नई दिल्ली से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना का शुभारंभ किया. इस अवसर पर देशभर के विभिन्न केंद्रों पर कार्यक्रम आयोजित किए गए. अलवर के प्रताप ऑडिटोरियम में भी योजना का लाइव प्रसारण देखा गया, जहां उद्योग प्रतिनिधियों, कर्मचारियों, ईपीएफओ अधिकारियों और विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया. इस योजना का उद्देश्य युवाओं को रोजगार से जोड़ना और उद्योगों को अधिक रोजगार सृजित करने के लिए प्रोत्साहित करना है.
हजारों युवाओं को मिलेगा लाभ
क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त प्रथम अलवर भूपेंद्र यादव ने बताया कि योजना के तहत पहली बार नौकरी पाने वाले कर्मचारियों को आर्थिक सहायता दी जाएगी. अलवर क्षेत्र में 2,427 ऐसे कर्मचारियों को लगभग 1 करोड़ 6 लाख 75 हजार रुपये की सहायता राशि का लाभ मिलेगा. यह राशि कर्मचारियों के शुरुआती खर्चों को पूरा करने में मदद करेगी.
कर्मचारियों और संस्थानों दोनों को मिलेगा प्रोत्साहन
योजना के अनुसार पहली बार रोजगार प्राप्त करने वाले कर्मचारियों को अधिकतम 15 हजार रुपये तक की सहायता राशि दी जाएगी. वहीं नए रोजगार सृजित करने वाले संस्थानों को प्रति कर्मचारी अधिकतम 3 हजार रुपये का प्रोत्साहन मिलेगा. अलवर क्षेत्र के 561 संस्थानों को कुल लगभग 13 करोड़ 29 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी. सभी भुगतान डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजे जाएंगे.
इस योजना का लाभ अलवर संभाग के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों भिवाड़ी, टपूकड़ा, खुशखेड़ा, बहरोड़, बानसूर और पथरेड़ी सहित अन्य क्षेत्रों में संचालित उद्योगों और वहां कार्यरत कर्मचारियों को मिलेगा. इससे रोजगार के नए अवसर बढ़ने की उम्मीद है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य युवाओं को अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना और उन्हें औपचारिक रोजगार व्यवस्था से जोड़ना है. उन्होंने इसे सामाजिक सुरक्षा के दायरे को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया. वहीं ऑटोमोबाइल व्यवसायी निकुंज सांघी ने योजना को महत्वाकांक्षी बताते हुए कहा कि इससे बड़ी संख्या में लोगों को सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिलेगा.
रिपोर्टर: हिमांशु शर्मा
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