Advertisement

Health Risk Of Refrigerated Dough: गूंथे हुए आटे को फ्रिज में रखना कोई स्मार्ट स्टेप नहीं... ब्लोटिंग से लेकर एसिडिटी तक होती है कई परेशानी, न्यूट्रिशन भी होता है गुल

कई लोगों को आदत होती है कि वह समय बचाने के लिए एक ही बार आटा गूंथते हैं, और बचा हुआ आटा बाद के लिए बचा लेते हैं. सुनने में तो यह बड़ा समार्ट स्टेप लगता है, लेकिन सुनने में यह जितना अच्छा लगता है, इसके सेहत पर उतने ही ज्यादा गलत प्रभाव पड़ते है.

AI Generated Image
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 09 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 3:36 PM IST

कई लोग समय बचाने के लिए एक ही बार में आटा गूंथ लेते हैं. जिसके बाद बचे हुए आटे को फ्रिज में रख देते हैं, जिससे उन्हें बाद में आटा गूंथने की जरूरत न पड़े, और फटाफट रोटियां सेंक सके. यह तरीका आसान और समय बचाने वाला जरूर लगता है, लेकिन लंबे समय तक फ्रिज में रखा आटा सेहत के लिए अच्छा नहीं माना जाता है. यह आटा खास तौर पर उन लोगों के लिए परेशानी खड़ी कर सकता है, जिन्हें डाइजेशन से जुड़ी परेशाना है.

फ्रिज में आटा रखने से बदलता है स्वाद

दरअसल आटा गूंथने के बाद उसमें बदलाव होना शुरू हो जाते हैं. फ्रिज का ठंडा तापमान इन बदलावों को स्लो करता है. लेकिन उन्हें पूरी तरह रोक नहीं पाता. जैसे-जैसे समय बीतता है, आटे में खमीर बनना शुरू होने लगता है. जब आटे में खमीर पैदा हो जाता है, तो इससे आटे का स्वाद और बनावट बदल सकती है.

अगर आटा को ज्यादा समय तक फ्रिज में रखा जाए तो खमीर के चलते इसके स्वाद में खटास आने लगती है. जिससे रोटी भी खट्टी बनती है और इस आटे भी बनी रोटी कई लोगों को भारी भी महसूस होती है.

डाइजेस्ट करने में मुश्किल होती है रोटी

लंबे समय तक फ्रिज में रखे आटे से बनी रोटी पेट के लिए भारी हो सकती है. साथ ही जब ऐसा होता है तो कुछ लोगों को गैस, पेट फूलने और एसिडिटी जैसी परेशानी हो सकती है. अगर आपको अक्सर रोटी खाने के बाद पेट में भारीपन या गैस पैदा होती है, तो इस आदत को रोकने की जरूरत है.

कम हो जाता है न्यूट्रिशन भी

ताजा आटे से बनी रोटी में गेहूं का नेचुरल न्यूट्रिशन मिलता है. लेकिन आटे को लंबे समय तक रखने से कुछ विटामिन और मिनरल धीरे-धीरे कम हो सकते हैं. ऐसे में रोटी पेट तो भर सकती है, लेकिन ताजे आटे जितना फायदा नहीं मिल सकता.

ब्लड शुगर पर भी पड़ता है असर

फ्रिज में लंबे समय तक रखे आटे में स्टार्च जल्दी टूट जाता है. जिससे इससे बनी रोटी में फाइबर कम होता है और यह जल्दी डाइजेस्ट हो जाती है. जब रोटी जल्दी डाइजेस्ट होती है, तो इससे ब्लड शुगर लेवल में भी स्पाइक आ जाता है. जिससे यह शुगर के पेशेंट्स के लिए ठीक नहीं होती .

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Advertisement