उत्तर प्रदेश के बरेली की अदालत में आज एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया गया. एक मां ने अपने ही बेटे के खिलाफ अदालत में गवाही दी. गवाही देते हुए उसने कहा कि अब वह कभी भी अपने उस बेटे का चेहरा नहीं देखना चाहती, जिसने उसका सुहाग उजाड़ दिया और उसके पति की हत्या कर दी. यह मामला बरेली के थाना नवाबगंज क्षेत्र का है, जहां करीब एक साल पहले एक लालची बेटे ने जमीन के लिए अपने ही पिता की हत्या कर दी थी. इस हत्याकांड में मां ने भरी अदालत में अपने ही बेटे के खिलाफ गवाही देकर उसे सजा दिलवाई.
जमीन के विवाद में पिता की हत्या
बताया जा रहा है कि 11 अप्रैल 2025 को आरोपी बेटे ने जमीन के विवाद में अपने पिता की हत्या कर दी थी. आरोपी का नाम छत्रपाल है, जो चार भाइयों में से एक है. उसके पिता के पास करीब 10 बीघा जमीन थी, जिसे लेकर परिवार में अकसर विवाद होता रहता था. घटना वाले दिन भी इसी बात को लेकर पिता-पुत्र के बीच झगड़ा हुआ. विवाद बढ़ने पर आरोपी ने हंसिया से अपने पिता की गर्दन पर हमला कर दिया. गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां रास्ते में ही उनकी मौत हो गई.
मां की गवाही बनी सबसे बड़ा सबूत
घटना के समय घर में मौजूद मां और अन्य परिजनों ने शोर मचाया, जिसके बाद आरोपी वहां से फरार हो गया. पुलिस ने बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया. इस मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से सात गवाह पेश किए गए, जिनमें दो चश्मदीद गवाह भी शामिल थे. इनमें आरोपी का भाई और उसकी मां भी शामिल थे.
मां ने अदालत में साफ शब्दों में कहा कि वह अपने बेटे का चेहरा नहीं देखना चाहती, क्योंकि उसने उसके पति की हत्या कर दी. उसकी यह गवाही इस केस में बेहद अहम साबित हुई.
आरोपी को उम्रकैद और जुर्माना
माननीय न्यायालय के एडीजे-5 न्यायाधीश तबरेज अहमद की अदालत ने सभी सबूतों और गवाहों के आधार पर आरोपी को दोषी करार दिया. अदालत ने आरोपी छत्रपाल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. साथ ही उस पर एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है.
(रिपोर्ट- ऋतुराज पाठक)
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