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UP Weather: भारी बारिश से हाहाकार, गंगा-यमुना उफान पर, कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात और स्कूल बंद

उत्तर प्रदेश के कई जनपदों में लगातार हो रही भारी बारिश की वजह से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. आलम यह है कि भारी बारिश के चलते प्रयागराज, भदोही, मिर्जापुर और कौशांबी सहित कई जनपदों में स्कूल बंद करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं.

Schools Shut in Several Districts
उदय गुप्ता
  • चंदौली,
  • 18 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 10:08 AM IST

उत्तर प्रदेश के कई जनपदों में लगातार हो रही भारी बारिश की वजह से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. आलम यह है कि भारी बारिश के चलते प्रयागराज, भदोही, मिर्जापुर और कौशांबी सहित कई जनपदों में स्कूल बंद करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं. एक तरफ भारी बारिश लोगों के लिए मुसीबत बन रही है, वहीं दूसरी तरफ गंगा और यमुना सहित कई नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिसकी वजह से बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं. प्रयागराज में गंगा और यमुना उफान पर हैं. वहीं, वाराणसी में गंगा के लगातार बढ़ रहे जलस्तर की वजह से विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती का स्थान भी बदलना पड़ा है. फर्रुखाबाद में गंगा नदी के उफान से करीब पांच दर्जन गांव प्रभावित हैं. वहीं, श्रावस्ती, उन्नाव और बाराबंकी में भी नदियों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ के हालात पैदा हो गए हैं.

प्रयागराज में गंगा-यमुना का बढ़ा जलस्तर, बारिश के पानी से शहर का हाल बेहाल
प्रयागराज में कल से हो रही लगातार बारिश के चलते जहां सड़कें और गलियां पानी से भर गई हैं, जिससे लोगों को आने-जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. वहीं, डीएम ने कक्षा 1 से 12 तक के सभी स्कूलों को बंद रखने का आदेश जारी कर दिया है. आलम यह है कि प्रयागराज में सड़कें, अंडरपास, पुलिस थाने और लोगों के घरों तक में बारिश का पानी भर गया है. स्टेशन रोड, जॉर्ज टाउन, करैली की गड्ढा कॉलोनी, मुंडेरा गांव के अलावा दर्जनों मोहल्ले पानी-पानी हो गए हैं. नगर निगम के दावे कहीं न कहीं फेल होते दिखाई दे रहे हैं और सड़कों पर बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं. दूसरी तरफ, गंगा और यमुना के लगातार बढ़ रहे जलस्तर से दारागंज के निचले इलाकों में बनी झोपड़ियां पानी में समा गई हैं. हालांकि, दोनों नदियां अभी खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं.

उन्नाव में बढ़ा बाढ़ का खतरा, गंगा किनारे कई मोहल्लों में घुसा बाढ़ का पानी
यूपी के उन्नाव में बाढ़ का खतरा बढ़ता जा रहा है. गंगा किनारे स्थित कई मोहल्ले इस समय बाढ़ से प्रभावित हैं और 200 से ज्यादा घर बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं, जिससे वहां रह रहे लोग प्रभावित हुए हैं. जिला प्रशासन की तरफ से लोगों के आवागमन के लिए 15 नावें लगाई गई हैं. प्रशासन पूरी तरह से नजर बनाए हुए है और लोगों को चेतावनी दे दी गई है. प्रभावित क्षेत्रों में रह रहे लोगों ने बताया कि बाढ़ का पानी घरों के अंदर तक पहुंच चुका है. वहीं, बाढ़ के चलते विषैले जीव-जंतुओं का खतरा भी बना हुआ है.

फर्रुखाबाद में गंगा की बाढ़ का कहर, अलर्ट मोड पर प्रशासन
फर्रुखाबाद जनपद में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से बाढ़ का संकट गहराता जा रहा है. पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही लगातार बारिश और विभिन्न बांधों से छोड़े जा रहे पानी के कारण गंगा नदी उफान पर है. जिले के पांच दर्जन से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं, जिससे 40 हजार से अधिक लोगों का जनजीवन प्रभावित हुआ है. बाढ़ का सबसे अधिक असर सदर, अमृतपुर और कायमगंज तहसील क्षेत्रों में देखने को मिल रहा है. सदर तहसील के लगभग 12 गांव, अमृतपुर तहसील के करीब 20 गांव तथा कायमगंज तहसील के लगभग 30 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं. बाढ़ का पानी खेतों में भर जाने से सैकड़ों हेक्टेयर कृषि भूमि जलमग्न हो गई है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है. बाढ़ के कारण कई संपर्क मार्गों पर आवागमन प्रभावित हुआ है. वहीं, कई विद्यालय भी बाढ़ की चपेट में आ गए हैं, जिसके चलते शिक्षण कार्य प्रभावित हुआ है. कुछ स्थानों पर शिक्षक वैकल्पिक व्यवस्था के तहत बच्चों को पढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं.

वाराणसी में लगातार बढ़ रहा गंगा का जलस्तर, गंगा आरती का स्थान बदला
वाराणसी में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. इसके चलते तमाम घाटों का आपसी संपर्क टूट गया है. वहीं, दशाश्वमेध घाट पर गंगा सेवा निधि द्वारा होने वाली विश्व प्रसिद्ध मां गंगा की आरती अब छत पर संपन्न कराई जा रही है. गंगा सेवा निधि के अध्यक्ष सुशांत मिश्रा ने बताया कि प्रत्येक वर्ष की तरह इस साल भी मां गंगा का जलस्तर बढ़ गया है. जलस्तर काफी ऊपर आ गया है. सुरक्षा को देखते हुए घाट पर जगह काफी सीमित हो गई थी और जगह छोटी पड़ रही थी, जबकि भीड़ काफी हो रही थी. इसलिए मां गंगा की आरती गंगा सेवा निधि कार्यालय की छत पर कराने का निर्णय लिया गया है.

बाराबंकी में सरयू नदी खतरे के निशान से 50 सेंटीमीटर ऊपर, कई गांवों में बाढ़ के हालात
नेपाल के बैराजों से छोड़े गए 3.77 लाख क्यूसेक पानी और लगातार बारिश के चलते सरयू नदी उफान पर है. नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 50 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है. रामनगर, सिरौली गौसपुर और रामसनेहीघाट तहसील के तराई क्षेत्र के दर्जनों गांव बाढ़ की चपेट में हैं. कई गांवों के रास्ते जलमग्न हो गए हैं और ग्रामीण सुरक्षित स्थानों व बंधों पर शरण लेने को मजबूर हैं. प्रशासन की ओर से राहत-बचाव कार्य जारी है. प्रभावित लोगों को राहत सामग्री और भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है. वहीं, स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी मौके पर तैनात हैं. प्रशासन ने लोगों से अलर्ट रहने की अपील की है.

श्रावस्ती में राप्ती नदी उफान पर, खतरे के निशान से 30 सेंटीमीटर ऊपर बह रही नदी
श्रावस्ती जिले में रुक-रुककर हो रही बारिश और नेपाल के पहाड़ी इलाकों में जारी वर्षा से राप्ती नदी उफान पर है. सोमवार शाम पांच बजे नदी का जलस्तर बढ़कर 128.00 मीटर पहुंच गया, जो खतरे के निशान से करीब 30 सेंटीमीटर ऊपर है. नदी का जलस्तर बढ़ने से तटवर्ती गांवों में संभावित बाढ़ की आशंका को लेकर ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है. हालांकि, प्रशासन अलर्ट है और बढ़ते-घटते जलस्तर पर नजर रखी जा रही है. जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए प्रशासन ने सभी बाढ़ चौकियों को अलर्ट पर रखा है. बाढ़ कंट्रोल रूम 24 घंटे सक्रिय है. वहीं, नदी के जलस्तर और आसपास के हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है. राप्ती किनारे बसे गजोबरी, मोहनपुर भरथा, घाटेपुरवा, सलारू पुरवा, वीरपुर लौकिहा, कथरामाफी, शिकारी समेत दर्जनों गांवों के लोगों को संभावित बाढ़ को लेकर सतर्क कर दिया गया है.

भारी बारिश के चलते कौशांबी में जनजीवन बेहाल
यूपी के कौशांबी जिले में दो दिन से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. बारिश और जलभराव की स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी के निर्देश पर जिले के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया गया है. भारी बारिश के चलते कौशांबी जिले में प्री-प्राइमरी से लेकर कक्षा 12 तक के सभी विद्यालय 18 अगस्त को बंद रहेंगे. यह आदेश परिषदीय, माध्यमिक, सहायता प्राप्त और सभी बोर्डों के हिंदी एवं अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों पर लागू होगा. लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है, जिसके चलते छात्र-छात्राओं और शिक्षकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने यह फैसला लिया है. जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. कमलेंद्र कुमार कुशवाहा ने सभी विद्यालयों को निर्देश जारी करते हुए FLN ट्रेनिंग समेत अन्य सभी शैक्षणिक गतिविधियों को भी स्थगित करने के आदेश दिए हैं.

भारी बारिश के चलते मिर्जापुर में स्कूल बंद करने के आदेश
मिर्जापुर में भारी बारिश के कारण आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. जनपद में लगातार हो रही बारिश के कारण आज 18 अगस्त को कक्षा 1 से 8 तक के सभी परिषदीय, सहायता प्राप्त, मान्यता प्राप्त, सीबीएसई, आईसीएसई एवं अन्य बोर्ड के विद्यालय बंद रखने का आदेश दिया गया है. पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश के कारण लालगंज तहसील के हलिया में अदवा डैम भर गया. डैम से पानी छोड़ा गया, जिसकी वजह से अदवा नदी उफान पर आ गई. नदी के आसपास लोगों के घरों में बाढ़ का पानी घुस गया. हलिया क्षेत्र में 50 गांवों को जोड़ने वाले हलिया-हथेड़ा मार्ग पर बने पुल के ऊपर से पानी बहने लगा. सुरक्षा के मद्देनजर घंटों हलिया-ड्रमंडगंज मुख्य मार्ग पर आवागमन बंद रहा. पानी कम होने के बाद इस मार्ग पर आवागमन चालू हो पाया.

बारिश के चलते भदोही में 12वीं तक के स्कूल बंद
भदोही जिले में लगातार हो रही बारिश और खराब मौसम को देखते हुए जिला प्रशासन ने मंगलवार को कक्षा 1 से 12 तक के सभी विद्यालयों में अवकाश घोषित कर दिया है. जिला बेसिक शिक्षा विभाग के अनुसार, जिलाधिकारी की अनुमति से बेसिक शिक्षा परिषद, सीबीएसई, आईसीएसई समेत अन्य मान्यता प्राप्त विद्यालयों में छात्र-छात्राओं के लिए मंगलवार को छुट्टी रहेगी. हालांकि, विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक-शिक्षिकाओं को स्कूल में उपस्थित रहकर विभागीय कार्यों का संपादन करना होगा. सोमवार से हो रही बारिश के बाद मंगलवार सुबह भी आसमान में घने काले बादल छाए रहे. अवकाश का आदेश जारी होने के बाद खुले निजी विद्यालयों से बच्चे वापस घर लौटते नजर आए.

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