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Explainer: क्या है एंटीबायोटिक सीमेंट, जानिए कैसे हड्डियों के संक्रमण को रोकता है

अमेरिकी शोधकर्ताओं ने एक ऐसा एंटीबायोटिक सीमेंट विकसित किया है, जिससे हड्डियों के संक्रमण को रोका जा सकता है. शोध की मानें तो इस एंटीबायोटिक सीमेंट से हड्डियों को ठीक करने के लिए इंसानों की प्रतिरोधक क्षमता मजबूत हुई है.

क्या है एंटीबायोटिक सीमेंट, जानिए कैसे हड्डियों के संक्रमण को रोकता है
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 18 अक्टूबर 2022,
  • अपडेटेड 2:10 PM IST
  • एंटीबायोटिक सीमेंट से मजबूत होती है प्रतिरोधक क्षमता
  • खून के जरिए पहुंचता है बैक्टीरिया

हड्डियों में संक्रमण होना एक खतरनाक बीमारी है. कई बार हड्डियों के संक्रमण की वजह से शरीर के अंगों को काटना भी पड़ जाता है. हाल ही में अमेरिकी शोधकर्ताओं ने एक ऐसा एंटीबायोटिक सीमेंट विकसित किया है, जिससे हड्डियों के संक्रमण को रोका जा सकता है.

ब्रिघम सेंटर फॉर इंजीनियर थेरेप्यूटिक्स' के सह-निदेशक और अध्ययन के प्रमुख लेखक हे लिन जंग ने दावा किया है कि एंटीबायोटिक सीमेंट के परिणाम काफी उत्साहजनक रहे हैं. वर्तमान में खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने इस एंटीबायोटिक सीमेंट को मंजूरी भी दे दी है, जो मूल रूप से हड्डी के ऊतकों को विकसित करती है. 

एंटीबायोटिक सीमेंट से मजबूत होती है प्रतिरोधक क्षमता
शोध की मानें तो इस एंटीबायोटिक सीमेंट से हड्डियों को ठीक करने के लिए इंसानों की प्रतिरोधक क्षमता मजबूत हुई है. उन्होंने कहा, हमें बेहतर एंटीबायोटिक दवाओं की एक नई पीढ़ी का निर्माण करना चाहिए, जो इस उभरती जरूरत को पूरा करने के लिए अनुकूलित हो. गौरतलब है कि हर साल 7 लाख लोग एंटीबायोटिक दवाओं के इस्तेमाल के कारण जान गंवा देते हैं. बता दें कि 34 हजार लोगों पर शोध के बाद निष्कर्ष निकाला गया है. 34 हजार लोगों पर शोध के बाद निष्कर्ष निकाला गया.

शोधकर्ताओं ने कहा कि सर्जरी जैसी सामान्य प्रक्रियाओं में स्टेफिलोकोकल जैसे जीवाणु से संक्रमण होता है, जिसका वर्तमान में एंटीबायोटिक दवाओं के साथ इलाज किया जाता है. ये दवाएं संक्रमण को सटीक रूप से लक्षित नहीं कर पाती हैं. इसलिए ज्यादा मात्रा में दवा लेने के कारण मरीज की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने से संक्रमण बढ़ जाता है.

खून के जरिए पहुंचता है बैक्टीरिया
जिस तरह बैक्टीरिया शरीर के दूसरे अंगों के टिशू पर हमला करते हैं. उसी तरह से हड्डियों पर भी हमला करते हैं. ये सूक्ष्म जीवी बैक्टीरिया आमतौर पर खून के जरिये हड्डियों तक पहुंच जाते हैं. कुछ मवाद पैदा करने वाले सूक्ष्म जीवी बैक्टीरिया से हड्डियों में गंभीर संक्रमण रोग हो सकता है.

क्या होते हैं संक्रमण के लक्षण?
इस संक्रमण के कई लक्षण होते हैं, जैसे- हड्डियों में असहनीय दर्द होना. त्वचा पर लालपन और सूजन आ जाना. छूने पर ऊपरी त्वचा गर्म होने जैसे लक्षण दिखना. छूने पर ऊपरी त्वचा गर्म होने जैसे लक्षण दिखना. त्वचा पर जख्म वाली जगह से मवाद का रिसना. मवाद का रंग पीला और गाढ़ा या द्रवीय होना. 

ऐसे बनाई गई है ये सीमेंट
शोधकर्ताओं ने एंटीबायोटिक सीमेंट बनाने के लिए पॉलीमेथाइल मेथैक्रिलेट का उपयोग किया. टीम ने प्रीक्लिनिकल मॉडन में दवा की संवेदनशील और दवा प्रतिरोधी बैक्टीरिया की जांच की. पीएमएमए सीमेंट स्टैफिलोकोकल बोन इंफेक्शन के खिलाफ वर्तमान में उपयोग किए जाने वाले सभी एंटीबायोटिक लोडेड सीमेंट्स की तुलना में अधिक प्रभावशाली रहा.

 

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