Sonakshi Sinha on Intimate Scenes: फिल्म और OTT में दिखाए जाने वाले इंटीमेट सीन पर बेबाक हो बोली 'सिस्टम' की हीरोइन सोनाक्षी सिन्हा और ज्योतिका

निर्देशक अश्विनी अय्यर तिवारी की फिल्म 'सिस्टम' (System) इन दिनों अपनी संवेदनशील कहानी और किरदारों के इमोशन्स को लेकर तारीफें बटोर रही है. इसी बीच फिल्म की लीड स्टार्स सोनाक्षी सिन्हा और ज्योतिका ने ऑन-स्क्रीन दिखाए जाने वाले इंटीमेट सीन्स को लेकर अपनी साफ और बेबाक राय रखी है.

Sonakshi Sinha and Jyotika
gnttv.com
  • मुंबई ,
  • 27 मई 2026,
  • अपडेटेड 3:56 PM IST

फिल्म 'सिस्टम' को देखने वाले दर्शकों के बीच एक चीज जिसने सबसे ज्यादा ध्यान खींचा, वह थी स्क्रीन पर रिश्तों और उनसे जुड़े इमोशन को दिखाने का तरीका. खासकर निर्देशक अश्विनी अय्यर तिवारी ने जिस संवेदनशीलता के साथ कहानी और किरदारों को पेश किया, उसके लिए फिल्मी जगत और फैंस के बीच उनकी खूब तारीफ हो रही है. इसी बीच बातचीत के दौरान फिल्म की लीड स्टार सोनाक्षी सिन्हा और ज्योतिका ने ऑन-स्क्रीन इंटीमेसी को लेकर खुलकर अपनी राय रखी है.  दोनों अभिनेत्रियों ने साफ कहा कि उनके लिए किसी भी तरह के इंटीमेट सीन का फैसला शादी या समाज की सोच से नहीं, बल्कि उनकी अपनी सहजता और सीमाओं से जुड़ा होता है.

सोनाक्षी सिन्हा का कहना शादी के बाद भी कुछ नहीं बदला
एक बातचीत के दौरान सोनाक्षी सिन्हा ने साफ कहा कि शादी के बाद उनके विचारों में कोई बदलाव नहीं आया. उन्होंने बताया कि इंटीमेट सीन को लेकर उनके कुछ नियम पहले से तय थे और आज भी वह उन्हीं पर कायम हैं.

सोनाक्षी ने कहा कि वह हमेशा से एक तय सीमा से ज्यादा इंटीमेसी वाले दृश्यों में सहजता महसूस नहीं करती थीं. उनके मुताबिक, शादी के बाद ऐसा नहीं हुआ कि उन्हें अपने फैसले बदलने पड़े. उन्होंने माना कि अपनी सीमाओं को समझना और उस पर कायम रहना उनके लिए हमेशा से जरूरी रहा है.

OTT और फिल्मों में हर बार इंटीमेट सीन जरूरी नहीं!
करीब 16 साल से इंडस्ट्री में काम कर रहीं सोनाक्षी ने कहा कि समय बदलने के नाम पर अपने सिद्धांत बदलना उन्हें सही नहीं लगता. उन्होंने यह भी कहा कि कई बार फिल्मों और खासकर ओटीटी कंटेंट में इंटीमेट सीन सिर्फ दर्शकों का ध्यान खींचने या सनसनी पैदा करने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं. हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि अगर कहानी में सीन की जरूरत हो तो निर्देशक और कलाकार मिलकर एक ऐसा रास्ता निकाल सकते हैं, जिससे कोई भी कलाकार असहज महसूस न करें और काम भी सम्मानजनक तरीके से पूरा हो.

इंटीमेसी से दूरी बनाकर रखती हैं ज्योतिका
वहीं अभिनेत्री ज्योतिका भी मौजूद थी और इस बात पर उन्होंने भी अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने भी बेहद साफ शब्दों में कहा कि वह अपने पूरे करियर में ऐसे दृश्यों से दूर रही हैं. उन्होंने हंसते हुए बताया कि वह खुद को ऐसे सीन में सहज महसूस नहीं करतीं और इसलिए इंटीमेट सीन करने की कभी कोशिश भी नहीं करती. ज्योतिका ने माना कि कैमरे पर इस तरह के दृश्य करना उन्हें कंफर्टेवल फील नहीं करवाता. और वह अपने नियमों को लेकर बिल्कुल ईमानदार रहना पसंद करती हैं.

अश्विनी अय्यर तिवारी ने रिश्तों में जोड़ी बारीकियां
फिल्म को लेकर बात करते हुए ज्योतिका ने निर्देशक अश्विनी अय्यर तिवारी की तारीफ भी की. उन्होंने कहा कि फिल्म में दो महिलाओं के रिश्ते और भावनाओं को बहुत खूबसूरती के साथ पेश किया गया है. उनके मुताबिक, छोटी-छोटी चीजों, जैसे एक किरदार का फ्लैट पहनना और दूसरे का हील्स में होना, दोनों किरदारों के असहजता और दोनों के जीवन के अलग परतों को दिखाता है. वहीं फिल्म में कई ऐसे शांत पल और बिना शब्दों वाली भावनाएं हैं, जो दर्शकों के चेहरे पर मुस्कान ला सकती हैं.

पिता से मिली सीख
सोनाक्षी ने फिल्म में अपने किरदार से जुड़ाव की वजह भी बताई. उन्होंने कहा कि किरदार की तरह ही उनकी जिंदगी में भी एक सफल पिता का असर रहा है. शत्रुघ्न सिन्हा ने उन्हें हमेशा मेहनत करना सिखाया और कभी यह एहसास नहीं होने दिया कि चीजें आसानी से मिल जाएंगी. सोनाक्षी के मुताबिक, इसी वजह से वह आज भी हर फिल्म को अपने पहले प्रोजेक्ट की तरह ही गंभीरता से लेती हैं और काम व लोगों के समय का सम्मान करती हैं.
(रिपोर्ट- सना फरज़ीन)

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