दिल्ली में यमुना की सफाई का संकल्प
दिल्ली में यमुना की सफाई का संकल्प
गांधी जयंती के मौके पर जब देश महात्मा गांधी के स्वच्छता संदेश को याद कर रहा था, उसी दौरान दिल्ली में GenZ ने इसे जमीन पर उतारने की कोशिश की. बड़ी संख्या में युवा कालिंदी कुंज स्थित यमुना घाट पहुंचे और सफाई अभियान में हिस्सा लिया. गांधी जयंती पर स्वच्छता से जुड़ी गतिविधियां करने की परंपरा रही है. इसी सोच के साथ युवाओं ने भी यमुना घाट की सफाई की जिम्मेदारी उठाई और लोगों को नदी को साफ रखने का संदेश दिया. कालिंदी कुंज के यमुना घाट पर गांधी जयंती के दिन युवाओं की बड़ी संख्या दिखाई दी. इस सफाई अभियान में 15 कॉलेजों के छात्र शामिल हुए. किसी युवा के हाथ में झाड़ू थी तो कोई घाट से कूड़ा और प्लास्टिक उठाता नजर आया. छात्रों ने मिलकर घाट की सफाई की और वहां मौजूद लोगों को भी यमुना को साफ रखने के लिए जागरूक करने की कोशिश की.
यमुना दिल्ली की पहचान
सफाई अभियान में शामिल युवाओं का कहना है कि यमुना सिर्फ एक नदी नहीं है, बल्कि यह दिल्ली की पहचान का भी हिस्सा है. उनका मानना है कि नदी को साफ रखने की जिम्मेदारी केवल प्रशासन की नहीं हो सकती, बल्कि इसमें हर नागरिक की भी भूमिका है. इसी सोच के साथ GenZ ने गांधी जयंती के दिन घाट पर पहुंचकर सफाई में अपना योगदान दिया. यमुना घाट की सफाई के दौरान युवाओं को ऐसा कचरा भी मिला, जो यह बताता है कि नदी में धार्मिक सामग्री फेंकने की समस्या अभी खत्म नहीं हुई है. सफाई कर रहे छात्रों के मुताबिक, उन्हें कचरे के बीच हनुमान जी की एक खंडित मूर्ति भी मिली. वहीं, किसी अन्य मूर्ति का सिर्फ पैरों वाला हिस्सा भी कचरे में मिला. छात्रों ने बताया कि सफाई के दौरान सबसे ज्यादा धार्मिक कचरा नजर आया.
प्लास्टिक की थैलियां और बोतलें भी मिलीं
घाट की सफाई के दौरान प्लास्टिक का कचरा भी बड़ी समस्या के तौर पर सामने आया. युवाओं को प्लास्टिक की थैलियां और बोतलें यमुना में फेंकी हुई मिलीं. छात्रों का कहना है कि लोग अभी भी प्लास्टिक की थैलियां और बोतलें यमुना में फेंकने से बाज नहीं आ रहे हैं. सफाई के दौरान सामने आया यह कचरा दिखाता है कि यमुना की सफाई को लेकर कोशिशों के बावजूद जमीन पर समस्या अभी बनी हुई है. गांधी जयंती पर घाट की सफाई कर GenZ ने स्वच्छता को केवल एक दिन की गतिविधि तक सीमित न रखने का संदेश दिया. युवाओं का कहना है कि यमुना को साफ रखने के लिए प्रशासन के साथ आम लोगों को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी.
ये भी पढ़ें