पश्चिम चंपारण में बाढ़ की स्थिति के बीच अब तक 1 लाख 92 हजार 713 लोग प्रभावित हुए हैं. शनिवार को समाहरणालय सभागार में डीएम तरनजोत सिंह और एसएसपी कुमार गौतम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जिले में चल रहे राहत और बचाव कार्यों की जानकारी दी. प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों के लिए भोजन, सूखा राशन और जरूरी सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है.
डीएम तरनजोत सिंह ने बताया कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में सामुदायिक रसोई के जरिए लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई है. 26 सितंबर से अब तक 1 लाख 68 हजार 530 लोगों को भोजन कराया जा चुका है. प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवारों को जरूरत की अन्य सामग्री भी दी जा रही है. अब तक 31,769 सूखा राशन पैकेट और 19,310 प्लास्टिक शीट का वितरण किया गया है. इससे बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने की कोशिश की जा रही है.
पशुपालकों के लिए भी की गई व्यवस्था
बाढ़ के कारण लोगों के साथ-साथ पशुओं के लिए भी मुश्किलें बढ़ी हैं. इसे देखते हुए प्रशासन की ओर से पशुपालकों के लिए पशु चारे की व्यवस्था की गई है. जिले में अब तक 89 क्विंटल पशु चारा वितरित किया जा चुका है. इसके अलावा प्रभावित इलाकों में 18 पशु राहत शिविर भी संचालित किए जा रहे हैं. इन शिविरों के जरिए बाढ़ प्रभावित पशुओं को सुरक्षित रखने की व्यवस्था की गई है. पशुओं के उपचार के लिए पशु चिकित्सा दल भी प्रभावित क्षेत्रों में लगातार काम कर रहे हैं.
प्रभावित इलाकों पर प्रशासन की नजर
डीएम ने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन की टीमें लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं. जरूरत के अनुसार राहत सामग्री और अन्य जरूरी संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि राहत और बचाव के काम में किसी तरह की कमी नहीं होने दी जाएगी. प्रभावित इलाकों की स्थिति को देखते हुए प्रशासन की टीमें जरूरी मदद पहुंचाने में जुटी हैं.
सुरक्षा के साथ राहत कार्य में जुटी पुलिस
एसएसपी कुमार गौतम ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पुलिस बल भी लगातार सक्रिय है. पुलिसकर्मी सुरक्षा व्यवस्था संभालने के साथ ही राहत और बचाव कार्यों में प्रशासन का सहयोग कर रहे हैं. इस तरह बाढ़ से प्रभावित लोगों के साथ पशुपालकों और उनके पशुओं तक भी राहत पहुंचाने का काम किया जा रहा है. प्रशासन की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर नजर रखते हुए जरूरत के मुताबिक संसाधन उपलब्ध करा रही हैं.
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