कई बार ऐसा होता है कि हम किसी चीज़ या काम के लिए एक कमरे से दूसरे कमरे में जाते हैं, लेकिन वहां पहुंच यह भूल जाते हैं कि आखिर हम यहां आए ही क्यों थे. यह एक बात है, लेकिन उतनी ही हैरान कर देने वाली भी है. कई बार लोग समझ बैठते हैं कि उनकी याददाश्त कमजोर हो गई है. लेकिन हकीकत में यह कुछ और ही है. इसका याददाश्त कमजोर होने से कोई लेना-देना नहीं, साइंस के लफ्ज़ों में यह तो बस एक इफेक्ट है, जिसे 'डोरवे इफेक्ट' कहा जाता है. लेकिन कैसे काम करता है यह इफेक्ट और आखिर होता क्यों हैं ऐसा, चलिए सबकुछ जानते हैं.
क्या है 'डोरवे इफेक्ट'
साइंस कहती है कि जब हम एक कमरे से दूसरे कमरे में जाते हैं, तो हमारा दिमाग खुद को वहां के हिसाब से एडजस्ट करने के लिए रीसेट करता है. इस रीसेट के कारण दिमाग पिछली गैर-जरूरी बातों को भूल जाता है, और नई जानकारी के लिए खुद को तैयार करता है. इसी वजह से हम किस कारण वहां आए थे, हम इस चीज़ को भूल जाते हैं. यही कहलाता है 'डोरवे इफेक्ट'.
अगर इसे आसान भाषा में समझें, तो हमारा दिमाग एक स्मार्टफोन की तरह काम करता है. जैसे हम फोन को स्मूद चलाने के लिए गैर जरूरी ऐप्स बंद कर देते हैं, वैसे ही दिमाग भी गैर-जरूरी जानकारी को हटाकर खुद को क्लीयर करता है. जब आप किसी नए कमरे में जाते हैं, तो दिमाग इसे एक नई शुरुआत मानता है और पुरानी जानकारी को क्लियर कर देता है. यह कोई कमजोरी नहीं, बल्कि दिमाग का बेहतर तरीके से काम करने का तरीका है.
क्यों होते हैं हम इस इफेक्ट के शिकार
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हमारा ध्यान कई कामों में बंटा रहता है. जब हम थके हुए होते हैं, टेंशन में होते हैं या एक साथ कई काम कर रहे होते हैं, तो दिमाग के फोकस करने की ताकत पर असर पड़ता है. ऐसे स्थिति में दिमाग 'डोरवे इफेक्ट' का ज्यादा शिकार होता है. इसी कारण हम कई बार छोटी-छोटी बातों को भूल जाते हैं.
कैसे बच सकते हैं 'डोरवे इफेक्ट' से
डोरवे इफेक्ट से बचने के लिए कुछ आसान उपाय अपनाए जा सकते हैं. जैसे कि जिस चीज़ को लेने जा रहे हैं उसको अच्छे से दिमाग में याद रखें. साथ ही रास्ते में उस चीज़ के बारे कुछ बोलते हुए या गुनगुनाते हुए चले. ऐसा करने से आपके दिमाग से वह चीज़ आसानी से बाहर नहीं निकलेगी. इसके अलावा आप उस चीज़ से जुड़ी किसी चीज़ को भी साथ रख सकते हैं, ऐसा करने से वह चीज़ आपको याद दिला देगी कि आप किस मकसद से कमरे में आए थे.
कब लें डॉक्टर से सलाह लेना
आमतौर पर कमरे में जाकर काम भूल जाना एक आम बात है और इसमें घबराने की कोई जरूरत नहीं. लेकिन अगर आप रोजमर्रा की जिंदगी में जरूरी बातें जैसे लोगों के नाम, जरूरी मीटिंग्स या अहम काम बार-बार भूलने लगें, तो यह रेड फ्लैग है और इस स्थिति में आपको डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए.