बेतिया में जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने एक साथ कई मुद्दों को लेकर अपनी बात रखी. बेतिया में PK ने बीजेपी सांसद संजय जायसवाल पर तीखा तंज कसा. बेतिया ओवरब्रिज पर जलजमाव को लेकर सवाल उठाए, तो दूसरी तरफ शिक्षकों के 7वें वेतनमान और बेरोजगारी के मुद्दे पर भी बड़ा बयान दिया. प्रशांत किशोर ने कहा कि नेताओं को गोबर, मिट्टी और लाठी-डंडे से नहीं, बल्कि जनता के वोट की चोट से डर लगता है.
संजय जायसवाल पर PK का हमला
बीजेपी सांसद संजय जायसवाल पर पत्थर और गोबर फेंके जाने की घटना को लेकर प्रशांत किशोर ने तंज कसा. उन्होंने कहा कि नेता लाठी-डंडे से नहीं डरते, क्योंकि वे जनता के टैक्स के पैसे से सुरक्षा लेकर घूमते हैं. PK ने लोगों से हिंसा के बजाय वोट की ताकत दिखाने की अपील करते हुए कहा कि जनता अगर वोट नहीं देने का फैसला कर ले, तो नेता ज्यादा डरेंगे और जनता के लिए काम करेंगे.
बेतिया ओवरब्रिज पर जलजमाव को लेकर घेरा
बेतिया के ओवर ब्रिज पर पानी जमा होने के मुद्दे पर भी PK ने संजय जायसवाल को निशाने पर लिया. उन्होंने ओवरब्रिज को लेकर सांसद के पुराने दावों पर सवाल उठाते हुए तंज कसा कि जिस ओवरब्रिज को लेकर संजय जायसवाल दावा कर रहे थे, अब उसी पर पानी जमा हो रहा है. इस बयान के जरिए उन्होंने विकास के दावों पर सवाल उठाए.
आंदोलन और वोट चोरी पर भी बोले PK
मार्च फॉर डेमोक्रेसी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे विपक्षी नेताओं को लेकर प्रशांत किशोर ने कहा कि पिछले दो-तीन महीनों से समाज के अलग-अलग वर्ग, खासकर युवा, कई मुद्दों पर आंदोलन कर रहे हैं. शिक्षा व्यवस्था, कोचिंग के व्यवसायीकरण, पेपर लीक, बेरोजगारी और वोट चोरी को लेकर लोगों में असंतोष है. उन्होंने कहा कि जब तक इन समस्याओं का समाधान नहीं होगा, आंदोलन जारी रहेगा, चाहे कांग्रेस करे, CJP करे या कोई दूसरा दल.
लोकसभा चुनाव से पहले 7वें वेतनमान की मांग
बेतिया में शिक्षक संवाद कार्यक्रम के दौरान प्रशांत किशोर ने शिक्षकों के 7वें वेतनमान का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव से पहले शिक्षकों को 7वां वेतनमान मिलना चाहिए. PK के मुताबिक, बिहार के करीब 6 लाख शिक्षक एकजुट हो जाएं, तो सभी राजनीतिक दलों को उनकी मांग पर समाधान निकालना पड़ेगा. उन्होंने NDA पर निशाना साधते हुए कहा कि करीब 20 साल से सत्ता में रहने के बावजूद शिक्षकों को 7वां वेतनमान नहीं मिला. वहीं, RJD पर भी समान काम-समान वेतन के मुद्दे को लेकर सवाल उठाए.
MLC चुनाव में शिक्षकों से की खास अपील
प्रशांत किशोर ने कहा कि MLC चुनाव सरकार बनाने या गिराने का चुनाव नहीं, बल्कि सरकार को जवाबदेह बनाने और अपने वेतनमान व बच्चों के रोजगार के लिए वोट देने का चुनाव है. उन्होंने शिक्षकों से जाति, धर्म और राजनीतिक दलों से ऊपर उठकर अपने भविष्य के लिए मतदान करने की अपील की. PK ने वित्तरहित शिक्षकों की दशकों पुरानी समस्याओं का समाधान निकालने की जरूरत भी बताई. साथ ही, उन्होंने रोजगार के मुद्दे पर कहा कि जब युवाओं को नौकरी देने की बात उठाई गई, तो अब सरकार रोजगार मेले आयोजित कर रही है. बेतिया में प्रशांत किशोर के इन बयानों में जहां संजय जायसवाल और ओवरब्रिज का मुद्दा चर्चा में रहा. वहीं शिक्षकों के वेतनमान, बेरोजगारी और युवाओं के असंतोष को लेकर भी उन्होंने राजनीतिक दलों को घेरा.
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