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भारत बायोटेक से आई गुड न्यूज, ओमिक्रॉन और डेल्टा वेरिएंट को बेअसर कर देगा कोवैक्सीन का बूस्टर डोज!

Emory University में आयोजित किए गए स्टडी के रिजल्ट के बाद बुधवार को भारत बायोटेक ने इसकी घोषणा की. यह जानकारी दी गई कि जिन लोगों ने कोवैक्सीन के दोनों डोज लगवा लिए हैं, वे 6 महीने बाद बूस्टर डोज(BBV152) लगवाते हैं तो उससे ओमिक्रॉन और डेल्टा दोनों बेअसर हो जाता है.

कोवैक्सीन का बूस्टर डोज ओमिक्रॉन के खिलाफ कारगर है!
gnttv.com
  • हैदराबाद,
  • 12 जनवरी 2022,
  • अपडेटेड 6:56 PM IST
  • ओमिक्रॉन और डेल्टा वेरिएंट के खिलाफ कारगर है बूस्टर डोज
  • 90% सैंपल में दिखा पॉजिटिव रिजल्ट

कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन और तीसरी लहर के खतरे के बीच राहत की खबर है. कोवैक्सीन का बूस्टर डोज(COVAXIN®️ BBV152) कोरोना के दोनों वेरिएंट ओमिक्रॉन और डेल्टा पर प्रभावी है. कोवैक्सीन का बूस्टर डोज ओमिक्रॉन और डेल्टा वेरिएंट को बेअसर कर देगा.

ओमिक्रॉन, डेल्टा के खिलाफ बूस्टर डोज प्रभावशाली
Emory University में आयोजित किए गए स्टडी के रिजल्ट के बाद बुधवार को भारत बायोटेक ने इसकी घोषणा की. यह जानकारी दी गई कि जिन लोगों ने कोवैक्सीन के दोनों डोज लगवा लिए हैं, वे 6 महीने बाद बूस्टर डोज(BBV152) लगवाते हैं तो उससे ओमिक्रॉन और डेल्टा दोनों बेअसर हो जाता है. इससे पहले कोरोना के पुराने वेरिएंट अल्फा, बीटा, डेल्टा, जेटा और कप्पा पर वैक्सीन के असर को लेकर स्टडी की गई थी. जल्द ही स्टडी के रिजल्ट प्री प्रिंट सर्वर, medRXiv पर प्रकाशित किए जाएंगे.

स्टडी को लेकर सेरा सैंपल इकट्ठा किए गए जिन्होंने कोविड का बूस्टर डोज(BBV152) लिया था. स्टडी में यह पाया गया कि 90% अधिक लोग, जिन्होंने कोविड का बूस्टर डोज(BBV152) लिया था, उनमें ओमिक्रॉन और डेल्टा वेरिएंट को बेअसर करने के लिए एंटीबॉडी तैयार हो गया.

बूस्टर डोज के बाद अस्पताल में भर्ती होने की संभावना कम
इमोरी वैक्सीन सेंटर के असिस्टेंट प्रोफेसर मेहुल सुथर जो ने बताया कि कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन ने पूरी दुनिया में चिंता बढ़ाई है. प्रारंभिक एनालिसिस में यह बात सामने निकलकर आई है कि कोवैक्सीन की बूस्टर डोज ओमिक्रॉन और डेल्टा दोनों वेरिएंट के खिलाफ कारगर है. बूस्टर डोज लगवाने के बाद इम्यून सिस्टम मजबूत होता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है. इससे अस्पताल में भर्ती होने की संभावना कम हो जाती है.

भारत बायोटेक के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक डॉ. कृष्णा एल्ला ने कहा, "हम कोवैक्सीन का उत्पादन कर रहे हैं. नई स्टडी ने इस बात की पुष्टि कर दी है कि जो हमने हाईपोथेसिस(परिकल्पना) तैयार की थी वह सही थी. व्यस्क और बच्चों के लिए कोरोना के खिलाफ एक वैश्विक वैक्सीन विकसित करने के लक्ष्यों को प्राप्त किया है".

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