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Ayodhya Deepotsav 2026: 36 लाख दीपों की रोशनी से जगमगाई रामनगरी, देखें उपराष्ट्रपति और सीएम योगी की मौजूदगी में त्रेतायुग जैसा अलौकिक नजारा

gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 07 नवंबर 2026,
  • Updated 10:50 PM IST
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मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम की प्राणप्रिय नगरी अयोध्या में शनिवार को 'सरयू के कनक कछार' पर उस समय त्रेतायुग जैसा उल्लास दिखा, जब 36 लाख से अधिक दीपों की कतार में राष्ट्र आस्था का वितान जगमगाने लगा. गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में लगातार 10वीं बार रामनगरी में सरयू तट पर आस्था और आत्मीयता के दीप प्रज्वलित हुए. उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम की पैड़ी पर श्रद्धा और आस्था के दीप जलाए. अतिथियों ने उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा तैयार किए गए रामायण के विभिन्न प्रसंगों पर आधारित 3डी होलोग्राफी प्रोजेक्शन मैपिंग और लाइव परफॉर्मेंस के साथ भव्य लेजर शो का अवलोकन भी किया. उपराष्ट्रपति ने अपने भाषण में इस आयोजन की खूब प्रशंसा की. इस अवसर पर भगवान राम के अयोध्या आगमन पर भव्य आतिशबाजी भी की गई.
 

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शनिवार की सांझ रामनगरी में फिर अद्भुत, अलौकिक, अविस्मरणीय और कल्पनातीत सौंदर्य देखने को मिला. दीपोत्सव-2026 में 36 लाख से अधिक दीपों से जगमगाती रामनगरी को कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर हर कोई अपलक निहारता रह गया. प्रभु श्रीराम की अपनी नगरी अयोध्या के निवासी हों, भारत के अनेक राज्यों से आए श्रद्धालु या फिर दुनिया के कोने-कोने से पहुंचे पर्यटक, सभी अवधपुरी के कण-कण और रज-रज में मर्यादा पुरुषोत्तम राम की छवि देख रहे थे. हर दिशा में 'श्रीराम, जय राम, जय जय राम' गुंजायमान रहा. हर श्रद्धालु के मन में उमंगें हिलोरे ले रही थीं. सहज आह्लाद और आत्मीयता के भावों के साथ आराध्य प्रभु के प्रति आस्था निवेदित करते हुए श्रद्धालुओं को सरयू तट यानी राम की पैड़ी पर जल रहे दीपों के बीच हर्ष और उल्लास की अनुभूति हो रही थी. 'राम राम जय राजा राम', 'जय सिया राम' और 'सियावर रामचंद्र की जय' के उद्घोष के बीच सरयू की लहरों में उठती तरंगों को देखकर ऐसा लगा, मानो सरयू मैया भी 'अपने राम' का स्वागत कर रही हों. अयोध्या के मंदिरों, छोटी गलियों से लेकर मुख्य मार्गों और सभी सरकारी व धार्मिक भवनों पर आकर्षक प्रकाश व्यवस्था की गई थी. नगरवासियों ने भी अपने राम के लिए घरों में दीप जलाए.
 

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आग्रह पर शनिवार को रामनगरी अयोध्या के घर-घर, मठ-मंदिर, आश्रम, चौराहों और भवनों समेत हर जगह दीप प्रज्वलित किए गए. राम की पैड़ी समेत 56 घाटों पर 36 लाख से अधिक दीप जलाए गए. इसके लिए डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय, महाविद्यालयों, इंटर कॉलेजों और स्वयंसेवी संस्थाओं से जुड़े 35 हजार से अधिक स्वयंसेवकों ने दीप बिछाए और उनमें तेल-बाती डालकर दीप प्रज्वलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. वहीं, देश-विदेश से आए आगंतुक सुरम्य, स्वच्छ, सक्षम, नव्य, भव्य और दिव्य अयोध्या के दर्शन कर भाव-विह्वल हो गए.
 

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंत्रिमंडल के सदस्यों के साथ अयोध्या के रामकथा पार्क में मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम, मां सीता, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न, संकटमोचन हनुमान और ऋषि-मुनियों की आरती उतारी. उन्हें तिलक लगाकर और पुष्पमाला पहनाकर श्रद्धा निवेदित की. यहां राम परिवार और ऋषि-मुनियों का पूजन भी किया गया. मंच पर मुख्यमंत्री, संतों और मंत्रियों ने श्रीराम का प्रतीकात्मक राज्याभिषेक भी किया.
 

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अवधपुरी में पुष्पक विमान से 'राम-लक्ष्मण और मां सीता' के उतरने पर हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा भी की गई. मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री समेत अनेक मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों ने उनका रथ भी खींचा. अयोध्या में अपने राजा के प्रति श्रद्धा का यह नजारा देखकर भाव-विह्वल श्रद्धालुओं की आंखों से खुशी के आंसू बह निकले. हर साधु-संत, सनातन धर्मावलंबी और आमजन ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को आशीर्वाद दिया.

अयोध्या में भव्य दीपोत्सव के अवसर पर उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भगवान श्रीराम का राजतिलक किया और उनकी आरती उतारी. सभी ने भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण जी और हनुमान जी को तिलक लगाकर और उपहार भेंट कर श्रद्धा प्रकट की. इसके बाद साधु-संतों और अन्य मंत्रियों ने भी प्रभु श्रीराम का राजतिलक किया और आरती उतारकर अपनी श्रद्धा निवेदित की. पूरा परिसर 'जय श्रीराम' के उद्घोष से गुंजायमान रहा.
 

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योगी आदित्यनाथ ने 2017 में प्रदेश की बागडोर संभालने के बाद दीपोत्सव की परिकल्पना की. उनके प्रयासों से हर साल इसकी भव्यता बढ़ती चली गई और इस वर्ष 36 लाख से अधिक दीप प्रज्वलित हुए. समूची अयोध्या हर तरफ बस 'श्रीराम-मेरे राम' के उद्घोष से गुंजायमान हो उठी. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी रामकथा पार्क और राम की पैड़ी पर 'सियावर रामचंद्र भगवान, पवनसुत हनुमान, वृंदावन बिहारी लाल, सरयू मैया, भारत माता, हर हर महादेव' की जयकार के साथ अपना उद्बोधन शुरू किया. इसका समापन भी 'जय जय श्रीराम' के उद्घोष के साथ किया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की परिकल्पना 'एक भारत-श्रेष्ठ भारत' का शानदार नजारा भी शनिवार को अयोध्या में देखने को मिला. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में हुए दीपोत्सव में हर प्रांत, भाषा, समुदाय, जाति और विधा के लोग आस्था का दीप जलाने पहुंचे.
 

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त्रेतायुग की अयोध्या की शोभा शनिवार को कलियुग में भी अलौकिक दिखाई दी. दीपों से लेकर विश्वगौरव तक, अवधपुरी सीएम योगी के संकल्प की साक्षी बनी. दीपोत्सव में सभी ने अपने आराध्य के प्रति श्रद्धा के दीप जलाए. श्रीराम मंदिर के प्रमुख द्वारों पर तोरणद्वार बनाए गए. कई कुंतल फूलों से पूरी अयोध्या नगरी सजाई गई. सुबह शोभायात्रा में 21 झांकियां निकाली गईं. अन्य देशों के कलाकारों ने भी रामलीला का मंचन किया. देश-विदेश और प्रदेश के 2500 से अधिक कलाकारों को रामनगरी में अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच मिला. चौराहों पर रंगोली बनाकर समृद्धि की कामना की गई.
 

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'प्रभु श्रीराम की उपस्थिति' में हुए दीपोत्सव के दौरान वेदाचार्यों ने सरयू आरती की. उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी सरयू मैया की आरती उतारी. इस दौरान योगी कैबिनेट के अन्य सहयोगी भी शामिल हुए. साधु-संतों के साथ कई विशिष्ट जनों ने भी आरती की. इसके लिए कई मंच तैयार किए गए थे.

दीपोत्सव में स्वदेशी ड्रोन के जरिए अयोध्या के आकाश में श्रीराम की आकृति बनाई गई. रामायण के विविध प्रसंगों की झलकियां देखकर कोई भाव-विह्वल हुआ तो कोई आह्लादित हो उठा. दीपोत्सव में उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों के कलाकारों ने अपनी लोकसंस्कृति से परिचित कराया. भगवान राम के शुभागमन पर भव्य आतिशबाजी भी की गई.
 

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