मोमोज खाने से पहले हो जाएं सावधान! मार्केट में बिक रही खराब चटनी, खाने से तुरंत हो सकती है फूड पॉइजनिंग

मोमोज से ज्यादा खतरा उसके साथ मिलने वाली चटनी और खराब स्वच्छता से होता है. अगर चटनी लंबे समय तक खुले में रखी जाए, बार-बार इस्तेमाल की जाए या गंदे पानी से तैयार की गई हो, तो उसमें बैक्टीरिया तेजी से पनप सकते हैं.  बरसात के मौसम में यह जोखिम और बढ़ जाता है.

कानपुर में 115 किलो संदिग्ध चटनी नष्ट (Photo: Representational)
gnttv.com
  • कानपुर,
  • 16 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 10:59 AM IST
  • खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में कई जगह गंदगी
  • मोमोज की आड़ में सेहत से खिलवाड़

अगर आप भी शाम को दोस्तों के साथ मोमोज खाना पसंद करते हैं या अक्सर सड़क किनारे मिलने वाले मोमोज खाते हैं, तो थोड़ा सतर्क होने की जरूरत है. कानपुर में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की जांच में तीन मोमोज बनाने वाली इकाइयों में गंभीर लापरवाही सामने आई है. जांच के दौरान कई करीब 115 किलोग्राम खराब चटनी मौके पर ही नष्ट करा दी गई. अधिकारियों ने मोमोज और चटनी के नमूने लेकर लैब जांच के लिए भेज दिए हैं. रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई होगी.

ठेलों पर बिकने वाले मोमोज भी जांच के दायरे में
अभियान सिर्फ फैक्ट्रियों तक सीमित नहीं रहा. मसवानपुर क्षेत्र में मोमोज बेचने वाले ठेलों की भी जांच की गई. यहां रंगीन फिंगर चिप्स और चटनी भी स्वच्छता के मानकों पर खरी नहीं उतरी. इन्हें भी मौके पर नष्ट कराया गया. अधिकारियों का कहना है कि जहां भी खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन मिलेगा, वहां सख्त कार्रवाई की जाएगी.

मोमोज से ज्यादा खतरा उसकी चटनी से
मोमोज से ज्यादा खतरा उसके साथ मिलने वाली चटनी और खराब स्वच्छता से होता है. अगर चटनी लंबे समय तक खुले में रखी जाए, बार-बार इस्तेमाल की जाए या गंदे पानी से तैयार की गई हो, तो उसमें बैक्टीरिया तेजी से पनप सकते हैं.  बरसात के मौसम में यह जोखिम और बढ़ जाता है.

आम लोगों को क्या करना चाहिए?
सड़क किनारे या ऐसी दुकानों से मोमोज खाने से बचना बेहतर होगा, जहां साफ-सफाई को लेकर भरोसा न हो.
अगर खा भी रहे हैं तो वहां से खाएं जहां चटनी ढककर रखी गई हो.
दुकानदार दस्ताने या साफ बर्तनों का इस्तेमाल कर रहा हो.
दुकान के पास खाद्य पंजीकरण (FSSAI) का लाइसेंस हो.

फूड पॉइजनिंग का खतरा बढ़ सकता है
खराब, बासी या गंदे तरीके से बने मोमोज खाने से फूड पॉइजनिंग का खतरा बढ़ जाता है. यदि मोमोज या उसके साथ परोसी जाने वाली चटनी खराब हो, लंबे समय तक खुले में रखी गई हो या गंदे पानी से तैयार की गई हो, तो उसमें बैक्टीरिया और वायरस पनप सकते हैं. ऐसे मोमोज खाने के बाद उल्टी, दस्त, पेट में दर्द, मरोड़, मतली और बुखार जैसी समस्याएं हो सकती हैं. गंभीर मामलों में पेट और आंत का संक्रमण (गैस्ट्रोएंटेराइटिस), शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) और दूषित पानी के इस्तेमाल से टायफाइड या हैजा जैसी बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है. इसलिए हमेशा ताजे, अच्छी तरह भाप में पके और साफ-सुथरी जगह पर बने मोमोज ही खाने चाहिए.

इनपुट- सिमर चावला 

 

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