुड़ी त्रिपाठी के घर पर जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) अमरकांत सिंह के ऑफिस से एक कॉल आया. इसमें बताया गया कि पंखुड़ी सोमवार से फिर से स्कूल जा सकती है. पंखुड़ी के पिता राजीव त्रिपाठी ने कहा, हमें औपचारिक रूप से एडमिशन लेटर मिल गया है. हम सीएम आदित्यनाथ के आभारी हैं कि उन्होंने अपना वादा पूरा किया. भले ही इसमें कुछ दिन लग गए हों. 

सोमवार को पंखुड़ी त्रिपाठी को स्कूल छोड़ने पिता राजीव त्रिपाठी स्कूल गए. पंखुड़ी ने भी अपना वादा पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार जताया. पंखुड़ी ने कहा कि मैं वापस स्कूल आकर बहुत खुश हूं. वहीं अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर निशाना साधा. सपा चीफ ने एक्स पर लिखा कि सवाल ये है कि जब हमने मदद का हाथ बढ़ाया, तभी सरकार को फ़ीस जमा कराने का होश क्यों आया. आज जो उदारता दिखाई जा रही है वो कल तक कहां थी. तब कहां चली गई थी जब ‘किताबवाली बच्ची’ की झोपड़ी पर बेरहमी से बुलडोज़र चलवाया गया था.

अखिलेश यादव ने कहा, अगर ये भाजपा सरकार का दिखावा नहीं है तो पूरे प्रदेश के प्राइवेट स्कूलों के बच्चों का जो शोषण हो रहा है भाजपा सरकार उसे रोककर दिखाए. भाजपाई अपना झूठ अपने मन के अंदर रखें. बच्चों के मुंह से सियासत न कराएं. ये एक बेहद निंदनीय कृत्य है कि पहले तो बच्ची और उसके दीन-हीन परिवार को फ़ीस माफ़ी के लिए दर-दर भटकाया. फिर अपने लोग भेजकर मनचाहा कहलवाया. बच्ची के परिवार के चेहरों पर सत्ता का डर और झूठ बोलने का अपराध बोध साफ़ झलक रहा है. बच्ची के उज्ज्वल भविष्य के लिए हमारी हार्दिक शुभकामनाएं.

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