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ज्यादा मात्रा में लें तो नशा, कम लें तो दवा!.. Elon Musk लेते हैं Prescription Ketamine... दवा के रूप में ड्रग्स लेना और नशे करना दोनों किस तरह अलग है?

केटामाइन डिप्रेशन के इलाज में क्रांतिकारी साबित हुआ है. यह पारंपरिक एंटीडिप्रेसेंट्स जैसे SSRIs से तेजी से काम करता है, और कुछ मरीजों में घंटों में असर दिखाता है. लेकिन यह FDA द्वारा डिप्रेशन के लिए पूरी तरह मंजूर नहीं है, केवल इसका डेरिवेटिव एसकेटामाइन (स्प्रावाटो) 2019 में स्वीकृत हुआ.

Elon Musk drug controversy
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 02 जून 2025,
  • अपडेटेड 12:17 PM IST

“मैं ड्रग्स नहीं लेता!”- दुनिया के सबसे अमीर शख्स और टेस्ला-स्पेसएक्स के मालिक एलन मस्क ने न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट को खारिज करते हुए यह बयान दिया. इस रिपोर्ट में दावा किया गया था कि मस्क नियमित रूप से केटामाइन, एक्स्टसी और साइकेडेलिक मशरूम जैसे ड्रग्स का इस्तेमाल करते हैं. मस्क ने X पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “न्यूयॉर्क टाइम्स झूठ बोल रहा है. मैंने कुछ साल पहले प्रिस्क्रिप्शन केटामाइन ट्राई किया था, लेकिन अब नहीं लेता.” 

केटामाइन क्या है? मेडिकल बनाम रिक्रिएशनल यूज
केटामाइन एक शक्तिशाली एनेस्थेटिक दवा है, जिसे 1960 के दशक में सर्जरी और आपातकालीन चिकित्सा में इस्तेमाल के लिए विकसित किया गया था. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इसे एसेंशियल दवाओं की लिस्ट में शामिल किया है. लेकिन पिछले दो दशकों में, इसे डिप्रेशन, चिंता और PTSD जैसे मेंटल हेल्थ डिसऑर्डर के इलाज में भी इस्तेमाल किया जा रहा है.

प्रिस्क्रिप्शन यूज: मेडिकल सेटिंग में, केटामाइन को कम खुराक में डॉक्टर की निगरानी में दिया जाता है. यह इंट्रावेनस इंजेक्शन, नेजल स्प्रे (जैसे एसकेटामाइन, जिसे 2019 में FDA ने मंजूरी दी), या लोजेंज के रूप में दिया जाता है. मस्क ने 2024 में पत्रकार डॉन लेमन को बताया कि वह हर दो हफ्ते में “छोटी मात्रा” में केटामाइन लेते हैं, जो उनके डिप्रेशन को कम करने में मदद करता है. उन्होंने कहा, “यह मुझे नेगेटिव माइंडसेट से बाहर निकालता है.” यह प्रिस्क्रिप्शन यूज मेडिकल प्रोटोकॉल के तहत होता है, जहां डोज सख्ती से नियंत्रित होती है.

रिक्रिएशनल यूज: दूसरी ओर, रिक्रिएशनल यूज में लोग केटामाइन को पाउडर के रूप में नाक से सूंघते हैं, इसे इंजेक्शन के रूप में लेते हैं, या ड्रिंक्स में मिलाते हैं. इसे ‘स्पेशल K’ के नाम से जाना जाता है, जो एक पार्टी ड्रग है. यह यूजर्स को तुरंत उत्साह, ट्रान्स जैसी स्थिति और ‘आउट-ऑफ-बॉडी’ अनुभव देता है, जिसे ‘K-Hole’ कहते हैं. लेकिन यह खतरनाक भी हो सकता है, क्योंकि अनियंत्रित खुराक से अनकॉन्शियसनेस, सांस लेने में तकलीफ और यहां तक कि बेहोशी हो सकती है. न्यूयॉर्क टाइम्स ने दावा किया कि मस्क ने निजी पार्टियों में केटामाइन का रिक्रिएशनल यूज किया, कभी-कभी इसे एक्स्टसी और मशरूम जैसे अन्य ड्रग्स के साथ मिलाकर.

केटामाइन की शारीरिक लत (जैसे ओपिओइड्स या अल्कोहल) कम होती है, लेकिन मनोवैज्ञानिक निर्भरता का खतरा रहता है. बार-बार इस्तेमाल से टॉलरेंस बढ़ता है, यानी वही असर पाने के लिए ज्यादा खुराक चाहिए. यूनिवर्सिटी ऑफ एक्सेटर की प्रोफेसर सेलिया मॉर्गन के अनुसार, 2023 में यूके में 2,000 से ज्यादा लोग केटामाइन की लत के लिए इलाज लेने पहुंचे. रिक्रिएशनल यूज में लोग बिना मेडिकल सुपरविजन के ज्यादा और बार-बार डोज लेते हैं, जिससे मेमोरी लॉस, डिल्यूजनल थिंकिंग और ब्लैडर डैमेज जैसे साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं. 

एलन मस्क का केटामाइन विवाद
न्यूयॉर्क टाइम्स की हालिया रिपोर्ट ने मस्क के ड्रग्स यूज को लेकर सनसनी मचा दी. इसमें दावा किया गया कि मस्क ने केटामाइन, एक्स्टसी और मशरूम का इस्तेमाल किया, जिससे उनकी सेहत और कंपनियों पर असर पड़ सकता है. लेकिन मस्क ने इसे सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने कुछ साल पहले केवल प्रिस्क्रिप्शन केटामाइन लिया था, जो डिप्रेशन के लिए था. उन्होंने X पर लिखा, “मैं ड्रग्स नहीं लेता. यह पुरानी बात है.”

मस्क ने 2024 में डॉन लेमन के साथ इंटरव्यू में स्वीकार किया था कि वह अपने डिप्रेशन के लिए हर दो हफ्ते में थोड़ा केटामाइन लेते हैं. उन्होंने इसे “नेगेटिव केमिकल स्टेट” से उबरने का एक तरीका बताया. लेकिन न्यूयॉर्क टाइम्स ने दावा किया कि मस्क का यूज मेडिकल से ज्यादा रिक्रिएशनल था, और वह इसे रोजाना लेते थे, जिससे उनकी ब्लैडर को नुकसान पहुंचा. यह दावा गंभीर है, क्योंकि मस्क की कंपनियां जैसे टेस्ला और स्पेसएक्स सरकारी कॉन्ट्रैक्ट्स पर निर्भर हैं, और ड्रग्स का गलत इस्तेमाल उनकी विश्वसनीयता को प्रभावित कर सकता है.

केटामाइन के खतरे और फायदे
बता दें, केटामाइन डिप्रेशन के इलाज में क्रांतिकारी साबित हुआ है. यह पारंपरिक एंटीडिप्रेसेंट्स जैसे SSRIs से तेजी से काम करता है, और कुछ मरीजों में घंटों में असर दिखाता है. लेकिन यह FDA द्वारा डिप्रेशन के लिए पूरी तरह मंजूर नहीं है, केवल इसका डेरिवेटिव एसकेटामाइन (स्प्रावाटो) 2019 में स्वीकृत हुआ. मेडिकल सुपरविजन में इसका यूज सुरक्षित माना जाता है, लेकिन लंबे समय तक इस्तेमाल के प्रभावों पर अभी शोध जारी है.

जबकि, रिक्रिएशनल यूज में केटामाइन के गंभीर साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं, जैसे हाई ब्लड प्रेशर, सांस लेने में तकलीफ, मेमोरी लॉस और ब्लैडर डैमेज. 2010 में सेलिया मॉर्गन के एक अध्ययन में पाया गया कि महीने में तीन बार भी इसका यूज करने वाले लोगों में डिल्यूजनल थिंकिंग और मेमोरी की समस्याएं बढ़ सकती हैं. 

 

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