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फ्लाइट में जवान को पड़ा दिल का दौरा, नर्स ने सूझबूझ से बचायी जान, मिल चुका है National Florence Nightingale Award

केरल में तिरुवनंतपुरम से नई दिल्ली जाने वाली एक फ्लाइट में सवार सेना के जवान, सुमन को अचानक दिल का दौरा पड़ा और ऐसे में, उसी फ्लाइट में यात्रा कर रही एक नर्स ने उनकी जान बचायी.

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हाइलाइट्स
  • जवान को अचानक पड़ा दिल का दौरा

  • समय पर CPR मिलने से बची जा

भारतीय सेना के जवान सरहद के रक्षक होते हैं और उनके कारण ही देश चैन से सो पाता है. लेकिन हाल ही में, केरल की एक नर्स सेना के एक जवान के लिए उनकी रक्षक बनकर सामने आयीं. नीलांबुर का एक सिपाही, 32 वर्षीय सुमन के लिए, फ्लोरेंस नाइटिंगेल 2020 पुरस्कार विजेता पी गीता किसी मसीहा से कम नहीं हैं.  

गीता, कोझीकोड मेडिकल कॉलेज अस्पताल की पूर्व नर्सिंग अधीक्षक हैं. वह हाल ही में, सुमन के साथ एक फ्लाइट में थीं. गीता राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा राष्ट्रपति भवन में उनके सम्मान में बुलाए गए सम्मान समारोह में भाग लेने के लिए नई दिल्ली जा रही थीं. उन्होंने रविवार सुबह कन्नूर से एयर इंडिया की फ्लाइट (AI425) ली. उसी फ्लाइट में सुमन भी थे. 

अचानक पड़ा दिल का दौरा
सुमन को जम्मू और कश्मीर जाना था ताकि अपनी ड्यूटी जॉइन कर सकें और इसलिए उन्होंने नई दिल्ली की फ्लाइट ली थी. फ्लाइट को अड़ान भरे मुश्किल से 30 मिनट हुए होंगे कि अचानक उन्हें दिल का दौरा पड़ा. फ्लाइट में पुछा गया कि क्या कोई नर्स या डॉक्टर यात्रियों में हैं तो गीता हरकत में आ गईं. 

द न्यू इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, उन्होंने सुमन की स्थिति की जांच की और पाया कि उसका ब्लड प्रेशर और पल्स रेट बहुत कम हो गई हैं. गीता ने बिना समय गंवाए सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) शुरू किया. फ्लाइट स्टीवार्ड, मुस्तफा की मदद से गीता ने सुमन को इंट्रावेनस फ्लुइड दिया. 

तब तक, केबिन क्रू ने राज्य के पूर्व सामाजिक सुरक्षा मिशन निदेशक और डब्ल्यूएचओ-नई दिल्ली के राष्ट्रीय पेशेवर अधिकारी मोहम्मद अशील सहित और डॉक्टरों को सतर्क कर दिया और वे भी मदद के लिए दौड़ पड़े. उनके प्रयासों से सुमन को रिवाइव करने में मदद की.

समय पर CPR मिलने से बची जान 
गीता का कहना था कि सुमन के बैठे होने के कारण शुरू में उनको संभालना मुश्किल था. सीपीआर देने के बाद, गीता को उनकी पल्स मिली. इसके बाद वे उसे रिवाइव करने में कामयाब रहे. गीता का सुमन का समय पर CPR देना बहुत महत्वपूर्ण रहा. 

आपको बता दें, कोझीकोड के मूल निवासी 2019 में केरल सरकार के सर्वश्रेष्ठ नर्स पुरस्कार के प्राप्तकर्ता हैं. डॉ अशील का कहना है कि पहले उन्हें लगा कि गीता सुमन की रिश्तेदार हैं. बाद में, उन्हें एहसास हुआ कि गीता नर्स हैं. अशील ने कहा कि अगर गीता ने समय पर सीपीआर नहीं दिया होता तो सुमन की जान नहीं बचती.

सुमन को नई दिल्ली में उतरने पर एक अस्पताल में भर्ती कराया गया और उनकी हालत स्थिर थी.