Amrish Puri Birth Anniversary: मिस्टर इंडिया से लेकर दिल वाले दुल्हनिया ले जाएंगे तक अपने किरदार से बॉलीवुड को दे गए अलग पहचान, खलनायकों के खलनायक... अमरीश पुरी!   

Amrish Puri Birth Anniversary: अमरीश पुरी को बॉलीवुड के सबसे बड़े खलनायक के रूप में माना जाता है. साल 1967 से लेकर 2005 तक अमरीश पुरी ने करीब 450 फिल्मों में काम किया. उनका जन्म 22 जून,1932 में पंजाब के जालंधर में हुआ था.

Amrish Puri
अपूर्वा सिंह
  • नई दिल्ली,
  • 21 जून 2022,
  • अपडेटेड 11:51 PM IST
  • एक्टिंग के लिए दे दिया था ए ग्रेड नौकरी से इस्तीफ़ा
  • नायक नहीं खलनायक अमरीश पुरी … 

Bollywood Actor Amrish Puri: बॉलीवुड में आज भी किसी सुपर विलेन का नाम लिया जाता है तो सबसे पहले हमारे जेहन में एक ही शख्स की तस्वीर बनती है…. अमरीश पुरी! 1967 से लेकर 2005 तक जितनी भी आइकॉनिक फिल्में बनी उनमें से 90 प्रतिशत में विलेन के किरदार अमरीश पुरी ने ही निभाए हैं. इन 38 सालों में अमरीश पुरी करीब 450 फिल्मों में काम किया. मिस्टर इंडिया हो या दिल वाले दुल्हनिया ले जाएंगे हो, अमरीश पुरी ने अपनी एक्टिंग के जरिये अपनी पीढ़ी और आने वाली कई पीढ़ियों के लिए एक अलग पैमाना सेट कर दिया है. 

बॉलीवुड के मशहूर खलनायक अमरीश पुरी का जन्म आज ही के दिन यानी 22 जून को 1932 में हुआ. पंजाब के जालंधर में जन्में खलनायक अमरीश पुरी अपने किरदारों को अमर बनाकर सिनेमा की दुनिया पर एक अमिट छाप छोड़ गए. 

नायक नहीं खलनायक अमरीश पुरी … 

अमरीश पुरी का जलवा इससे समझा जा सकता है कि उनका ऑन-स्क्रीन करिश्मा ऐसा था कि फिल्म खत्म होने के बाद उनके किरदार, उनकी आवाज और उनकी एक्टिंग की चर्चाएं होती थीं. फिर वो चाहे मिस्टर इंडिया में मोगैम्बो का किरदार हो, गदर: एक प्रेम कथा में अशरफ अली हो, डीडीएलजे में बलदेव सिंह चौधरी किरदार हो. वे सबसे अपने सिनेमा के दीवानों पर एक छाप छोड़ गए. 

उनकी लोकप्रियता का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि स्टीवन स्पीलबर्ग ने एक बार एक इंटरव्यू में कहा था, "अमरीश पुरी दुनिया के अब तक के सबसे अच्छा खलनायक हैं.”

एक्टिंग के लिए दे दिया था ए ग्रेड नौकरी से इस्तीफ़ा
 
आपको बताते चलें कि एक्टिंग के लिए अमरीश पुरी मुंबई आ गए थे जहां उनके भाई मदन पुरी पहले से ही खलनायक की भूमिका निभाने के लिए एक स्थापित अभिनेता थे. जब वह पहला ऑन स्क्रीन टेस्ट देने गए तो उसमें फेल हो गए और फिर उन्हें खुद को सहारा देने के लिए एलआईसी में नौकरी करनी पड़ी. इतना ही नहीं अमरीश पुरी ने 21 साल तक सरकारी नौकरी की और जब उन्हें थिएटर एक्टर के रूप में पहचान मिलने लगी तो उन्होंने  'ए' ग्रेड अधिकारी के रूप में इस्तीफा दे दिया.  

सबसे महंगे खलनायक 

दरअसल, अमरीश पुरी उस वक़्त के सबसे ज्यादा पैसे कमाने वाले विलेन थे. उन्होंने एन.एन. सिप्पी की फिल्म को केवल इसलिए रिजेक्ट कर दिया थे क्योंकि प्रोडूसर ने 80 लाख खर्च करने के लिया मना कर दिया था. अमरीश पुरी ने एक इंटरव्यू में इसपर कहा था, “जो मेरा बकाया है, उसे मुझे प्राप्त करना है। मैं अपनी एक्टिंग से समझौता नहीं करती, है ना? तो मैं कम पैसों में क्यों काम करूं? जहां तक ​​सिप्पी फिल्म की बात है, मुझे बहुत पहले इस वादे के साथ साइन किया गया था कि फिल्म पर एक साल में काम शुरू हो जाएगा. अब तीन साल हो गए हैं, और मेरी मार्किट वैल्यू बढ़ गई है. अगर वह मुझे इतनी पेमेंट नहीं कर सकते, तो मैं उनकी फिल्म नहीं कर सकता हूं.”

अपनी चीजों को लेकर काफी पर्टिकुलर थे अमरीश पुरी  

अमरीश पुरी की सफलता का राज ये भी था कि वे अपने रोल को लेकर काफी सचेत रहते थे. इसे लेकर अनुपान खेर एक इंटरव्यू में बताते हैं कि किसी भी कैरेक्टर को आसानी से निभाने के लिए उनकी आवाज और व्यक्तित्व के अलावा, वे दूसरी सभी छोटी छोटी चीजों का ख्याल रखते थे. फिर चाहे वह उनके जूते के फीते हों, मूंछों की लंबाई हो या फिर छोटी छोटी डिटेल्स ही क्यों न हों.  

प्लेबैक सिंगर भी थे अमरीश 

हालांकि, बहुत कम लोग जानते हैं कि विलेन के रोल के अलावा उन्होंने द हीरो (2003), तराज़ू (1997), शिकारी (1991), आज का अर्जुन (1990) जैसी अलग-अलग फिल्मों के लिए प्लेबैक सिंगिंग भी की है.

यकीनन, वे बॉलीवुड के उन चेहरों में से एक हैं जो अपने किरदार को हमेशा के लिए जिंदा करके और लोगों के दिलों में बसाकर चले गए!!!


 
 

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