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किसी को भी Covid-19 की दो अलग-अलग वैक्सीन डोज लेने की नहीं है अनुमति...सरकार ने बताया क्या है जरूरी नियम

एक याचिकाकर्ता ने अपील दायर की थी कि उसे पहले टीके के वक्त ली गई वैक्सीन से बहुत ज्यादा तकलीफ हुई इसलिए वो दूसरे टीके के तौर पर दूसरी वैक्सीन लगवाना चाहती है जिसको लेकर सरकार ने अपना फैसला सुनाया है.

Covid-19
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 27 जनवरी 2023,
  • अपडेटेड 10:30 AM IST

केंद्र सरकार ने दिल्ली उच्च न्यायालय को सूचित किया है कि किसी व्यक्ति को उसकी प्रत्येक दो खुराक के लिए अलग-अलग कोविड-19 टीके लगाने की न तो अनुमति है और न ही सलाह दी जाती है. हालांकि, एक व्यक्ति को एहतियाती खुराक के रूप में एक अलग टीका लगाया जा सकता है. 

अदालत 2021 में एक कैंसर रोगी मधुर मित्तल द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उन्होंने पहली वैक्सीन कोविशिल्ड ली थी और दूसरी वैक्सीन में कोवैक्सिन लेने की अनुमति मांगी थी. कोर्ट ने याचिकाकर्ता की याचिका को खारिज कर दिया क्योंकि वह सुनवाई के लिए उपस्थित नहीं हुआ.

क्या थी याचिकाकर्ता की अपील?
याचिकाकर्ता ने तर्क दिया था कि पहला टीका (कोविशील्ड) दिए जाने के बाद, उसे कई दूसरी दिक्कतें हो गईं जिसके लिए उसे अलग से इलाज करवाना पड़ा. इसलिए उसने कोवाक्सिन लेने की अनुमति मांगी थी. जवाब में, केंद्र सरकार ने नवंबर 2021 में एक हलफनामा दायर किया, जिसमें कहा गया कि राष्ट्रीय COVID-19 टीकाकरण कार्यक्रम के तहत दो या दो से अधिक कोविड-19 टीकों के मिश्रण की अनुमति नहीं है. यह भी कहा कि मिश्रित खुराक की सुरक्षा और प्रभावकारिता के बारे में दो विशेषज्ञ निकायों, टीकाकरण पर राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह (NTAGI) और वैक्सीन प्रशासन पर राष्ट्रीय विशेषज्ञ समूह COVID-19 (NEGVAC) से कोई सिफारिश नहीं की गई थी.

सरकार ने कहा कि सीडीएससीओ ने 7 अगस्त, 2021 को मैसर्स क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज, वेल्लोर को दो खुराक के मिश्रण के लिए फेज 4 क्लीनिकल ट्रायल ​​की अनुमति दी थी और यह अध्ययन प्रगति पर था. 17 जनवरी, 2023 को केंद्र सरकार के स्थायी वकील अनुराग अल्हुवालिया ने भी यही स्थिति दोहराई. हालांकि अदालत ने आगे कोई कार्यवाही नहीं की और याचिकाकर्ता या उसके प्रतिनिधि के सुनवाई में उपस्थित नहीं होने पर याचिका को खारिज कर दिया.


 

 

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