झारखंड की राजधानी रांची में जेपीएससी में गड़बड़ी को लेकर छात्रों का प्रदर्शन चल रहा है. इस दौरान छात्र विधानसभा मार्च करने के बाद लौटने वाले कुछ छात्र विधानसभा में डट गए और जैसे ही अंधेरा हुआ, उसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया. इसमें कई छात्रों को चोट लगी है.
लाठीचार्ज में किसी के पैरों में तगड़ी चोट लगी है. किसी के हाथों में सूजन आ गई है. क्या शिक्षक? क्या विद्यार्थी? क्या परीक्षार्थी? जो भी थे, हर कोई चोट के बाद अब एक दूसरे की मदद कर रहे हैं. चलिए चोटिल छात्रों से ही जानते हैं कि उनको लाठीचार्ज के दौरान क्या हुआ?
एक छात्र ने बताया कि दौड़ा दौड़ा के मारा गया. निर्दयी जैसा हम लोग को खेत में दौड़ा दौड़ा के मारा गया, गिरा के कीचड़ में हमको मारा गया. लड़कियों को मारा गया.
एक दूसरे छात्र ने बताया कि लोकतंत्र की हत्या हो गई है. हम लोग शांतिपूर्ण थे. एसपी द्वारा बैठाया गया था तो बेठे हुए थे. लेकिन लाइट बंद करके बहनों को, मेरे जो भाई लोग है ना, उनको इतना मारा.
एक शिक्षक को भी हाथ में चोट आयी है. वो एक छात्र को बचाने की कोशिश कर रहे थे. ये तमाम जो छात्राएं थीं, इनके कपड़े बता रहे हैं कि आखिर इनके साथ वहाँ पर क्या कुछ हुआ? अंधेरे में पुलिस ने लाठीचार्ज किया. इनको विधानसभा से हटाने की कोशिश की थी.
बड़ी संख्या में छात्रों का आंदोलन 17 दिन भले बीत गए. लेकिन अभी ये आंदोलन जारी है. चोटिल लोगों ने अपने निशान दिखाए. इनके शरीर पर लाठीचार्ज के निशान हैं. इनके मोबाइल टूट गए हैं. कई लोगों के पैरों में चोट के निशान हैं.
छात्रों का कहना है कि ऐसा नहीं की सत्रह दिन बाद आंदोलन खत्म हो गया. अब छात्र टिक गए है कि जेएसएससी, सीजीएल या तो रद्द होगा, नहीं तो ये आंदोलन जारी रहेगा.