अब कोलेस्ट्रॉल कम करने के लिए नहीं लगवाने होंगे इंजेक्शन! हार्ट अटैक और स्ट्रोक के खतरे को कम करने में मिलेगी मदद

अब तक PCSK9 इनहिबिटर दवाएं केवल इंजेक्शन के रूप में उपलब्ध थीं. इन्हें हर कुछ सप्ताह या महीनों में लगवाना पड़ता था, जिससे कई मरीज बीच में इलाज छोड़ देते थे.

bad cholesterol
gnttv.com
  • नई दिल्ली ,
  • 17 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 3:20 PM IST

अगर आप हाई कोलेस्ट्रॉल की दवा लेने से बचते हैं क्योंकि इंजेक्शन लगवाना पड़ता है, तो अब राहत की खबर है. FDA ने दुनिया की पहली ओरल PCSK9 इनहिबिटर दवा लिपफेंड्रा (Lipfendra) को मंजूरी दे दी है. यह गोली शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल यानी LDL को तेजी से कम करने में मदद करती है. इससे लाखों मरीजों के लिए इलाज आसान हो जाएगा, हालांकि भारत में इसके आने में अभी समय लग सकता है.

क्या है नई दवा और क्यों है खास?
अब तक PCSK9 इनहिबिटर दवाएं केवल इंजेक्शन के रूप में उपलब्ध थीं. इन्हें हर कुछ सप्ताह या महीनों में लगवाना पड़ता था, जिससे कई मरीज बीच में इलाज छोड़ देते थे. नई दवा लिपफेंड्रा रोजाना एक गोली के रूप में ली जा सकेगी. इसे अमेरिकी कंपनी Merck ने बनाया है.

कैसे काम करती है यह गोली?
यह दवा शरीर में मौजूद PCSK9 नाम के प्रोटीन को ब्लॉक करती है. यह प्रोटीन लिवर को खून से LDL यानी बैड कोलेस्ट्रॉल हटाने से रोकता है. जब PCSK9 का असर कम होता है तो लिवर ज्यादा LDL साफ करता है और कोलेस्ट्रॉल तेजी से घटता है. क्लीनिकल ट्रायल में इस दवा ने LDL को करीब 56% तक कम किया, जबकि आनुवंशिक रूप से हाई कोलेस्ट्रॉल वाले मरीजों में यह कमी 58.2% तक रही. इसका असर इंजेक्शन वाली PCSK9 दवाओं के बराबर माना जा रहा है.

भारत के लिए क्यों अहम है यह मंजूरी?
भारत में हाई कोलेस्ट्रॉल तेजी से बढ़ती समस्या बन चुका है. ICMR की रिपोर्ट के अनुसार, देश के 81% से ज्यादा लोगों में किसी न किसी तरह की लिपिड समस्या है. वहीं करीब 18.5 करोड़ भारतीयों का LDL कोलेस्ट्रॉल सामान्य से ज्यादा है. हाई LDL को अक्सर साइलेंट किलर कहा जाता है क्योंकि यह बिना किसी लक्षण के धीरे-धीरे धमनियों में जमा होता रहता है. कई लोगों को इसका पता तब चलता है, जब हार्ट अटैक या स्ट्रोक हो जाता है.

यह नई दवा इन लोगों के लिए

  • जिनका LDL स्टैटिन लेने के बाद भी ज्यादा रहता है.

  • जिन्हें स्टैटिन से मांसपेशियों में दर्द जैसी परेशानी होती है.

  • जिन्हें जन्म से ही हाई कोलेस्ट्रॉल (Familial Hypercholesterolemia) की समस्या है.

भारत में कब मिलेगी?
फिलहाल यह दवा केवल अमेरिका में मंजूर हुई है. भारत में उपलब्ध होने से पहले इसे भारतीय नियामक संस्थाओं से मंजूरी लेनी होगी. इसके बाद कीमत, बीमा कवरेज और सरकारी गाइडलाइन तय करेंगी कि यह कितने लोगों तक पहुंच पाएगी. अभी PCSK9 इंजेक्शन का सालाना खर्च एक लाख रुपये से ज्यादा हो सकता है.

 

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