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गुड न्यूज! इस थाने में हर कर्मचारी महिला, दिल्ली को मिला पहला महिला पुलिस स्टेशन

दिल्ली में पहले पूर्ण महिला पुलिस स्टेशन की शुरुआत हुई. इस पुलिस स्टेशन की हर कर्मचारी सिर्फ महिलाएं होंगी. यह पुलिस स्टेशन सब्जी मंडी इलाके में है. इसे राजधानी में लिंग-संवेदनशील पुलिसिंग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.

Delhi first all women police station Delhi first all women police station

राजधानी दिल्ली में महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए सब्जी मंडी इलाके में दिल्ली के पहले पूर्ण महिला पुलिस थाने का शुभारंभ किया गया. इस विशेष थाने की खासियत यह है कि यहां तैनात सभी पुलिस अधिकारी और कर्मचारी महिलाएं होंगी. दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने गुरुवार को सब्जी मंडी पुलिस थाना परिसर में इस महिला थाने का उद्घाटन किया. इस अवसर पर दिल्ली पुलिस आयुक्त सतीश गोलछा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.

दिल्ली का पहला महिला थाना-
अधिकारियों के अनुसार यह दिल्ली का पहला ऐसा पुलिस थाना है, जहां पूरी पुलिसिंग व्यवस्था महिलाओं के हाथों में होगी. इसे महिलाओं से जुड़े अपराधों की रोकथाम, त्वरित जांच और पीड़ितों को संवेदनशील सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से स्थापित किया गया है. इसे राजधानी में लिंग-संवेदनशील (Gender-Sensitive) पुलिसिंग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. 

महिलाओं की शिकायतों के लिए बनेगा भरोसेमंद केंद्र-

उद्घाटन के दौरान उपराज्यपाल संधू ने कहा कि यह महिला पुलिस स्टेशन राजधानी की महिलाओं के लिए एक ऐसा मंच बनेगा, जहां वे बिना किसी डर या झिझक के अपनी समस्याएं और शिकायतें दर्ज करा सकेंगी. उन्होंने कहा कि महिलाओं को न्याय दिलाने की प्रक्रिया को अधिक सरल, संवेदनशील और प्रभावी बनाने के लिए यह पहल की गई है.

उन्होंने विश्वास जताया कि महिला पुलिसकर्मियों की मौजूदगी से पीड़ित महिलाओं को अपनी बात खुलकर रखने में आसानी होगी और शिकायतों के निस्तारण में तेजी आएगी. घरेलू हिंसा और यौन अपराधों पर विशेष फोकस यह थाना विशेष रूप से घरेलू हिंसा, यौन उत्पीड़न, दहेज प्रताड़ना, छेड़छाड़, पीछा करने (स्टॉकिंग), साइबर उत्पीड़न और महिलाओं के खिलाफ होने वाले अन्य गंभीर अपराधों की रोकथाम और जांच पर केंद्रित रहेगा. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि महिलाओं के खिलाफ अपराधों के मामलों में संवेदनशील व्यवहार और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए यहां विशेष प्रशिक्षण प्राप्त महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है.

परामर्श और जागरूकता कार्यक्रम भी होंगे संचालित-

महिला पुलिस थाना केवल शिकायत दर्ज करने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यहां पीड़ित महिलाओं के लिए परामर्श (काउंसलिंग), कानूनी सहायता और मनोवैज्ञानिक सहयोग की व्यवस्था भी की जाएगी. इसके अलावा महिलाओं और किशोरियों को उनके अधिकारों, साइबर सुरक्षा और आत्मरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए नियमित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. अधिकारियों का मानना है कि इस तरह की पहल न केवल अपराधों की रिपोर्टिंग बढ़ाएगी, बल्कि महिलाओं में आत्मविश्वास और सुरक्षा की भावना को भी मजबूत करेगी.

अन्य जिलों में भी खुलेंगे महिला पुलिस स्टेशन-

उपराज्यपाल संधू ने घोषणा की कि आने वाले समय में दिल्ली के अन्य जिलों में भी ऐसे महिला पुलिस स्टेशन स्थापित किए जाएंगे. उन्होंने कहा कि सरकार और दिल्ली पुलिस महिलाओं के लिए अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद माहौल बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

शनिवार से शुरू होगी 'जन सुनवाई'-
उद्घाटन समारोह के दौरान एलजी ने एक और महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए बताया कि शनिवार से दिल्ली पुलिस के सभी वरिष्ठ अधिकारी शहर के विभिन्न पुलिस थानों में 'जन सुनवाई' कार्यक्रम के तहत लोगों की शिकायतें सुनेंगे. इस पहल का उद्देश्य आम नागरिकों और पुलिस के बीच संवाद को मजबूत करना तथा शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है.

महिला सुरक्षा के नए अध्याय की शुरुआत-
दिल्ली में पहले पूर्ण महिला पुलिस थाने की शुरुआत को महिला सुरक्षा के क्षेत्र में एक मील का पत्थर माना जा रहा है. यह कदम न केवल महिलाओं को न्याय दिलाने की प्रक्रिया को आसान बनाएगा, बल्कि पुलिस व्यवस्था में महिलाओं की नेतृत्वकारी भूमिका को भी नई पहचान देगा. विशेषज्ञों का मानना है कि यह मॉडल भविष्य में देश के अन्य शहरों के लिए भी प्रेरणा बन सकता है.

(सुशांत मेहरा की रिपोर्ट)

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