हिंदू परिवार ने डोनेट किए 21 साल के ब्रेनडेड बेटे के ऑर्गन्स और बचा ली दो जिंदगियां, एक मुस्लिम युवक को मिला नया जीवन

लखनऊ में एक हिंदू परिवार ने अपने ब्रेन डेड बेटे के अंगों का दान करके एक मुस्लिम युवक को नई जिंदगी दी है. 21 साल के बेटे को खोने के बाद भी परिवार का यह जज़्बा काबिल-ए-तारीफ है.

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आशीष श्रीवास्तव
  • लखनऊ,
  • 08 नवंबर 2022,
  • अपडेटेड 2:40 PM IST
  • 10 दिन तक रहे वेंटिलेटर पर सुरेंद्र
  • परिवार ने किए ऑर्गन्स डोनेट

लखनऊ में एक ब्रेन डेड व्यक्ति, सुरेंद्र ने दो लोगों को नई जिंदगी दी है. उनकी दोनों किडनी और लिवर, दो मरीजों को दिया गया, जिन्हें ट्रांसप्लांच सबसे ज्यादा जरुरत थी. उनकी एक किडनी, एक मुस्लिम युवक को दी गई और दूसरी किडनी व लिवर, एक दूसरे मरीज को. इस तरह सुरेंद्र खुद इस दुनिया से जाकर भी दो लोगों के जीवन की वजह बन गए. 

10 दिन तक रहे वेंटिलेटर पर
आपको बता दें कि हरदोई जिले के लोनार गांव के रहने वाले 21 साल के सुरेंद्र सिंह सड़क दुर्घटना में घायल हो गए थे. 10 दिनों तक वेंटिलेटर पर जिंदगी के लिए संघर्ष करने के बाद सुरेंद्र को डॉक्टरों ने ब्रेन डेड घोषित कर दिया था. जिसके बाद डॉक्टर्स ने उनके परिवार से उनके अंगदान करने की अपील की. 

डॉक्टरों की रिक्वेस्ट पर सुरेंद्र के परिजन अंगदान के लिए राजी हो गए और 35 साल के साद नामक युवक को उनकी एक किडनी को ट्रांसप्लांट कर दिया गया. साद के परिवार में उन्हें कोई डोनर नहीं मिल रहा था और लंबे समय से वह डायलिसिस पर थे. और अब सुरेंद्र सिंह उन्हें नया जीवन दे गए. 

लिवर भी किया गया ट्रांसप्लांट 
अंगदान के बाद डॉक्टरों ने सुरेंद्र के किडनी और लीवर को ट्रांसप्लांट कर दिया. जिसमें से एक किडनी पीजीआई में ट्रांसप्लांट की गई तो दूसरी किडनी केजीएमसी में. डॉक्टर सुधीर के मुताबिक, उनकी टीम ने सुरेंद्र की परिवार को काउंसलिंग की. और फिर पीजीआई और केजीएमसी के डॉक्टरों की मदद से लीवर और किडनी का ट्रांसप्लांट किया जा सका. 

 

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