अनोखा चूल्हा! जलाने के लिए नहीं चाहिए गैस, 3 हजार रुपए में बनकर हो जाएगा तैयार

उत्तर प्रदेश में प्रयागराज में एक दुकानदार से गैस सिलेंडर का विकल्प खोज निकाला है. गैस सिलेंडर की कमी के चलते इनकी दुकान 2 दिन के लिए बंद हो गई थी. इसके बाद इन्होंने ब्लोअर तेल की खाली बोतल, पुरानी कोल्ड ड्रिंक की बोतल और लोहे की पाइप की मदद से इस अनोखे चूल्हे को तैयार किया है. इसको बनाने में 3000 रुपए खर्च हुए.

Unique Stove
gnttv.com
  • प्रयागराज,
  • 02 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 3:08 PM IST

उत्तर प्रदेश में प्रयागराज के अतरसुईया सब्जी मंडी के पास जलेबी की मशहूर दुकान चलाने वाले अमन गुप्ता ने गैस की किल्लत के बीच एक अनोखा देसी जुगाड़ निकाला है. उन्होंने जले हुए पुराने मोबिल, ब्लोअर तेल की खाली बोतल, पुरानी कोल्ड ड्रिंक की बोतल और लोहे की पाइप जोड़कर एक चूल्हा तैयार किया है, जो बिना गैस के शानदार तरीके से जल रहा है. इस चूल्हे की मदद से अमन रोजाना सैकड़ों ग्राहकों को गर्मागर्म, ताजा जलेबियां परोस रहे हैं.

गैस की किल्लत से 2 दिन तक बंद रही दुकान-
दुकान की शुरुआत अमन के पिता ने की थी और यहां की जलेबी का स्वाद पूरे इलाके में मशहूर है. घरेलू गैस की कमी तो दूर हो गई, लेकिन कमर्शियल गैस सिलेंडर की किल्लत ने उनका कारोबार 2 दिन के लिए ठप कर दिया था. पूरा परिवार इसी दुकान पर निर्भर है, इसलिए अमन ने यह सस्ता और कारगर विकल्प निकाला. अब दुकान फिर से पुराने जोश में लौट आई है.

ढाई हजार में तैयार हुआ अनोका चूल्हा-
सुबह 6 से 11 बजे सुबह तक ग्राहकों की भारी भीड़ लगी रहती है. आपको बता दें कि महज ढाई हजार रुपए में यह चूल्हा तैयार हुआ है. हर दिन 5 लीटर डीजल और जला हुआ मोबिल इस्तेमाल होता है. इसी के जरिए उनकी अच्छी आमदनी हो रही है. अमन का कहना है कि इस चूल्हे को तैयार में ढाई से तीन हजार रुपए का खर्च आएगा. उन्होंने कहा कि गैस सिलेंडर महंगा पड़ता है, लेकिन ये जुगाड़ काफी सस्ता है, क्योंकि ये वेस्ट मटेरियल से चलता है.

अमन की हो रही तारीफ-
लोग न सिर्फ जलेबी का लुत्फ उठा रहे हैं, बल्कि इस देसी चूल्हे को देखकर हैरान और खुश भी हो रहे हैं. कई दुकानदार अमन से टिप्स ले रहे हैं, ताकि वे भी गैस महंगाई से बच सकें. अमन का यह जुगाड़ न सिर्फ व्यवसाय बचाने वाला है, बल्कि लोकल इनोवेशन की मिसाल भी बन गया है. यही नहीं, कमर्शियल गैस सिलेंडर के अपेक्षा यह देसी जुगाड़ सस्ता भी पड़ रहा है. 

(आनंद राज की रिपोर्ट)

ये भी पढ़ें:

 

Read more!

RECOMMENDED