8 मिनट का गुस्सा भी दिल के लिए खतरनाक, 40 मिनट तक सिकुड़ती रहती हैं नसें, बढ़ता है हार्ट अटैक-स्ट्रोक का खतरा

जब हमें गुस्सा आता है तो शरीर में स्ट्रेस हार्मोन जैसे कॉर्टिसोल और एड्रेनालिन तेजी से बढ़ते हैं. ये हार्मोन धमनियों की अंदरूनी परत को सख्त कर देते हैं. इससे नसें ठीक से ढीली नहीं हो पातीं और ब्लड फ्लो में रुकावट आती है.

anger increase heart attack risk
gnttv.com
  • नई दिल्ली ,
  • 16 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 9:05 AM IST
  • 8 मिनट का गुस्सा दिल पर भारी
  • बढ़ सकता है हार्ट अटैक- स्ट्रोक का खतरा

क्या आपको भी बात-बात पर गुस्सा आता है? अगर हां, तो यह खबर आपके लिए है. एक नई स्टडी में सामने आया है कि सिर्फ 8 मिनट का गुस्सा भी हमारे ब्लड वेसल्स पर बुरा असर डाल सकता है. इतना ही नहीं, इसका असर करीब 40 मिनट तक रहता है. लंबे समय तक ऐसा होने से दिल की बीमारी, हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है.

कैसे हुई स्टडी?
अमेरिका के कई संस्थानों के शोधकर्ताओं ने 280 स्वस्थ वयस्कों पर यह अध्ययन किया. इनमें से किसी भी प्रतिभागी को हार्ट डिजीज, डायबिटीज या हाई ब्लड प्रेशर जैसी समस्या नहीं थी. इन्हें चार ग्रुप्स में बांटा गया. एक ग्रुप से कहा गया कि वे 8 मिनट तक कोई ऐसी घटना याद करें जिससे उन्हें गुस्सा आया हो. दूसरे ग्रुप को एंग्जाइटी या उदासी से जुड़ी यादें सोचने को कहा गया. तीसरे ग्रुप को न्यूट्रल बने रहने के लिए जोर से गिनती करने को कहा गया. इसके बाद वैज्ञानिकों ने जांचा कि उनकी रक्त वाहिकाएं कितनी अच्छी तरह फैल पा रही हैं. यही फैलने की क्षमता स्वस्थ दिल और सुचारु रक्त संचार के लिए जरूरी होती है.

क्या निकला नतीजा?
जिन लोगों ने गुस्से वाली यादें ताजा कीं, उनकी रक्त वाहिकाओं की फैलने की क्षमता लगभग आधी रह गई. यह असर 40 मिनट तक बना रहा. जबकि उदासी या चिंता वाले समूह में ऐसा कोई खास बदलाव नहीं दिखा. यानी सिर्फ गुस्सा ही ऐसी भावना थी जिसने ब्लड वेसल्स की कार्यक्षमता पर सीधा असर डाला.

गुस्सा शरीर में क्या करता है?
जब हमें गुस्सा आता है तो शरीर में स्ट्रेस हार्मोन जैसे कॉर्टिसोल और एड्रेनालिन तेजी से बढ़ते हैं. ये हार्मोन धमनियों की अंदरूनी परत (एंडोथीलियम) को सख्त कर देते हैं. इससे नसें ठीक से ढीली नहीं हो पातीं और रक्त प्रवाह में रुकावट आती है. नतीजा ब्लड प्रेशर बढ़ता है और दिल पर दबाव पड़ता है. अगर ऐसा बार-बार हो, तो नसों को रिकवर होने का समय नहीं मिलता. धीरे-धीरे प्लाक जमा होने लगता है और हार्ट अटैक या स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है.

क्या एक बार का गुस्सा खतरनाक है?
डॉक्टरों के मुताबिक, एक बार गुस्सा आने से तुरंत दिल की बीमारी नहीं हो जाती. लेकिन अगर व्यक्ति को अक्सर गुस्सा आता है या वह गुस्से को कंट्रोल नहीं कर पाता, तो लंबे समय में यह दिल के लिए नुकसानदेह हो सकता है.ब्लड वेसल्स की कम होती लचीलापन को दिल की बीमारी का शुरुआती संकेत माना जाता है.

दिल को बचाना है तो गुस्से पर काबू जरूरी
कार्डियोलॉजिस्ट मानते हैं कि अगर लोग गुस्से और दिल के बीच के इस संबंध को समझ लें, तो समय रहते अपनी आदतें बदल सकते हैं.

गुस्सा कम करने के आसान तरीके

  • प्रतिक्रिया देने से पहले गहरी सांस लें और 10 तक गिनें.

  • रोजाना हल्की एक्सरसाइज, वॉक या योग करें.

  • मेडिटेशन और माइंडफुलनेस अपनाएं.

  • अगर गुस्सा कंट्रोल से बाहर हो, तो काउंसलर या थेरेपिस्ट की मदद लें.

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