राजस्थान की रेल सेवाओं को और अधिक आधुनिक एवं सुगम बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. जयपुर के सीतापुरा स्थित मेगा कोचिंग टर्मिनल ने काम करना शुरू कर दिया है. बुधवार को यहां पहली बार दरभंगा अमृत भारत एक्सप्रेस का प्राइमरी मेंटेनेंस और रखरखाव किया गया. अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस यह टर्मिनल ट्रेनों के बेहतर अनुरक्षण के साथ यात्रियों को सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का लाभ देगा.
205 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुआ टर्मिनल
जयपुर क्षेत्र में ट्रेनों की बढ़ती संख्या और परिचालन दबाव को देखते हुए खातीपुरा में मेगा कोचिंग टर्मिनल का निर्माण किया गया है. केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 21 जून को इसका निरीक्षण कर शुभारंभ किया था. करीब 205 करोड़ रुपये की लागत से बने इस आधुनिक परिसर में विभिन्न प्रकार की ट्रेनों के रेक का रखरखाव एक ही स्थान पर किया जा सकेगा.
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यहां वंदे भारत, डेमू, एलएचबी रेक और अन्य सभी प्रकार की ट्रेनों के अनुरक्षण की सुविधा उपलब्ध है. इससे जयपुर जंक्शन पर बढ़ते दबाव को कम करने में भी मदद मिलेगी.
आधुनिक तकनीक से लैस हैं सुविधाएं
उत्तर पश्चिम रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि मेगा कोचिंग टर्मिनल में 2 वॉशिंग लाइन, 2 इंस्पेक्शन बे लाइन, भारी मरम्मत के लिए 2 लाइन वाला कवर्ड शेड, 7 स्टेबलिंग लाइन और 1 व्हील लेथ लाइन बनाई गई है. इसके अलावा उत्तर पश्चिम रेलवे में पहली बार बोगी ड्राप पिट मशीन स्थापित की गई है. यह तकनीक ट्रेनों के रखरखाव में लगने वाले समय को कम करेगी और कार्य को अधिक आसान बनाएगी. साथ ही Retractable OHE सिस्टम की मदद से मेंटेनेंस गतिविधियां तेज और सुरक्षित होंगी.
यात्रियों को मिलेगा सीधा लाभ
कोच केयर कॉम्पलेक्स में फोर टियर एग्जामिनेशन सिस्टम, सिंक्रोनाइज्ड कोच लिफ्टिंग सिस्टम, आधुनिक क्रेन, व्हील लेथ, ऑटोमैटिक कोच वॉशिंग प्लांट और बॉडी अंडर गियर स्कैनिंग सिस्टम जैसी अत्याधुनिक मशीनें भी लगाई गई हैं.
रेलवे का मानना है कि इन सुविधाओं के शुरू होने से ट्रेनों का रखरखाव अधिक व्यवस्थित, प्रभावी और समयबद्ध होगा. इससे कम समय में अधिक ट्रेनों का बेहतर मेंटेनेंस किया जा सकेगा. साथ ही रेल संचालन की गुणवत्ता और सुरक्षा में भी उल्लेखनीय सुधार होगा, जिसका सीधा फायदा यात्रियों को मिलेगा.
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