मणिपुरी फिल्म Boong ने BAFTA 2026 में बड़ा इतिहास रच दिया है. फिल्म ने 'बेस्ट चिल्ड्रन्स एंड फैमिली फिल्म' का अवॉर्ड जीतकर न सिर्फ भारत, बल्कि पूरे पूर्वोत्तर को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाई है. यह इस कैटेगरी में अवॉर्ड जीतने वाली पहली भारतीय फिल्म बन गई है.
BAFTA Awards में Boong ने हॉलीवुड की बड़ी फिल्मों जैसे Lilo & Stitch और Zootopia 2 को पीछे छोड़ते हुए ट्रॉफी अपने नाम की.
क्या है बूंग की स्टोरी
यह फिल्म पूर्वोत्तर भारत की सादगी, संघर्ष और भावनाओं को बेहद संवेदनशील तरीके से दिखाती है. कहानी मणिपुर के एक छोटे से गांव में रहने वाले मासूम बच्चे बूंग की है. बूंग अपनी मां को सरप्राइज देने के लिए अपने लापता पिता को ढूंढकर घर लाने का सपना देखता है. इस सफर में वह मणिपुर की पहाड़ियों से लेकर मोरेह बॉर्डर और म्यांमार तक पहुंचता है.
लेकिन यह सफर आसान नहीं होता. बचपन की मासूमियत के साथ वह जिंदगी की सच्चाइयों से रूबरू होता है. फिल्म में हंसी, भावनाएं और संघर्ष सब कुछ है, लेकिन कहीं भी मेलोड्रामा नहीं है. यही इसकी सबसे बड़ी ताकत है.
लक्ष्मीप्रिया देवी ने किया है निर्देशन
फिल्म का निर्देशन लक्ष्मीप्रिया देवी ने किया है, जो इससे पहले बॉलीवुड फिल्मों में असिस्ट कर चुकी हैं. यह उनकी बतौर निर्देशक पहली फीचर फिल्म है. उन्होंने मणिपुर की खूबसूरत वादियों और स्थानीय संस्कृति को बेहद खूबसूरती से पर्दे पर उतारा है.
फिल्म को Excel Entertainment ने प्रोड्यूस किया है, जिसे Farhan Akhtar और Ritesh Sidhwani संचालित करते हैं. यह दिखाता है कि अब बॉलीवुड भी क्षेत्रीय कहानियों पर भरोसा जता रहा है.
टोरंटो फिल्म फेस्टिवल में हुआ था फिल्म का प्रीमियर
फिल्म में नए कलाकारों को मौका दिया गया है. बूंग का किरदार गुगुन किपगेन ने निभाया है, जिन्होंने अपनी मासूम अदाकारी से दिल जीत लिया. बाला हिजाम ने बूंग की मां का किरदार निभाया है, जिसमें उन्होंने एक मजबूत लेकिन भावुक मां की छवि पेश की है. Boong का प्रीमियर 2024 में टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में हुआ था और सितंबर 2025 में यह भारत में रिलीज हुई. अब BAFTA जीतने के बाद यह फिल्म भारतीय सिनेमा के लिए गर्व का पल बन गई है.