विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना की फिल्म 'रणबाली' सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है. ब्रिटिश शासन के दौर की कहानी पर बनी इस पीरियड एक्शन फिल्म से दर्शकों को काफी उम्मीदें थीं. हालांकि, रिलीज के बाद फिल्म को सोशल मीडिया पर मिली-जुली नहीं, बल्कि ज्यादातर निगेटिव प्रतिक्रियाओं का सामना करना पड़ रहा है. कई दर्शकों ने फिल्म की कहानी, निर्देशन और विजय देवरकोंडा की एक्टिंग पर सवाल उठाए हैं. कुछ यूजर्स ने इसे बड़ी स्क्रीन पर देखने लायक फिल्म नहीं बताया, तो कुछ ने इसे निराशाजनक करार दिया.
दर्शकों ने कहा- फिल्म देखना किसी टॉर्चर से कम नहीं
फिल्म देखने के बाद एक यूजर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि बड़े पर्दे पर 'रणबाली' देखना किसी टॉर्चर जैसा है. यूजर के मुताबिक, फिल्म में रश्मिका मंदाना की ओवरएक्टिंग और विजय देवरकोंडा की एक्टिंग के अलावा बाकी चीजें प्रभावित नहीं करतीं. उन्होंने यह भी लिखा कि उनसे फिल्म का पहला हिस्सा भी पूरा नहीं देखा गया.
एक अन्य यूजर ने फिल्म को 'कोलॉसल डिजास्टर' यानी बहुत बड़ी नाकामी बताया. उनका कहना था कि फिल्म को बड़े स्तर पर बनाया गया है, लेकिन कमजोर स्क्रीनप्ले और कहानी पेश करने के तरीके ने इसका असर कम कर दिया.
विजय की आवाज और स्क्रीनप्ले पर भी उठे सवाल
फिल्म के निर्देशक राहुल सांकृत्यायन की कहानी कहने के तरीके पर भी दर्शकों ने नाराजगी जताई है. कुछ यूजर्स को फिल्म का स्क्रीनप्ले उबाऊ लगा. वहीं, विजय देवरकोंडा के डायलॉग बोलने के अंदाज पर भी सवाल उठाए गए.
एक दर्शक ने तो यहां तक लिख दिया कि विजय को अपनी आवाज के लिए डबिंग आर्टिस्ट की जरूरत है. हालांकि, फिल्म को लेकर सभी दर्शकों की प्रतिक्रिया एक जैसी नहीं है और शुरुआती प्रतिक्रियाओं के आधार पर पूरी फिल्म के प्रदर्शन का अंतिम फैसला नहीं किया जा सकता.
एक यूजर ने कहा- विजय इतनी नफरत के हकदार नहीं
निगेटिव रिएक्शन के बीच कुछ दर्शक विजय देवरकोंडा के समर्थन में भी नजर आए. एक यूजर ने कहा कि वह विजय के फैन नहीं हैं, लेकिन अभिनेता इतनी नफरत के हकदार नहीं हैं. इस प्रतिक्रिया से साफ है कि फिल्म को लेकर लोगों की राय अलग-अलग है.
क्या है 'रणबाली' की कहानी?
रणबाली का निर्देशन राहुल सांकृत्यायन ने किया है. फिल्म की कहानी ब्रिटिश शासन के दौर में स्थापित है और इसमें 1876 से 1878 के बीच पड़े मद्रास अकाल की पृष्ठभूमि दिखाई गई है. विजय देवरकोंडा फिल्म में रणबाली नाम के योद्धा की भूमिका में हैं, जो अंग्रेजों के अत्याचार के खिलाफ खड़ा होता है. रश्मिका मंदाना ने रणबाली की पत्नी जयम्मा का किरदार निभाया है, जबकि हॉलीवुड अभिनेता अर्नोल्ड वॉस्लू ब्रिटिश अधिकारी सर थियोडोर हेक्टर की भूमिका में नजर आते हैं. इस फिल्म के जरिए विजय और रश्मिका एक बार फिर साथ आए हैं. इससे पहले दोनों 'गीता गोविंदम' और 'डियर कॉमरेड' में साथ काम कर चुके हैं.