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सीएम नीतीश ने 25 लाख महिलाओं के खाते में ट्रांसफर किए 10-10 हजार रुपए, लाभुकों ने शेयर किए अनुभव

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 25 लाख महिलाओं के खाते में मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत 10-10 हजार रुपए भेजे. सूबे में अब तक कुल 1 करोड़ 81 लाख महिलाओं को योजना का लाभ मिल चुका है.

CM Nitish Kumar transferred money
रोहित कुमार सिंह
  • पटना,
  • 16 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 7:17 PM IST

बिहार में महिलाओं की आर्थिक स्वावलंबन को सुदृढ़ करने के मकसद से संचालित मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत सरकार ने अब तक 1 करोड़ 81 लाख महिला लाभार्थियों के खातों में कुल 18,100 करोड़ रुपये की सहायता राशि भेजी जा चुकी है. आज पटना में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रिमोट का बटन दबाकर 25 लाख नई लाभुक महिलाओं के खाते में 10-10 हजार रुपये भेजे. उन्होंने कुल 2,500 करोड़ रुपये की रकम खाते में भेजी.

कितनी महिलाओं को मिला लाभ-
राज्य सरकार ने 26 सितंबर से 28 नवंबर 2025 तक पाँच चरणों में 1 करोड़ 56 लाख महिलाओं के खाते में 15,600 करोड़ रुपये भेजे थे. आज के अंतरण के साथ कुल 1 करोड़ 81 लाख महिलाओं को योजना का लाभ मिल गया है. ग्रामीण क्षेत्रों में 1 करोड़ 44 लाख लाभुक और शहरी क्षेत्र में 12 लाख लाभुकों को लाभ मिला है.

2 लाख तक दी जा सकती है मदद-
मुख्यमंत्री ने बताया कि जो महिलाएं अपना रोजगार सफलतापूर्वक चलाएँगी, उन्हें आगे 2 लाख रुपये तक की सहायता उपलब्ध कराई जाएगी. उन्होंने कहा कि शेष परिवारों को भी जल्द ही सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी.

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं में आत्मनिर्भरता लाने और उनकी आय बढ़ाने के उद्देश्य से शुरू की गई यह योजना राज्य के विकास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है. उन्होंने बताया कि 2006 में विश्व बैंक से कर्ज लेकर बिहार में स्वयं सहायता समूहों की नींव रखी गई, जिसे जीविका के नाम से पहचाना गया. आज जीविका समूह राज्य में महिला सशक्तीकरण का मजबूत स्तंभ बन चुका है.

लाभार्थियों के अनुभव-
इस दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए दो महिला लाभार्थियों ने अपने अनुभव साझा किए. मुजफ्फरपुर की चंदू भारती ने ने बताया कि 10,000 रुपये की सहायता राशि उनके लिए जीवन बदलने वाली साबित हुई. उन्होंने इस राशि से कर्ज जोड़कर गाय खरीदी और दूध बिक्री से आय बढ़ाई. आगे वे 2 लाख रुपये की अतिरिक्त सहायता से सिलाई सेंटर खोलने की योजना बना रही हैं. जबकि नालंदा की शबीना खातून ने कहा कि सहायता राशि ने उन्हें स्वतंत्र रूप से काम शुरू करने का आत्मविश्वास दिया. आगे की राशि से वे दूध व्यवसाय शुरू करना चाहती हैं. उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में महिला पुलिस की तैनाती से महिलाओं का सामाजिक सम्मान बढ़ा है.

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