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दुनिया में फिर से बढ़ सकता है कोरोना का खतरा, WHO ने जताई चिंता

दुनिया भर में कोरोना के बढ़ते आंकड़ों को देखते हुए डब्ल्यूएचओ ने चिंता जताई है. डब्ल्यूएचओ प्रमुख ने कहा कि, "पिछले चार हफ्तों में कोविड-19 की वजह से विश्व स्तर पर मौतों में 35% की वृद्धि हुई है."

दुनिया में फिर से बढ़ सकता है कोरोना का खतरा, WHO ने जताई चिंता
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 18 अगस्त 2022,
  • अपडेटेड 10:42 AM IST
  • ओमिक्रॉन है कोरोना का प्रमुख वेरिएंट
  • कोरोना से मौतों का बढ़ रहा है आंकड़ा

भारत के साथ-साथ दुनिया भर में एक बार फिर से कोरोना के मामले बढ़ने लगे हैं. इसको लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने चिंता जताई है. डब्ल्यूएचओ का कहना है कि आने वाले महीनों में वायरस के संचरण और अस्पताल में भर्ती होने के जोखिम फिर से बढ़ने की संभावना है. डब्लूएचओ ने कहा कि जैसे-जैसे ठंड का मौसम आता है, कई लोग ज्यादातर घरों में समय बिताना पसंद करते हैं. और इसके साथ ही तेजी से बीमारी फैलने और अस्पताल में भर्ती होने की संभावना भी बढ़ जाती है.

कोरोना से मौतों का बढ़ रहा है आंकड़ा
डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक डॉ टेड्रोस एडनॉम घेब्रियेसिस ने कहा, "पिछले चार हफ्तों में कोविड-19 की वजह से विश्व स्तर पर मौतों में 35% की वृद्धि हुई है. अभी पिछले एक हफ्ते में, दुनिया भर में 15,000 लोग COVID-19 से अपनी जान गंवा चुके हैं. ये और ज्यादा चिंताजनक इसलिए भी है क्योंकि जब हमारे पास संक्रमण को रोकने और जान बचाने के लिए सभी उपकरण हैं."

ओमिक्रॉन है कोरोना का प्रमुख वेरिएंट
उन्होंने आगे कहा, "हम सभी इस वायरस से थक चुके हैं, और महामारी से थक चुके हैं. लेकिन वायरस हमसे नहीं थक रहा है. Omicron प्रमुख संस्करण बना हुआ है, BA.5 सब-वेरिएंट पिछले महीने में साझा किए गए 90% से ज्यादा मामलों में सामने आया है." COVID, मंकीपॉक्स और अन्य मुद्दों पर एक साप्ताहिक प्रेस वार्ता में बोलते हुए, WHO प्रमुख ने यह भी बताया कि कैसे कोविड के ऐसे जोखिमों को टाला जा सकता है.

टल नहीं है कोरोना का खतरा
डब्ल्यूएचओ प्रमुख ने कहा कि, "आज हम में से कोई भी असहाय नहीं है, यदि आपने टीका नहीं लिया है तो जल्द से जल्द जाकर उसे लगवाएं. अगर आपने बूस्टर नहीं लगवाया है, तो वो भी लगवाए. ज्यादा भीड़-भाड़ में न जाएं, घर पर ही रहने की कोशिश करें, अगर किसी कारणवश जाना पड़े तो मास्क का जरूर से इस्तेमाल करें. भले ही कोविड के साथ जीना सीखना जरूरी है', लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि कोरोना का खतरा अब टल गया है.

 

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