90 का दशक उस जमाने के बच्चों और बॉलीवुड हॉरर फिल्मों के लिए काफी खास रहा है. उस समय न CGI था और न VFX. डर पैदा करने का जिम्मा कहानी, बैकग्राउंड म्यूजिक, अजीब मेकअप और ओवरड्रामैटिक एक्टिंग पर होता था. यही वजह थी कि कई फिल्में डराने के साथ-साथ लोगों को हंसा भी देती थीं. फिर भी, उस दौर के बच्चों के लिए ये फिल्में किसी डरावने सपने से कम नहीं थीं.
1. वीराना
वीराना 90 के दशक की सबसे चर्चित हॉरर फिल्मों में गिनी जाती है. फिल्म की डरावनी डायन, खौफनाक म्यूजिक और अंधेरे के सभी सीन बच्चों के मन में डर बैठा देते थे. खास बात यह थी कि फिल्म का माहौल इतना रहस्यमय था कि अकेले देखने की हिम्मत बहुत कम लोग जुटा पाते थे.
2. बंद दरवाजा
रामसे ब्रदर्स की इस हॉरर फिल्म ने भारतीय बच्चों को डर का एक नया चेहरा दिया. बड़े किले, बंद दरवाजे और खून पीने वाला विलेन उस समय के बच्चों के लिए किसी बुरे सपने जैसे थे. आज भले ही इसके सीन थोड़े हसने लायक लगें, लेकिन तब ये फिल्म सच में लोगों को डराती थी.
3. पुराना मंदिर
पुराना मंदिर एक ऐसी हॉरर फिल्म थी, जिसमें कहानी और डर का सही तालमेल देखने को मिलता था. मंदिर, राक्षस और श्राप जैसी चीजें बच्चों की कल्पना में गहराई तक बस गई थी. इस फिल्म ने साबित किया कि साधारण तकनीक से भी गहरा डर पैदा किया जा सकता है.
4. खून की प्यासी डायन
उस जमाने में इस फिल्म का नाम ही काफी था बच्चों को डराने के लिए. डायन का मेकअप और उसकी डरावनी हंसी, रात में सोने से पहले बच्चों के दिमाग में घूमती रहती थी. उन दिनों की इस फिल्म में डर के साथ अजीब किस्म का ड्रामा भी देखने को मिलता था.
5. खूनी मुर्दा
खूनी मुर्दा उन फिल्मों में से थी, जिसने मौत के बाद मुर्दे के लौट आने की कहानी को डरावने अंदाज में दिखाया था. अंधेरी गलियां, अचानक आने वाले सीन और तेज म्यूजिक उस दौर के बच्चों के लिए काफी डरावने थे. आज भले ही मजाक लगे पर उस समय लोग डीवीडी में इस फिल्मों को लगा कर बार-बार देखते थे.
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