ममता ऑफिस से घर आई और सीधे बाथरूम में चली गई. तेज गर्मी, पसीने से भीगा शरीर और थकान... सब मिलकर उसे बस ठंडे पानी की तरफ ही खींचा. नहाने के बाद थोड़ी राहत मिली, लेकिन शाम होते-होते जब रसोई में काम शुरू हुआ तो फिर वही हाल. पसीना, चिपचिपाहट और बेचैनी. खाना बनाने के बाद ममता ने बिना सोचे-समझे एक बार फिर शॉवर ले लिया. और रात होते-होते वो दो बार से ज्यादा नहा चुकी थी.
ममता की यह कहानी आज अकेली नहीं है. गर्मियों में ऐसे हजारों लोग हैं जो दिन में दो से तीन बार नहाकर खुद को ठंडा रखने की कोशिश करते हैं. लेकिन सवाल यह है कि क्या ऐसा करना सही है? क्या बार-बार नहाना शरीर के लिए फायदेमंद है या नुकसानदायक?
गर्मी में नहाना राहत तो देता है...
डॉक्टरों के अनुसार, गर्मी में नहाने से शरीर का तापमान तुरंत नीचे आता है और व्यक्ति फ्रेश महसूस करता है. खासकर जब पसीना बहुत ज्यादा आता है, तो शॉवर एक तरह से मानसिक और शारीरिक राहत देता है. लेकिन यह राहत स्थायी नहीं होती. कुछ ही देर बाद शरीर फिर से वातावरण के तापमान के अनुसार गर्म हो जाता है और पसीना आने लगता है. यानी नहाना गर्मी का इलाज नहीं, सिर्फ अस्थायी आराम है.
बार-बार नहाने से त्वचा पर असर
हमारी त्वचा पर एक प्राकृतिक ऑयल लेयर होती है, जो उसे नमी और सुरक्षा देती है. जब कोई व्यक्ति दिन में बार-बार नहाता है, खासकर साबुन का इस्तेमाल करके, तो यह परत धीरे-धीरे खत्म होने लगती है. इससे त्वचा रूखी, खिंची हुई और संवेदनशील हो सकती है. कई लोगों में खुजली, जलन और ड्राईनेस की समस्या भी बढ़ जाती है. डॉक्टरों के मुताबिक, लोग फ्रेश महसूस करने के लिए बार-बार नहाते हैं, लेकिन इससे स्किन की हेल्थ प्रभावित हो सकती है.
पसीना रुकता नहीं, सिर्फ साफ होता है शरीर
बार-बार नहाने से पसीना आना कम हो जाता है. लेकिन डॉक्टर साफ कहते हैं कि ऐसा नहीं होता. पसीना आना शरीर का प्राकृतिक सिस्टम है, जो तापमान को कंट्रोल करता है. नहाने से सिर्फ त्वचा साफ होती है, पसीना बनना बंद नहीं होता. इसलिए बार-बार शॉवर लेना समस्या का समाधान नहीं है.
हालांकि कुछ लोगों के लिए दिन में दो बार नहाना ठीक हो सकता है, जैसे-
जो लोग बहुत ज्यादा धूप में काम करते हैं
जिनका काम फिजिकल मेहनत वाला होता है
जिन्हें सामान्य से ज्यादा पसीना आता है
बहुत ठंडा पानी भी नहाने के लिए नहीं है सही
गर्मी में ठंडे पानी से नहाना अच्छा लगता है, लेकिन बहुत ज्यादा ठंडा पानी शरीर को अचानक झटका दे सकता है. इससे कुछ लोगों को सर्दी-जुकाम या कमजोरी महसूस हो सकती है. डॉक्टर सलाह देते हैं कि पानी सामान्य तापमान का होना चाहिए, ताकि शरीर पर अतिरिक्त दबाव न पड़े.
ज्यादा साबुन का इस्तेमाल भी नुकसानदायक
बार-बार नहाने के साथ अगर बार-बार साबुन का इस्तेमाल किया जाए तो समस्या और बढ़ सकती है. साबुन त्वचा के प्राकृतिक तेल को तेजी से खत्म कर देता है, जिससे स्किन जल्दी ड्राई हो जाती है. गर्मी में यह समस्या और बढ़ जाती है.
क्या है सही तरीका?
डॉक्टरों के अनुसार गर्मी में दिन में एक बार पूरा स्नान पर्याप्त माना जाता है. अगर बहुत ज्यादा पसीना आए तो सिर्फ पानी से शरीर को धो लेना बेहतर विकल्प है. इसके साथ हल्के कपड़े पहनना, पर्याप्त पानी पीना और धूप से बचना भी जरूरी है.
ये भी पढ़ें